प्रश्न: शास्त्री जी, उम्मीद है कि आप मेरी मदद करेंगे. मेरी उमर 30 साल है. चार साल पहले शादी हुई थी. शादी के फौरन बाद पत्नी के असामान्य व्यवहार के कारण उस पर नजर रखने लगा एवं उसे अपने पूर्व प्रेमी के साथ बात करते हुए एवं मिलने की योजना बनाते हुए पकड लिया. तब उसने माफी मांग ली एवं कसम खाई कि वह उस संबंध को हमेशा के लिये छोड देगी. लेकिन पिछले हफ्ते मुझे पता चला कि वह न केवल अपने प्रेमी से अभी भीं संबंध रखे है, बल्कि मैं जब टूर पर होता हूँ तब वह उससे मिलने भी जाती है (हम सब एक ही शहर के हैं). अब ऐसा कोई आसान रास्ता बता दीजिये शास्त्री जी कि मैं उसे तलाक दे दूँ एवं किसी सतचरित्र स्त्री से विवाह कर सकूँ. प्रिय दोस्त, आपका प्रश्न परामर्श के लिये प्रेषित करने के लिये धन्यवाद. मेरे उत्तर एवं परामर्श को जरा सबर से, ध्यान लगा कर, दो तीन बार जरूर पढें, क्योकि विवाह, विवाह के पश्चात परस्पर विश्वस्त जीवन बिताना, दैनिक जीवन की समस्याओं का समाधान, तलाक, तलाक का मानसिक आघात, पुनर्विवाह, तालमेल आदि आसान बात नहीं हैं. न ही किसी व्यक्ति को जल्दबाजी में इनमें से कोई कार्य करना चाहिये. इतना ही नहीं, आपने यह नहीं लिखा है कि आपके कोई बच्चा है क्या जिससे कि परामर्श देते समय मैं उस की भी चर्चा कर सकता. खैर मैं दोनों स्थितियों को इस परामर्श में जोड दूँगा, लेकिन उस कारण यह परामर्श काफी लम्बा हो जायगा. सबसे पहले तो मैं कुछ जरूरी बातें याद दिलाना चाहता हूँ: 1. विवाह विच्छेद हर समस्या का समाधान नहीं है, न ही पुनर्विवाह खुश दांपत्य जीवन की गारंटी है. किसी भी चीज को खंडित करना आसान है, लेकिन शुरू से निर्माण कठिन होता है. 2. कई बार समस्या का जो कारण हम को सूझता है, जरूरी नहीं है कि कारण वही हो. वस्तुनिष्ठ विश्लेषण से ही पता चलेगा कि असल समस्या क्या है, समस्या का कारण क्या है, एवं सबसे अच्छे समाधान क्या क्या हो सकते हैं. सबसे पहले तो यह समझ लें कि आज के खुले एवं उन्मुक्त वातावरण में कई जवान लोग प्यार के चक्कर में पड जाते हैं. इसमें कोई ताज्जुब नहीं है. लेकिन ऐसे कई लोग या तो अपनी कायरता के कारण या जिद्दी एवं हिंसक मांबाप/रिश्तेदारों के कारण अपने प्रेमी/प्रेमिका से शादी करने के बदले परिवार द्वारा चुने गये व्यक्ति से शादी कर लेते हैं एवं एक पुरानी बातें भूल कर जीवन के एक नये अध्याय में प्रवेश करते है. उनका भूतकाल शायद ही कभी उनको फिर परेशान करता है. समस्या तब होती है जब लोग अपने भूतकाल को छोडने/भूलने के बदले दुहरा जीवन जीने की कोशिश करते हैं. एक ओर वे विवाहित हैं एवं जीवनसाथी के साथ निभाने की कोशिश करते हैं, लेकिन दूसरी ओर उनका पहला प्यार वे छोड नहीं पाते एवं लुकछुप कर वे प्रेमी के साथ संबंध रखने की कोशिश करते हैं. आपके पत्नी के साथ यही हो रहा है. चूँकि आप की पत्नी के पहले प्यार के बारें में आपको विवाह के फौरन बाद सूचना मिल गई थी एवं चूँकि आपने उसे माफ करके उसके साथ एक नया जीवन बिताने की ठान ली थी, अत: अब सबसे पहले यह देखना होगा कि इस निर्णय को व्यवहार में लाने में कहां चूक हुई है. इस बात को न भूलें कि हो सकता है कि कोई भूलचूक आप से भी हुई हो. जी हां, हो सकता है कि पत्नी का गलत व्यवहार आप की भूलचूक के कारण हुई हो (क्रमश:)
यदि आपको टिप्पणी पट न दिखे तो आलेख के शीर्षक पर क्लिक करें, लेख के नीचे टिप्पणी-पट दिख जायगा!!
ArticlePedia | Guide4Income | All Things Indian
इस विभाग के पिछले 10 पोस्ट
- हिन्दुस्तानी हो, हिन्दुस्तानी बनो!
- डॉ अरविंद -- बड़े बड़ों की बातें!
- चिट्ठाकारों को नंगा करने की साजिश!!
