कुछ हफ्तों की गैरहाजिरी के बाद आजकल सारे चिट्ठों को बडी तेजी से पढने की कोशिश में हूं. इस बीच कुछ कारणों से मीडिया डाक्टर चिट्ठे के पुनरवलोकन का अवसर मिला तो मैं दंग रह गया.
यह मैं ने बहुत पहले ही नोट किया था कि डा. प्रवीण चोपडा अच्छा लिखते है. लेकिन आजकल उनकी कलम में जो तेज भर गया है वह काबिले तारीफ है.
आधुनिक समाज में व्यक्ति हर जगह धोखा खा रहा है, लूटा खसोटा जा है. अर्धसत्य अब सत्य का स्थान लेता जा रहा है. स्वास्थ्य के साथ तो बहुत अधिक खिलवाड हो रहा है. डा प्रवीण के लेख स्वास्थ संबंधी मिथ्या धारणाओं, धोखाधडियों, एवं गलतफहमियों को बहुत स्पष्ट एवं विश्लेषणात्मक तरीके से समझाते हैं. यह चिट्ठा लगभग हर जागरूक व्यक्ति के नियमित पठन की सूची में होना चाहिये.
तो देर किस बात की है. उपर दिख रहे चित्र पर किलकाईये, उनके चिट्ठे पर पहुंचिये एवं एक से एक उपयोगी लेखों का पाठ कीजिये. हां, इन अच्छे चिट्ठों को देखने के बाद “सारथी” को भूल न जायें.





April 11th, 2008 at 7:25 am
वाकई बहुत काम की जानकारी मिलती है चोपड़ाजी के चिट्ठे पे…
April 11th, 2008 at 7:55 am
चोपड़ा जी महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं।
April 11th, 2008 at 9:53 am
टिप्पणी दें न दें, यह अलग बात है लेकिन कभी कभी एक साथ बहुत कुछ पढ़ आते हैं. ढाबे के स्वादु भोजन पर खतरनाक रिपोर्ट पढ़कर तो हम सकते में आ गए थे.
April 11th, 2008 at 11:10 am
इतनी महत्वपूर्ण बातों की ओर ध्यान दिलाने पर भला सारथी जी को कैसे भूलाया जा सकता है ।
April 11th, 2008 at 8:22 pm
अपन भी डॉक्टर साहब के लेखन के फैन हैं, वाकई बहुत बढ़िया लिखते हैं।
April 11th, 2008 at 10:48 pm
कम समय में ही डाक्टर साहब की ल्रेखनी ने नये आयाम तय किये हैं.
April 12th, 2008 at 9:44 pm
वाकई बढ़िया लिखते हैं डॉक्टर साहब।
April 16th, 2008 at 10:50 pm
सारथी जी आपके साईट का साईड बार लीखे हुऐ पर आता है।
वैसे ईससे कोई परेसानी नही है पर अच्छा दीखने के लीये उसे लाईन से थोडा ईधर कर देंतें।
डाक्टर साहब बहुत अच्छा लीकते हैं और आप भी