सारथी-परिचय
छायाचित्र: जीवाजी विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के स्केनिंग टनलिंग माईक्रोस्कोप के साथ. इस मशीन का उपयोग अतिसूक्ष्म भौतिकी अनुसंधान में होता है.
शास्त्री जे सी फिलिप एक समर्पित लेखक, अनुसंधानकर्ता, एवं हिन्दी-सेवी हैं. उन्होंने भौतिकी, देशीय औषधिशास्त्र, और ईसा के दर्शन शास्त्र में अलग अलग विश्व्वविद्यालयो से डाक्टरेट किया है. आजकल वे पुरातत्व के वैज्ञानिक पहलुओं पर अपने अगले डाक्टरेट के लिये गहन अनुसंधान कर रहे हैं. वे एक अमरीकी विश्वविद्यालय के मानद कुलाधिपति भी हैं.
उन्होंने 6 भाषाओं में 60 से अधिक ग्रन्थ एवं 6000 से अधिक लेख दर्शन, धर्म, भौतिकी, विज्ञान, इलेक्ट्रानिक्स, संगणक, मनोविज्ञान, भाषा, जर्नलिस्म, पुरावस्तुशास्त्र, एवं देशी चिकित्सा पद्धतियों पर लिखा है. उनका लिखा "हिन्दु धर्म परिचय" मलयालम भाषा में एक प्रसिद्ध पाठ्य पुस्तक है. उनके द्वारा अंग्रेजी में लिखे गये ईपुस्तकों की 1,000,000 से अधिक प्रतियां (2007 मई तक) वितरित हो चुकी हैं.
शास्त्रीजी का बचपन मध्य प्रदेश के ग्वालियर मे बीता था, जहां उन्होंने कई स्वतंत्रता सेनानियों से शिक्षा एवं प्रेरणा पाई थी. इस कारण उन्होंने अपने जीवन में राजभाषा हिन्दी की साधना और सेवा करने का प्रण बचपन में ही कर लिया था. उनका मानना है कि यदि हम भारतीय संगठित हो जायें तो सन २०२५ से पहले हिन्दुस्तान एक विश्व-शक्ति बन जायगा. फिर से एक सोने की चिडिया भी बन जायगा. इस चिट्ठे में वे इस विषय से संबंधित लेख प्रस्तुत करेंगे.
वैज्ञानिक विषयों के अतिरिक्त उन्होंने जानेमाने अध्यापकों की देख्ररेख में दुनिया के सभी प्रमुख धर्मों का भी अध्ययन किया है. अत: इस चिट्ठे में वे अपने आराध्य पुरुष प्रभु ईसा और उनके अनुयाईयों के बारे में भी लिखेंगे.
इस चिट्ठे पर उनके द्वारा लिखे गये सारे लेख एवं ईपुस्तक "मुक्त" कापीरईट के अंतर्गत रखे गये हैं. आप इनका उपयोग (बिना सम्पादन एवं बिना परिवर्तन के) किसी भी रीति से कर सकते हैं.
वे इन सभी विषयों पर आप के प्रश्नों का स्वागत करेंगे, और उनका जवाब इस चिट्ठे मे देंगे. प्रश्न पूछने के लिये या तो उनको ईमेल भेजें (जिसका पता मुख्य पेज पर दहिनी ओर दिया गया है), या इस चिट्ठे मे हिन्दी या अंग्रेजी में टिप्पणी के साथ अपना प्रश्न भी जोड दें.
सारथी हिन्दी के सबसे अधिक पढे जाने वाले व्यक्तिगत चिट्ठों मे से एक है और हर महीने 500,000 से ऊपर हिट्स पाता है.



