विडंबना !!

1. उनके घर से
करोडों बरामद हुए,
पर वे बेफिकर हैं.
यह तो सिर्फ बचा
जूठन था.

2. कानून ने
उनको
नंगा कर दिया.
उन्हें कोई
फरक न पडा.
वे तो कभी के
कपडे,
उतार चुके थे!

3. कानून की
आंखें खुली
तो क्या हुआ.
कल वे
बन्द हो जायेंगी.
फिर से
लुटेरों का,
चलेगा राज.

Share:

Author: Super_Admin

5 thoughts on “विडंबना !!

  1. लेकिन कानून के आंख से पट्टी उतरी कब. मैं खुली आंखवाली कानून की देवी को देखने से वंचित रह गया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *