पत्नी को तलाक देना चाहता हूँ 002

लेख 001 यहां देखें: पत्नी को तलाक देना चाहता हूँ !!

यदि आप पहली बार इस चिट्ठे पर पधारे हैं तो कृपया आलेख 001 को पहले देख लें जहां मूल प्रश्न दिया गया है.
आलेख 1 पत्नी को तलाक देना चाहता हूँ !! पर टिप्पणीकारों ने एक से एक अच्छे सुझाव दिये हैं एवं मैं उनका आभारी हूँ. विश्वनाथ जी की टिप्पणी के बारे में दो शब्द: आपने जो कहा वह एकदम सही है कि इस तरह के प्रश्नों मे सिर्फ एक पक्ष बोल पाता है. एकदम सही है. लेकिन सामान्यतया काऊंसलिंग की ट्रेनिंग में “अनकहे” पक्ष को भी पहचानने की ट्रेनिंग दी जाती है. मैं ने जब सिंगापुर, अमरीका, एवं हालेंड में काउंसलिंग की उच्चतम ट्रेनिंग ली थी तब मेरे अध्यापकों ने इस विषय की खास ट्रेनिंग दी थी, जिसका फल आप कल के आलेख में देख चुके हैं.

आप सब की टिप्पणियों के लिये एक बार और आभार!!


आईये कल के आलेख से आगे बढें

दोस्त, आप जल्दबाजी से पत्नी को दोष दें उसके पहले निम्न बातों को जरा जांचें:

1. आप कहते हैं कि आप ने अपनी पत्नी को पहली बार प्रेमी के साथ बात करते पकडा तो उसे माफ कर दिया. सवाल यह है कि उसके बाद क्या आप ने कभी गुस्से में, या और किसी कारण से,  उसको उसकी पुरानी गलती याद तो नहीं दिलाई. कहीं उसे उस बात को याद दिला कर छेडा तो नहीं? यदि हां तो गलती आप की भी है एवं उसका उसका हल निकालना होगा.

2. कहीं ऐसा तो नहीं है कि माफ करने के बावजूद पत्नी की पहली गलती के कारण पिछले 4 साल आपने उसकी उपेक्षा की हो. यदि हां तो तो गलती आप की भी है एवं उसका उसका हल निकालना होगा.

यदि आप ने ये दोनों कार्य नहीं किये, बल्कि पत्नी की गलती को माफ भी किया, भुला भी दिया, एवं उसे पर्याप्त प्रेम दिया तो फिर इस गलत रास्ते पर जाने के लिए सिर्फ आपकी पत्नी अकेली दोषी है. लेकिन दोषारोपण से समस्या हल नहीं होगी बल्कि उसका इलाज परामर्श द्वारा करना होगा.

यदि आपकी पत्नि यदि आपकी बहुत मानती है, तो बेहतर होगा कि आप खुद उसे एक अच्छे अवसर पर (पर्याप्त समय निकाल कर) बता दें कि उसके प्रेमी के साथ जो संबंध अभी भी हैं उसे आप जानते है तथा यदि वह उसे हमेशा हमेशा के लिये छोड देने के लिये तय्यार है तो आप पुन: उसे माफ करके एवं भुला कर एक नई जिंदगी जीने के लिये तय्यार हैं. उसे इस दुहरे जीवन के सारे पहलुओं, एवं आपके बच्चों पर उसके असर के बारें में, शांति से बतायें. यह भी बतायें कि यह बात कभी न कभी जगजाहिर हो जायेगी एवं उसके फलस्वरूप बहुत सारे परिवारों की इज्जत मिट्टी में मिल जायगी, एवं कई परिवार बर्बाद हो जायेंगे.

कोई भी सामान्य स्त्री अपना विवाह, परिवार, आदि बर्बाद करना नहीं चाहती. अत: इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि वह आपकी बात मान जायगी एवं इस अनैतिक एवं अवैध संबंध को तिलांजली दे देगी. जरूरी हुआ तो अपने सामने उससे उसके पूर्व प्रेमी को फोन करवा दें कि वह उसके साथ आईंदा किसी तरह का रिश्ता नहीं रखना चाहती, एवं यह भी कि उसके पति को सब कुछ मालूम है एवं यह बातचीत उनकी उपस्थिति में हो रही है. ऐसा करने पर आगे बदले की भावना से उसका प्रेमी उसे ब्लेकमेल न कर पायगा.

यदि आपको अपनी पत्नि से यह बात करने में कोई अडचन है तो किसी मित्र या बडेबुजुर्ग की मदद ले लें. लेकिन वह ऐसा व्यक्ति होना चाहिये जो आपके रहस्य को सिर्फ अपने तक रखे.

यह सब करने के बावजूद यदि आपकी पत्नी अपने पुराने मित्र को छोडने के लिये तय्यार नहीं है तो फिर आपको कानून की मदद लेनी चाहिये. मेरा सुझाव है की सीधे तलाक की कोशिश करने के पहले आपको पारिवारिक कोर्ट की मदद लेनी चाहिये क्योंकि वे कई असंभव दिखने वाली पारिवारिक समस्याओं को सुलझा लेते हैं. याद रखें, किसी सुंदर चीज को खंडित करने के लिये सिर्फ एक क्षण पर्याप्त है, लेकिन उसे बनाने के लिये एक पूरा जीवन लगता है. (समाप्त्)

निम्न लेख भी देख लें:

  • हिंसक पति: पत्नी क्या करे — 2
  • हिंसक पति: पत्नी क्या करे?
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    Author: Super_Admin

    4 thoughts on “पत्नी को तलाक देना चाहता हूँ 002

    1. सर जी आज की और आपकी बात बिल्कुल सही है उन्होंने गलती की बार बार याद ही नहीं दिलाई होगी बल्कि व्यंग्य बाण भी छोड़े होंगे /जब टूर पर जाते थे तो आकर जासूसी भी करते थे बरना इन्हे क्या पता कि कहाँ जाती थी /परन्तु एक बात बताइये ये कब कब और कहाँ तक माफ़ करते रहेंगे ==जिनके सुभाव जायेंगे जी से ,नीम न मीठे होयं सींचो चाहे गुड और घी से “”=मानलो उसने फोन कर दिया और फिर भी सम्बन्ध रखा तो /बैसे तो आदमी का स्वाभाव ही शंकालू होता है -दोनों का जीवन नर्क हो जायेगा =रहिमन धागा प्रेम का ना तोड़ो चित्काय -टूटे से फिर ये ना जुड़े ,जुड़े तो गांठ पड़ जाए ये गांठ जिन्दगी भर कसक देती रहेगी -जिन्दगी किताबों में लिखी बातों से नहीं चलती हैं

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