आपकी समस्याये 003 आप लोगों ने जिस तरह सारथी पर दी गई सुविधा का लाभ उठाते हुए प्रश्न भेजने शुरू किये हैं उसके लिये मैं आभारी हूँ. उम्मीद है कि ये उत्तर बहुत लोगों के लिये उपयोगी होंगे. प्रश्न: शास्त्री जी, आपके चिट्ठे पर कई बार पढा कि यौन शिक्षा की जिम्मेदारी मांबाप की है. मै एवं मेरे पतिदेव यह कार्य कैसे कर सकते है. हमारी बच्ची 3 साल की है एवं बेटा कुछ महीने बाद 2 साल का हो जायगा. शुकर है कि आपने यह प्रश्न अभी पुछा, वर्ना अधिकतर लोग यह प्रश्न तब पूछते हैं जब उनके बच्चे 18 से 20 के हो जाते हैं. दर असल 2 साल की उमर से आपको इस कार्य की तय्यारी शुरू कर देनी चाहिये, क्योंकि यौनशिक्षा का मतलब सिर्फ सहवास के यांत्रिक पहुलुओं के बारें मे बता कर अपने कर्तव्य की इतिश्री करना नहीं, बल्कि जीवन के बारे में (ब्रह्मचर्य, विवाह, परिवार) एक समग्र नजरिया परोसना है. समग्र एवं संतुलित यौनशिक्षा का पहला भाग यह है कि आप अपने बच्चों को मानव शरीर के बारें में वैज्ञानिक जानकारी दें. ऐसी जानकारी देने से पहले यह जरूरी है कि आप उनको महत्वपूर्ण शारीरिक अवयवों के नाम सिखायें. इसका फल यह होगा कि कल आप किसी भी अवयव की चर्चा करते हैं तो आपके पास एक वैज्ञानिक शब्दावली होगी. शरीर के चित्र सहित अवयवों का नाम सिखाने वाल बहुत से पुस्तक आजकल बाजार में उपलब्ध है. अन्य नामों को (जानवरों, फलों, वस्तुओं के) सिखाने के साथ साथ अपने बच्चों को शारीरिक अवयवों के नाम भी सिखायें. जरूरत होने पर सिर्फ उन वस्तुनिष्ठ नामों का प्रयोग करे. यह आपके 3 एवं 2 साल के बच्चों को यौन शिक्षा देने का पहला कदम या नीव है. जब यह तय्यारी आप कर लेंगे तो आगे की पुस्तकों के बारे में जानकारी पाने के लिये “सारथी” पर आते रहें. परामर्श के लिये कृपया अपने प्रश्न बिना नाम एवं परिचय के इस चिट्ठे के दाईं ओर दिये गये फार्म द्वारा सारथी को भेजें!!
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August 31st, 2008 at 2:35 pm
बचपन में बहुत सी ऐसी बातें सामान्य ज्ञान के रूप में बताई जानी चाहिए जिससे भविष्य में यौन सम्बन्धी जानकारी देना सहज हो सके। शास्त्री जी का नजरिया उत्कृष्ट है।
August 31st, 2008 at 4:48 pm
शास्त्री जी से सहमत हैं। गुप्तांगों के वैज्ञानिक नामों का उपयोग करने पर बात में अश्लीलता नहीं प्रतीत नहीं होती इस से बच्चों से बात करने में सुविधा रहेगी।
September 1st, 2008 at 1:48 pm
आपने सही कहा, यदि इस काम को भी एक चरणबद्ध तरीके से बच्चों को सिखाया जाए, तो यह ज्यादा उचित होगा।
June 6th, 2009 at 9:39 pm
very true said shastri ji. This will be very helpful.