एक बिजली, लाखों का नुक्सान!

सुनते हैं कि उत्तर भारत में इन दिनों गर्मी दिन प्रति दिन बढ रही है और कई जगह ४५ के ऊपर पहुंच गई है. प्रभु की दया से केरल में पिछले २ हफ्तों से जम कर पानी बरस रहा है. जम कर से मेरा मतलब है हर शाम एक घंटा बिना रुके.

सालों पहले जब ग्वालियर से कोच्चि आकर बसा तो यहां की साल में १६५ दिन की बारिश मेरे लिये अजूबा थी. झंझट भी था. लेकिन जब धर्मपत्नी ने पहली बारिश के समय टोका कि बरसात के समय दूरभाष का प्रयोग न करूं, संगणक आदि बंद कर दूं, तो लगा कि वे मजाक कर रही हैं. लेकिन उसी हफ्ते जब मेरे पडोसी के पेड पर बिजली गिरी तो कान पकड लिये.

अगली बरसात के मौसम में दौड कर संगणक बंद करते करते मेरे सामने ही मेरा मॉडम जल गया. प्रभु की दया से केबल को हाथ लगाने के पहले ऐसा हो गया, वर्ना ३०,००० वोल्ट बिजली मेरे बदन से होकर गुजरती तो पता नहीं क्या खाक बचता. इसके अगले साल हम लोग खिडकी से बारिश देख रहे थे कि हमारे आंगने में लगे नारियल पर बिजली गिरी और दस मिनिट में उसका सिर्फ ठूंठ बचा रहा.

इसके कुछ सालों बाद इस इलाके में बीएसएनएल वालों का टावर लग गया और बिजली को उसका तडित-चालक खीचने लगा. हम लोगों ने चैन की सांस ली. लेकिन पिछले हफ्ते जो बिजली गिरी तो लगभग १ मिनिट तक आवाज आती रही और धरती कांप गई. पता चला कि केबिल द्वारा इंटरनेट प्रदान करने वाली दोनों कंपनियों का लाखों रुपये की मशीनें जल गईं. हफ्ते भर जालसंपर्क टूटा रहा. अब जुडा तो ५ मिनिट जाल लग जाता है तो अगले ५५ मिनिट मैं निराश बैठा रहता हूं.

एक बिजली, लेकिन क्या क्या गुल खिला गई इस बार.

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Author: Super_Admin

9 thoughts on “एक बिजली, लाखों का नुक्सान!

  1. शास्त्री जी इन स्थितियों से इधर भी दो चार होना पड़ा है !
    और इधर की गर्मी उफ़ कुछ पूछिए मत !

  2. कुदरत के करिश्मे हैं ये सब जिन्हें आप इतना करीब से देख रहे हैं… तड़ित चालकों के बारे में आपके लेख का इन्तजार है..

  3. अगर अर्थ अच्छी तरह से ओर सही लगा हो तो ऎसी परेशानियां बहुत कम आती है, हमारे यहां तो बरसात बहुत ही ज्यादा होती है, ओर बिजली जब चमकती है तो दिल दहल जाता है, कभी कभार कही बिजली गिर भी जाती है, लेकिन बहुत कम गिर्जाघर कितने ऊंचे होते है, लेकिन उन का अर्थ सही ओर बहुत ही गहरा होता है जिस से ऎसी दुर्घटनाये बहुत कम होती है, टी वी वगेरा तो हम भी बन्द कर देते है, बल्कि स्वीच ही निकाल देते है

  4. आदरणीय नमस्कार
    बिजली के बारे में और जानकारी भी दीजियेगा। जब बरसात में बिजली चमकती है तो क्या सावधानियां रखनी चाहिये।
    मैं तो आज तक जब बारिश हो रही होती है तो टेलीविजन देखता आया हूं। क्या ऐसा नहीं करना चाहिये?

    प्रणाम

  5. तड़ित चालक यन्त्र बहुत लाभदायक है । थोड़ा आलस्य से हो जाता है नुकसान ।

  6. यहाँ भयंकर गर्मी में केरल की बारिश को पढ़कर कुछ रहत मिली … बिजली के नुकसान से बचने के लिए कुछ सावधानियों का ज्ञान हुआ …आभार …!!

  7. शास्त्री जी को मेरा नमस्कार । लेख पढ़ कर अच्छा लगा । सरल और सादगी से भरपूर लेख । मुझे भी बहुत कुछ लिखने को जी करता है ,पर कोशिश कैसे करू और कहा से करू समझ नहीं आता।

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