3000 हजार रुपये की चपत के लिये आभार दोस्तों!!

सारथी चिट्ठे को 3000 हजार रुपये की चपत लगी इस हफ्ते, आप सब के स्नेह के कारण, अत: मेरा आभार स्वीकार करे! क्यों न आप भी इस रास्ते चल पडें??

Sarathi

आप कहेंगे कि कुछ खुलासा करें! ओके, मामला सारथी के पाठक-संख्या एवं बेंडविड्थ से संबंधित है. जैसे जैसे पाठक संख्या बढती है, वैसे वैसे हर महीने खर्च होने वाला डाऊनलोड-बेंड्विड्थ बढता जाता है. इस महीने 20 तारीख को सारथी के सर्वर कंपनी से नोटिस आ गया कि जिस स्तर पर सारथी के पाठक बढ रहे हैं उस हिसाब से इस महीने सारथी को 5 GB से अधिक बेंडविड्थ की जरूरत पडेगी अत: अतिरिक्त पैसा जमा करवा दिया जाये!

25 सितंबर का आंकडा आप ऊपर देख सकते हैं.  सितंबर 1 से 25 तक लगबभग 3.5 लाख हिट, या 98 हजार पेज पढे गये. 30 तारीख तक सारथी पर सितंबर में पढे गये पन्नों की संख्या आराम से एक लाख से ऊपर पहुंच जायगी. सारथी से प्रेम करने वाले हर चिट्ठाकार को इस जानकारी से खुशी होगी. Sarathi2

इन पच्चीस दिनों में अकेले गूगल ने सारथी को 6600 पाठक दिये,  जिसका मतलब है कि सारथी को प्रति दिन 265 से अधिक पाठक अकेले गूगल दे देता है. अन्य सर्च एंजिन से मिलने वाला यातायात इसके अतिरिक्त है.

sarathi3 सूचना मिलते ही 3000 रुपये अतिरिक्त देकर महीने की बेंडविड्थ 10 जीबी करवा ली है. अब सारथी का एक साल का कुल बिल 6500 रुपया हो गया है.  इससे अधिक बेंडविड्थ की सुविधा यह कंपनी व्यक्तिगत डोमेन के लिये नहीं देती, एवं जिस दिन यह सारथी चिट्ठा यह सीमा पार कर लेगा उस दिन से मुझे व्यावसायिक सर्वर लेना पडेगा.

मित्रों, आपके स्नेह के लिये आभार, जिस कारण सारथी पर इतना अधिक पाठक-यातायात होता है. इतना ही नहीं, पांच मुख्य खोज यंत्रों मे मिला कर सारथी के लगभग 45,000 लिंक्स है, जिसका मतलब है कि सारथी पर यदि आपकी कडी हो खोज यंत्र आपके चिट्ठे को काफी वजन देंगे. 

मित्रों के प्रोत्साहन के लिये सारथी ने दो काम किया है:

1. जिन मित्रों ने अपने चिट्ठे पर सारथी की कडी दे रखी है उन सब को खोज खोज कर हम ने भी अपनी बाईं बगलपट्टी पर शामिल कर लिया है. (यदि कोई छूट गया हो तो मुझे सूचना भेज दें).

2. सारथी पर टिप्पणी करने वाले मित्रों के नाम दहिनी बगलपट्टी पर एक सक्रिय कडी के रूप मे अपने आप दिखाया जाता है. (यह एक विजेट है). इन कडियों को खोज यंत्र काफी महत्व देते हैं, सारथी के कई पाठक भी इनको चटका कर आपके चिट्ठे पर आते हैं. यदि अपकी कडी सक्रिय नहीं है तो सारथी पर अपने नाम की सूचना भरते समय अपने चिट्ठे का जालपता जरूर भरें, आपकी कडी सक्रिय हो जायगी.

पाठकों के स्नेह के लिये सारथी आभारी है!!

