हिन्दी मात्र एक भाषा नहीं है!!

Hindi Day मित्रों, नमस्कार!!  मेरी क्रिएटिव टीम एक निकट आ रहे हिन्दी दिवस के  मद्देनज़र एक स्लोगन को छोटी सी डिज़ाइन में रूपांतरित किया है. मुझे बड़ी ख़ुशी होगी यदि आप अपने ब्लॉग पर इसे प्रदर्शित करेंगे. आप इसे डाउनलोड कर पिक्चर के रूप में लगा सकते हैं. बड़ा ही अच्छा होगा यदि हम सब मिल कर हिन्दी के हक़ में माहौल बनाएँ.मेरी एड्रेस बुक में जितने भी संभावित पते मिले मैने उन्हें ये विचार भेज दिया है , आप भी इसे अपने अन्य ब्लॉगर मित्रों को भेज सकें तो बड़ी मेहरबानी.

एक ही अपेक्षा है इस काम को सब मिल कर आगे बढ़ाएँ,कृपापूर्वक इसके लिये मेरे नाम का ज़िक्र कहीं भी न करें,ये एक बड़ा पवित्र  कार्य है और हम सब की ज़िम्मेदारी है. आशा है आपका सहयोग मिलेगा.
संजय

SANJAY PATEL
Mobile:97525-26881

14 Responses to “हिन्दी मात्र एक भाषा नहीं है!!”

  1. sanjay Says:

    मान ली आपकी बात जनाब. धन्‍यवाद

  2. shekhawat Says:

    आपकी बात कम से कम ५०० लोगों तक तो जरुर पहुँचा दूंगा ,हिन्दी प्रसार के लिए साधुवाद |

  3. दिनेशराय द्विवेदी Says:

    हिन्दी के लिए सब स्वीकार।

  4. manvinder bhimber Says:

    hindi ke liya ye to karna hi hoga

  5. सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी Says:

    आदरणीय शास्त्री जी,
    आपकी सोच और प्रेरणा को सलाम! हिन्दी को विश्व-पटल पर संवाद की सशक्त भाषा बनाने के लिए हम सभी हिन्दी-सेवियों को कुछ न कुछ योगदान देना होगा। हिन्दी में काम करने की आदत डालनी होगी, और इसमें गौरव का अनुभव करना होगा। इस दिशा में हिन्दुस्तानी एकेडेमी (इलाहाबाद) पिछली सदी के प्रारम्भ से लगी हुई है। अब इसने अन्तर्जाल का दरवाजा खटखटाया है। आप सभी इस मंच के माध्यम से भी हिन्दी को समृद्ध करने में अपनी ऊर्जा का योगदान कर सकते हैं।

  6. संजीव Says:

    आदरणीय इस चित्र को एचटीएमएल कोड के रूप में भी प्रस्‍तुत कर दिया हूं http://bhilaiance.blogspot.com/2008/09/blog-post.html

  7. समीर लाल Says:

    बहुत सही, कल सुबह ही लगा लूँगा..यहाँ के हिसाब से.

  8. ई-गुरु राजीव Says:

    मैं भी इसे लगा लूँगा.

  9. ई-गुरु राजीव Says:

    ” हिन्दी और अंग्रेज़ी की वर्तमान भारत में स्थिति ” पर आपकी कलम से एक जबरदस्त लेख चाहता हूँ. :)

  10. ई-गुरु राजीव Says:

    एक लेख ” भाषा, मात्री-भाषा, राष्ट्र-भाषा और विश्व-भाषा के रूप में हिन्दी ” पर आप की कलम से चाहता हूँ. आप एक श्रृंखला के रूप में क्यों नहीं लिखते, यह एक अच्छा विषय रहेगा. मैं कुछ शीर्षक सुझाता हूँ :-
    1. हिन्दी का अस्तित्व.
    2. हिन्दी एक बाजारू भाषा. (मार्केटिंग लैंग्वेज)
    3. हिन्दी के प्रोत्साहन-दाता आज के सन्दर्भ में.
    4. हिन्दी राष्ट्र-भाषा है या नहीं.
    5. हिन्दी- एक विश्व भाषा.
    6. हिन्दी- का दक्षिण-भारत में अस्तित्व और महत्त्व. क्या यह बढ़ रही है या घट रही है ?
    7. भाषाई विविधता वाला देश और हिन्दी का महत्व.
    8. क्या हिन्दी अपना स्थान पा सकेगी ?
    9. हिन्दी – हमारी मात्री-भाषा.
    10. हिन्दी भाषा : संविधान की नज़र में.
    11. हिन्दी भाषा से सम्बंधित अनुच्छेद.
    12. बॉलीवुड की हिन्दी भाषा.
    यदि आप की लेखनी इन विषयों पर चल गई तो यह न सिर्फ़ हिन्दी भाषा, सारथी चिट्ठा, चिट्ठा जगत के लिए कल्याणकारी होगा अपितु राष्ट्रोत्थान में आप की महती भूमिका को और ऊँचा उठा देगा.
    आप को सलाह देते हुए भयभीत हूँ, कहीं आप नाराज़ तो नहीं न हो जायेंगे. छोटा मुंह और बड़ी बात जो कर रहा हूँ.
    अग्रिम माफ़ी की अर्जी दायर कर दी है, :) वैसे सज़ा भी स्वीकार्य होगी.;-)

  11. ई-गुरु राजीव Says:

    इसके पहले कि कोई मुझ पर अंगुली उठाए, मैं बता दूँ कि सही मात्री शब्द मुद्रित नहीं कर पा रहा हूँ.

  12. bhuvnesh Says:

    अभी लगाते हैं जी

  13. rajeev jain Says:

    मान ली आपकी बात

  14. Yatish Says:

    फ़िल्म और विज्ञापन सबसे ज्यादा हिन्दी में बनाये जाते है और इन सब में कामकरने के लिए अच्छे अच्छों को हिन्दी सीखनी पड़ती है और वो इससे बहुत पैसा कमाते है पर दुर्भाग्य की वो ही हिन्दी को नीचा दिखाते है

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