गौशाले में एक चरनी को साफ-सूखा करके कपडे बिछा कर मरियम ने ईसा को उस में लिटा दिया. ब्रह्माण्ड के पालक के लिये कैसी पालनी. विधाता की गति को पहचानना कई बार बहुत मुश्किल है. किसी को भी इस दिव्य बालक की सही खबर अभी नहीं थी, लेकिन उस रात उस गौशाले से कुछ ही दूर गडरियों के एक समूह के सामने स्वर्गदूतों का एक झुण्ड प्रकट हुआ. सरल स्वभाव के वे गडरिये इस दिव्य घटना को देख आश्चर्य से भर गये. तभी स्वर्गदूतों के प्रधान ने उन से कहा, “हे सरल स्वभाव के धर्मप्रिय सज्जनोँ, आज ईश्वर मनुष्य रूप में इस धरती पर पधारे हैं. दुनियां के राजे महाराजों एवं धनिकों को यह खबर देने से पहले ईश्वर की यह इच्छा है कि तुम जैसे सरल एवं सात्विक स्वभाव के ईश्वर भक्तों को यह खबर दी जाये. तुम लोग तुरंत जाकर मुक्तिदाता का दर्शन करो क्योंकि यह ईश्वर की ओर से तुम्हारे लिये ठहराया गया है कि अन्य लोग इसके बाद ही उनके दर्शन करें