कॉपीराईट या प्रतिलिपि अधिकार क्या है 1

चूकि मेरे चिट्ठे सारे चिट्ठों की सामग्री का उपयोग दूसरे लोग कर सकते हैं, एवं चूंकि अन्य कई लोग अपने चिट्ठे से लेखों की चोरी की शिकायत करते है, अत: कई लोगों ने मुझ से लिख कर पूछा कि यह अंतर क्यों है. अत: चिट्ठाजगत के रचनाकर्मियों की जानकारी के लिये पेश है कॉपीराईट या प्रतिलिप अधिकार के परिचय पर एक लेखन परम्परा:

कापीराईट या प्रतिलिपि अधिकार: रचनाधर्मिता मनुष्य का स्वभाव है एवं हजारों साल से लोग अपनी रचनाओं के आधार पर रोजीरोटी कमाते रहे हैं. लेकिन टेक्नॉलजी के विकास के साथ एक नई समस्या पैदा हुई. अब किसी भी कृति की नकल करना आसान हो गया एवं लोग इस सुविधा का नाजायज फायदा उठा कर अवैध कमाई करने लगे. इससे रचनाकारों की कमाई कम होने लगी एवं कम होती कमाई के कारण रचनात्मक कार्यों में (चित्रकला, मूर्तिकारी, लेखन, आदि) मे उनकी रुचि एवं समर्पण कम होने लगा. दूसरी ओर कई रचनाकारों ने कानून के दरवाजे खटखटाने शुरू कर दिये कि उनके पेशे की रक्षा की जाये.

इन कारणों से धीरे धीरे कानून ने रचनाकरों की सुरक्षा को कानूनी संरक्षण देना शुरु किया, एवं समय बीतने के साथ  इस तरह के नियम कडे होने लगे. आज से पांच शताब्दी पहले छापेमशीन के अविष्कार के साथ नकल करने की प्रवृत्ति बहुत बढ गई क्योंकि बिना मेहनत दूसरे की रचना की हजारों प्रतियां बनाकर रचनाकर की जानकारी बिना हजारों प्रतियां बाजार में लाकर अवैध कमाई करना आसान हो गया. फोटोग्राफी, फॉटो-ऑफसेट, केसेट टेप, वीडियो टेप, सीडी, फॉटोकापी इत्यादि के ईजाद होने के साथ साथ इस तरह की नकल करना बहुत आसान हो गया. जिस चीज को एक रचनाकार सालों में बना पाता था (जैसे कि एक पुस्तक का लेखन) उसे चोरी से एक हफ्ते में छाप कर कर कमाई करने की प्रवृत्ति सारी दुनियां में आम होने लगी. इसके साथ साथ प्रजातंत्रिक देशों में रचनाकार की सुरक्षा के लिये कानून भी कडे होने लगे. कम्यूनिस्ट देशों में इस तरह के कानून कम थे, लेकिन बाजार की शक्तियों के आगे ये भी धीरे धीरे इस तरह की कानूनी संरक्षण देने लगे है.

आज लगभग सारी दुनियां में कॉपीराईट या प्रतिलिपि अधिकार के कानून बन चुके हैं. इनमें से एक है पेटेंट अधिकार जिसके अनुसार किसी व्यक्ति के अविष्कार पर एक निश्चित समय तक उसका हक बनता है. इस अवधि में सिर्फ उसकी कानूनी मंजूरी के साथ ही कोई व्यक्ति उस वस्तु का निर्माण एवं बिक्री कर सकता है. दूसरा है कॉपीराईट या प्रतिलिपि अधिकार.  इन नियमों के अनुसार किसी भी रचनात्मक  कृति (अविष्कार नहीं) पर एक निश्चित समय तक रचनाकार एवं उसके वारिसों का अधिकार रहता है. अधिकार के दौरान सिर्फ उनकी लिखित कानूनी मंजूरी द्वारा ही लोग उस रचना का उपयोग कर सकते हैं.

हिन्दुस्तान में कॉपीराईट या प्रतिलिपि अधिकार: धीरे धीरे कॉपीराईट या प्रतिलिपि अधिकार हर देश में कडे होते जा रहे है. इन में सबसे कडी व्यवस्था वाले देशों में से एक है हिन्दुस्तान. अपने देश की कॉपीराईट या प्रतिलिपि अधिकार नियमों के अनुसार एक रचनाकर जैसे ही अपनी कृति पूर्ण कर लेता है तब से उस के ऊपर पूर्ण रूप से उसका कॉपीराईट या प्रतिलिपि अधिकार होता है. यह अधिकार उसकी मृत्यु के 60 साल बाद तक उसके कानूनी वारिसों के पास रहता है. इस बीच कोई भी गैर व्यक्ति बिना लिखित अनुमति के उसकी प्रतिलिपि नहीं बना सकता है. बिना कॉपीराईट या प्रतिलिपि अधिकार के किसी रचना (पुस्तक, सीडी, कलाकृति) आदि की प्रति बनाने एवं उसके व्यापारिक उपयोग करने पर गिरफ्तारी, जेल, एवं मोटा जुर्माना हो सकता है. व्यापारिक लक्ष्य के लिये छापे गये पुस्तकों की फॉटोकापी बनाने पर भी यह नियम लागू है.

एक समय था जब कॉपीराईट या प्रतिलिपि अधिकार की सूचना रचना (पुस्तक, सीडी, आदि) पर देना जरूरी था. लेकिन अब यह जरूरी नहीं है. अत: किसी पुस्तक पर उसके कॉपीराईट या प्रतिलिपि अधिकार के बारे में सूचना नहीं है तो किसी को उसकी नकल करके छापने का अधिकार नहीं मिल जाता है. इस कारण प्रतिलिपि (कॉपीराईट) सम्बन्धी सूचना न होने पर भी  जालस्थलों पर उपलब्ध हर चीज का प्रतिलिपि अधिकार सिर्फ रचनाकार का है, एवं कोई भी बिना अनुमति उनकी नकल नहीं कर सकता है. ऐसी नकल को कानून चोरी मानता है.

कॉपीराईट या प्रतिलिपि अधिकार एक बहुत अच्छी चीज है, लेकिन कई अवसरों पर यह विकास को अवरुद्ध भी कर सकता है. अत: इसके कई विकल्प निकाले गये हैं, जिनमें से एक है रचनात्मक आम प्रतिलिपि अधिकार (Creative Commons Copyright) जिसके अंतर्गत कुछ रचनाओं का वैधानिक उपयोग बिना लिखित अनुमति के किया जा सकता है. उदाहरण के लिये सारथी का यह चिट्ठा ले लीजिये. इसके अलावा और भी चिट्ठे हैं जिनके बारें में मै एक अन्य लेख मे लिखूंगा. [क्रमश:]

चिट्ठाजगत पर सम्बन्धित: कॉपीराईट, प्रतिलिपि-अधिकार, रचनात्मक-आम-प्रतिलिपि-अधिकार, copyright, copyright-violation, creative-commons, public-domain, freeware, open-software,

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Author: Super_Admin

3 thoughts on “कॉपीराईट या प्रतिलिपि अधिकार क्या है 1

  1. यह अच्छा विषय। लेख अच्छा है। बहुत से लोग कॉपीराइट को ठीक से नहीं समझ पाते हैं। यह कुछ परिस्थितियों में आपको कॉपी भी करने देता है। इस बारे में मैंने अपनी चिट्ठी मुजरिम उन्मुक्त, हाजिर हों चिट्ठी में दुनिया के देशों के कानून के परिपेक्ष में लिखा है।

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