माँ चिट्ठा मानवजीवन में मां के महत्व एवं योगदान को याद करने के लिये चालू किया गया है. इसमें मातृत्व के हर पहलू को शब्दों, चित्रों, एवं हर तरह के माध्यम की सहायता से उजागर किया जायगा. कृ्पया दो क्षण आज मां चिट्ठे पर बिताने का कष्ट करें!!
बचपन की याद अभी भी है जब “ऐ मां तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी” हर किसी के जुबां पर थी. मुझे लगता है कि इन पंक्तियों को हम ने बहुत जल्दी भूला दिया.
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Picture: Deivis ArticlePedia | Indian Coins | Sarathi
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September 22nd, 2008 at 7:31 am
मां पर पढ़ना अच्छा लग रहा है। मुझे मेरे ईमेल में इस साइट पर कुछ लिखने के लिए आमंत्रण मिला है। शीघ्र ही कुछ लिखने की कोशिश करती हूं।
September 22nd, 2008 at 7:43 am
सारथी का नया लुक अच्छा लगा।
September 22nd, 2008 at 8:30 am
मेरी माँ दो साल पहले चल बसी थी।
उनकी याद में कुछ महीने पहले अनिता कुमार के ब्लॉग पर एक पोस्ट लिखा था।
अंग्रेज़ी में लिखा था।
anitakumar-chirpings.blogspot.com पर पढ़ा जा सकता है।
September 22nd, 2008 at 9:59 am
if its possible then please try to make a post on virgin mother Rev Mother Mary .
September 22nd, 2008 at 11:04 am
बहुत ही अच्छी शुरुआत।
आपका ब्लॉग भी कुछ नया-नया सा लग रहा है।
September 22nd, 2008 at 12:09 pm
शुक्रिया शास्त्रीजी, वहां अकसर फेरा लग रहा है। अच्छी बातें पढ़ने को मिल रही हैं।
आपके ब्लाग की सज्जा और नया रंग रूप लुभावना है।
बहुत दिनों से इच्छा थी कि कहूं , सारथी रंगरूप बदलिये, सो बिनकहे ही मुराद पूरी हो गई।
September 22nd, 2008 at 3:07 pm
ओह, कोई पिताओं का ब्लॉग भी बनाये!
September 22nd, 2008 at 3:27 pm
बहुत खूबसूरत, सारथी का नया रूप सुखकर है !
September 22nd, 2008 at 5:54 pm
आभार लिंक के लिए.
September 24th, 2008 at 7:13 am
आपका आभारी हूँ की आपने मेरे ब्लॉग पे आके मेरा उत्साह वर्धन किया. मैं अभी पहली बार आपका ब्लॉग पढ़ रहा हूँ, क्योंकि मैं नया हूँ. मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है कि जिस तरह से आपने इतने बेहतरीन संग्रह को अछे तरीके से संवारा hai.
August 17th, 2010 at 12:58 pm
meri maa per kabhi maine dhyan hi nahi dia. per jab mera beta padne mujhse duur bahar gaya hai, meri to rulai he band nahi ho rahi. kuch bhi bhawukta bhare lamhei meri antaria jala detai hai . aab samjhi hu maa ka pyar