(आपका चिट्ठा भी इतना, बल्कि इससे भी अधिक, जनप्रिय बन सकता है. अगले दोतीन दिनों में इसका राज एक बार और लिखूँगा)

(टिप्पणी-पट न दिखे तो उसके लिये आलेख के शीर्षक को क्लिक करें)

26 Responses to “3000 हजार रुपये की चपत के लिये आभार दोस्तों!!”

  1. anil pusadkar Says:

    बधाई आपको। आपकी लोकप्रियता लगातार बढती रहे यही ईश्वर से प्रार्थना है

  2. ranju Says:

    बधाई यूँ ही आगे बढ़ते रहे …राज जानने के इन्तजार रहेगा :) और सारथी ब्लॉग का मेरे ब्लॉग में भी लिंक है .मुझे अपना नही दिख रहा है यहाँ :) .शुक्रिया

  3. Ranjan Says:

    शास्त्री जी, ये चपत तो बहुत अच्छी है.. दुआ करते है की आपको एसी और चपत लगे.. और हमें भी..

    बधाई..

  4. सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी Says:

    आपसे जुड़कर हम भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। सत्यार्थमित्रपर हिट्‍स बढ़ाने के उपाय बताएं। मैने अभी तक कोई उपाय नहीं अपनाया है। केवल लिखता रहता हूँ। और चारो ओर ईमानदारी से वस्तुपरक टिप्पणी भी।

  5. paramjitbali Says:

    बधाई आपको। आपकी लोकप्रियता लगातार बढती रहे |

  6. Lovely Says:

    बधाई..दुआ करते है की आपकी लोकप्रियता बढती रहे.

  7. Anunad Singh Says:

    आप के चिट्ठे की पाठक-संख्या ऐसे ही रात दूनी, दिन चौगुनी बढ़ती रहे।

  8. रवि Says:

    बधाई. व शुभकामनाएँ कि जल्द ही आपको 50,000 की चपत लगे.
    पर, क्या आप यह पैसा अपने जेब से अनंत काल तक भरते रहेंगे या फिर इसके व्यावसायीकरण की योजना है?

  9. dhirusingh Says:

    badhai ,aap ko apki lekhan chamta ko ,aap aise hi nahi hai blogs ki dunia ke shikhar purush.

  10. masijeevi Says:

    हमारा सवाल भी रविजी वाला ही है, आखिर कब तक ?

  11. ई-गुरु राजीव Says:

    हम तो पैदा ही चपत लगाने के लिए हुए हैं. :)
    दरअसल अभी हम कुछ कार्यों में व्यस्त थे, अब कहीं नहीं जायेंगे.
    मेरी मम्मी ने पूछा कि जब से ब्लोगिंग कर रहे हो, पता है कि कितने की चपत लगी है ! इसीलिए ब्लॉग-जगत से ज़रा छुट्टी ले ली थी, वह भी बिना (प्रार्थना-पत्र) ऍप्लिकेशन के. :)
    पिछले मंगलवार को यदि आपने सुबह अख़बार पढा था तो इलाहाबाद की एक ख़बर थी वह भी मुख्य-पृष्ठ पर. पूर्व-मंत्री के पौत्र का अपहरण. हरामखोर मेरे भाई को किडनैप कर के बिहार ले गए थे, ५० लाख की फिरौती भी मांगी थी. उनका जो भरता बनाया गया है, सारी उमर याद रखेंगे. ई-गुरु राजीव के परिवार को चपत लगाने चले थे, न जानते न कि शास्त्री जी जैसे बड़े-बड़े सूरमाओं तक को हम चपत लगा चुके हैं. ;-)
    गुरूवार को छुडा लिया गया. अब घर में जश्न का माहौल है. बहुत जल्द आप पूरे त्रिपाठी परिवार को ऑनलाइन देख पायेंगे. फ़िर मेरा पूरा परिवार ब्लॉग-जगत को चपत लगायेगा. :)
    व्यावसायिक चिट्ठा तो बहुत ही जल्द बन जायेगा ‘सारथी’, शास्त्री जी की जेब जो ढीली करवानी है. ;-)
    बहुत ज्ञान बघारते हैं, अब समझ में आएगा, जब एक-आध लाख सालाना देना होगा. ;-)
    पंगा वह भी ई-गुरु से !!!!

