पिछले दोतीन दिन से मैं यह याद दिलाता रहा हूँ कि दूसरे के जालस्थल से बिना अनुमति चित्र न उठायें, न ही कडी के द्वारा उसे अपने चिट्ठे पर दिखायें. दोनों ही काम गैरकानूनी हैं. इसके बदले ऐसे चित्रों का प्रयोग करना चाहिये जो पब्लिक डोमेन में हों, क्रियेटिव कॉमन्स में हों, या जिनके मालिकों ने उनके मुफ्त उपयोग की स्पष्ट अनुमति दी हो.
Illustration: Jeff
जालजगत में लाखों मुफ्त चित्र फैले पडे हैं. सिर्फ खोजने की जरूरत है. आज जालगगत में दाईं ओर दिख रहे किस्म के क्लिपार्ट से लेकर एतिहासिक एवं वैज्ञानिक चित्रों की ऐसी भरमार है कि आप खोजते थक जायेंगे लेकिन मुफ्त चित्र खतम नहीं होंगे.
यदि आपका चिट्ठा वैज्ञानिक विषयों पर है, या एतिहासिक विषयों पर है तो किसी के पैर पडने की जरूरत नहीं है. इन विधाओं में चित्रों के बडे से बडे भंडार आपको मिल जायेंगे. इसका सबसे आसान तरीका है गूगल खोज.
गूगल पर जाकर Public Domain Photographs, Public Domain Clipart, Creative Commons Photographs, Creative Commons Clipart की खोज कीजिये, आपका काम हो जायगा. यदि आप जाल-खोज में पटु नहीं हैं या यदि दूसरों की मदद पसंद करते हैं तो मेरे अगले लेख देखें जहां मैं इस तरह के कुछ जालस्थलों का परिचय एवं समीक्षा प्रस्तुत करूंगा.
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December 16th, 2007 at 8:08 am
शुक्रिया इस उपयोगी टिप्स के लिए!
December 16th, 2007 at 9:44 am
बढिया जानकारी दिया है सारथी जी यह तो बढे काम की जीज है । धन्यवाद ।
पर महोदय, आपके ब्लाग पर इस माह संभवत: यह मेरी तीसरी टिप्पणी है, कई बार यहां आके टिप्पणियों के साईड बार में अपना नाम ढूढता हूं पर नहीं पाता क्या आप मेरी टिप्पणी को डिलीट कर देते हैं या मैं लगभग 140 पोस्ट हिन्दी में लिखने के बाद भी अब भी अज्ञात हूं ? खैर यह आपका अधिकार है आपकी मर्जी है ।
December 16th, 2007 at 12:59 pm
सही कह रहे हैं आप । जाल पर बहुत चित्र उपलब्ध हैं । जो कानूनन आप कॉपी कर सकते हैं ।
December 16th, 2007 at 1:12 pm
बहुत अच्छी जानकारी… शुक्रिया….
December 16th, 2007 at 3:18 pm
हमें तो एक मुफ़्त शब्द ही खींच लाया आज आपके लेख तक। कुछ तो चुम्बक है इस शब्द में।
उपयोगी जानकारी। धन्यवाद
December 16th, 2007 at 5:04 pm
@Sanjeeva Tiwari
प्रिय संजीव
बगलपट्टी पर नाम अपने आप आते हैं. मेरा इसमें कोई हाथ नहीं है. न ही मैं कोई नाम जोड सकता हूं, न मिटा सकता हूं. पूरी तरह तंत्र-संचालित कार्य है.
आपने शायद ठीक से देखा नहीं. आज आपके नाम एवं उसके
ऊपर नीचे के नाम निम्न हैं
anuradha srivastav (3)
Sanjeeva Tiwari (3)
paryanaad (2)
पता नहीं आपसे यह नाम कैसे छिपा रहा !! मेरा तो उद्धेश्य ही मेरे शुभचिंतकों के नाम का प्रचार है, तो भला मैं क्यों नाम मिटाऊगा. ऐसा करने से तो नुकसान मुझे ही है !!
December 16th, 2007 at 6:01 pm
यह अच्छा रहा – कम से कम कुछ स्थल तो हैं जहां से चित्र पाये जा सकते हैं। अगर आपने पहले ही सर्च कर लिये हैं तो कुछ अच्छी साइट्स सुझा सकते है।
December 16th, 2007 at 6:31 pm
@Gyan Dutt Pandey
विस्तार से कई साईटस का वर्णन कई लेखों मे आने वाला है. सुझाव के लिये आभार
December 16th, 2007 at 11:51 pm
बहुत बढ़िया लेख शास्त्रीजी। मेरे साथ एक समस्या है। मैं साइट्स से विषय संबंधी तस्वीरें कापी करता हूं। चाहता हूं कि सोर्स का नाम साभार के तौर पर फोटो के साथ दूं। मगर एन फोटो के नीचे उसे लगाने की तरकीब नहीं पता। क्या उसे पोस्ट के अंत में दिया जा सकता है ?
अब तक जो चित्र लगाए जा चुके हैं उनके लिए क्या एक साथ कोई आभार पंक्ति दर्ज करनी होगी या तस्वीरें हटानी होंगी ?
ऐसी किसी सूचना के बारे में एकबार ईस्वामी की कोई पोस्ट पढ़ी थी। जानकारी का शुक्रिया …
December 17th, 2007 at 12:29 pm
उपयोगी जानकारी देने के लिये आपका शुक्रिया