  12. मिहिरभोज Says:

    शूभ शुभ बोलो गुरूजी मुझे लगा कि किसी ने आपके क्रैडिट कार्ड से पैसे मार लिए.भगवान करे ऐसी चपत मुझे भी लगे

  13. Prashant Says:

    वाह सर,
    मुझे आज भी वो टिप्पणी याद है जो मैंने सबसे पहले आपको लिखा था.. पिछले साल अक्टूबर में आपने चिट्ठाकारों के ऊपर कुछ लिखा था.. और मैंने कमेंट किया था कि हम भी एक साल से नव चिट्ठाकारों की श्रेणी में बैठे हुये हैं.. मुझे भी तो इस श्रेणी से बाहर निकालिये.. और आपने उत्तर में मेल किया था.. आपके उस मेल से मुझे इतना प्रोत्साहन मिला जिससे मैंने लगातार लिखना शुरू किया.. अब अपने पुराने पोस्ट को देखता हूं तो खुद ही ये पाता हूं कि मेरी भाषा और लिखने का तरीके में बहुत सुधार आया है(वैसे अभी भी बहुत कुछ सिखना है..) इन सब के पीछे मैं आपका, अपने भैया(अविनाश) का, समीर जी का और ज्ञान जी को बहुत धन्यवाद देना चाहूंगा.. आप सभी ने मेरा शुरूवाती दिनों में मेरा बहुत साथ दिया..

    वैसे एक बात और बताना चाहूंगा.. पिछले साल अगस्त 2007 में मुझे 368 पाठक मिले थे और इस साल अगस्त 2008 में मुझे 6988 पाठक मिले.. :)

  14. Zakir Ali 'Rajneesh' Says:

    भगवान करे, आपकी यह चपत दस हजार की हो जाए।

  15. Zakir Ali 'Rajneesh' Says:

    भगवान करे आपकी चपत ११ हजार तक पहुंच जाए।

  16. नरेश सिहं राठौड. Says:

    बधाई आपको। आपके पाठको की संख्या लगातार बढती रहे। हमारी हिन्दी भाषा पर पकड कमजोर है,इसके लिये क्षमा चाहेगें

  17. लोकेश Says:

    जिन मित्रों ने अपने चिट्ठे पर सारथी की कडी दे रखी है उन सब को खोज खोज कर हम ने भी अपनी बाईं बगलपट्टी पर शामिल कर लिया है।

    पढ़कर बहुत देर तक हंसता रहा!

  18. सतीश सक्सेना Says:

    बधाई !

  19. अशोक पाण्‍डेय Says:

    हमारी शुभकामना है कि आप के चिट्ठे की लोकप्रियता इसी तरह बढ़ती रहे। हार्दिक बधाई। आपकी उपलब्धि हमारे लिए भी प्रेरणास्रोत है।

  20. venus kesari Says:

    ३००० हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च जो आपको करना पड़ा उसके लिए आपको हार्दिक बधाई
    वीनस केसरी

  21. अजित वडनेरकर Says:

    शास्त्रीजी बधाई, मगर मेरा सवाल वही है जो रतलामी जी ने पूछा है।

  22. उन्मुक्त Says:

    चपत लगने की बधाई इस आशा के साथ कि यह बढ़ेगी :-)

  23. Yatish Says:

    एसी चपत बहुत मेहनत से मिलती है ईश्वर करे इसमे और हिजाफा हो. जरा इससे होने वाली आय के बारे मे भी प्रकाश डालिये, आज कल अखबारो मे पडते है की ब्लोगिग से बहुत से लोग अब अपनी आजीविका चला रहे है.

  24. Shastri JC Philip Says:

    सारथी के सारे मित्रों को उनकी टिप्पणी के लिये आभार!!

  25. Sanjay Says:

    आपको बहुत बहुत बधाई शास्‍त्री जी, वह राज जानने की उत्‍सुक्‍ता है कि कैसे इतने हिट अर्जित कर रहे हैं. उम्‍मीद है कि जल्‍द बताएंगे. बैंडविड्थ की समस्‍या से मैं भी जूझ रहा हूं हालांकि अभी आपसे आधी ही लगती है लेकिन हर महीने बढ़ती जा रही है. मैं होस्‍ट बदलने का इच्‍छुक हूं पर समझ नहीं आ रहा कि कैसे करूं और किस पर यकीन किया जाए. कुछ मार्गदर्शन कर सकें तो आभारी रहूंगा.

  26. Pryas Says:

    बहुत बहुत बधाई शास्‍त्री जी!!!

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