- पुरुष समलैंगिकता और स्वास्थ्य!
- नंगे होने पर ही ये लिख पाते हैं!!
- कौन हैं ये अज्ञात टिप्पणीकार!!
- सारे वकील लुटेरे होते हैं??
- परनिंदा कीजिये: चिट्ठे हिट करवाईये??
- चिट्ठा-कुंठासुर: एक विश्लेषण
- क्या जरूरत है इन पचडों की!!




October 11th, 2008 at 3:42 pm
Quote:
इस बात को न भूलें कि हो सकता है कि कोई भूलचूक आप से भी हुई हो. जी हां, हो सकता है कि पत्नी का गलत व्यवहार आप की भूलचूक के कारण हुई हो
Unquote
मेरे मन में भी यही विचार आए थे।
इस मंच पर ऐसी समस्याओं पर आपको केवल एक तरफ़ का दृष्टिकोण मिल पाता है। पत्नि क्या कहना चाहती है ? उसकी कहानी क्या है? यह जाने बगैर सही सलाह देना कठिन है। जब तक दंपत्ति आपसे नहीं मिलते और आप विस्तार से पूछताछ नहीं करेंगे, सलाह देना कठिन है। फ़िर भी आपका यह प्रयत्न प्रशंस्नीय है। नियमित रूप से आपका ब्लॉग पढ़ने लगा हूँ। अगली कड़ी की प्रतीक्षा में और
शुभकामनाएं सहित,
विश्वनाथ
October 11th, 2008 at 8:24 pm
बेहतर है कि प्रेम से और धीरज से इस प्रकरण पर चर्चा कि जाए /
नहीं तो बेहतर है कि अलग अलग रास्तों पर चला जाए/
October 11th, 2008 at 8:45 pm
मेरा मानना है कि संबंध तोड़ने में तो पलभर का समय लगता है लेकिन जोड़ने में बहुत वक्त। लेकिन यदि दो संबंधों में विश्वास नहीं रह जाए तो साथ रहनें में कोई फायदा नहीं अलग होना बेहतर।
October 12th, 2008 at 1:37 am
प्रिय मित्र,
मैं आपकी समस्या समझ सकता हूँ , सबसे पहले आप यह पता लगायें की आपकी पत्नी के सम्बन्ध शादी के पूर्व से है या शादी के बाद से?
१. अगर पूर्व से है : तो उनको समझाए की उनको पूर्व के संबंधो को छोड़ना पड़ेगा. क्योंकि शादी वह गाड़ी है जो इस्त्री और पुरूष के सहारे ही चलती है, अगर एक भी ग़लत हो तोह वह ज्यादा नही चल सकती. उनको समझाए की एक इस्त्री दो घरों की इज्ज़त लेकर चलती है. उनको बताएं की ऐसा करके वह २ नही तीन घरों की इज्ज़त ख़राब केर रही है. आपके, उनके और अपने प्रेमी के. बल्कि आप कहे की उस रिश्ते को छोड़ने में आप उनकी पुरी मदद करनें को तैयार है !
२. अगर बाद के हैं तो : उनसे पूछे की उनको किस कारन वह सम्बन्ध बनाने पड़ें! क्या आपसे कोई परेशानी थी, या घर से या और किसी चीज से? अगर वोः परेशानी बताती है तो शांत सवभाव से उसका निदान करें ! और अगर वह अनचाहे रूप से इस रिश्ते मैं फस गई है तोह उनसे पूछे शायद वह आपसे मदद चाहती हो पर आप समझ न प् रहे हो !
कर्प्या पुरे मामले को शान्ति पूर्वक सोल्व करें और तलाक़ का ख्याल मन से निकाल कर ही बात करें!
इश्वर आपकी सहायता करें !
– gaurav
October 12th, 2008 at 1:55 am
विश्वासघात चाहे वह मर्द करे या औरत उसे सज़ा मिलनी चाहिए. और फ़िर इस मामले में पति ने एक बार रंगे हाथ पकड़ने पर भी माफ़ कर दिया फ़िर उसके साथ धोखा! मर्द की गद्दारी के लिए क़ानून हैं, महिला संगठन हैं, महिलाओं की ठेकेदारनियाँ है, और ऐसी बेवफा औरतों के लिए क्या कानून है? एडल्टरी तलाक़ का एक जायज़ कारण है पर क्या वह केवल महिलाओं की सुविधा के लिए है? भारत में शायद पत्नी के विवाहेत्तर संबंधों पर पति को तलाक़ लेने की सुविधा नहीं है (है भी तो, सिर्फ़ कागजों पर है).
October 12th, 2008 at 2:01 am
सर जी /आपने आवेदक की प्रार्थना पर विशेष ध्यान नहीं दिया /आप कह रहे हैं की नया जीवन विताने की ठान ली थी उसे व्यबहार में लाने में आपसे कहाँ चूक हुई और पत्नी का व्यबहार आपकी चूक का परिणाम तो नहीं है /आवेदक साफ़ साफ़ कह रहे हैं की उन्होंने मुआफी दे दी थी और पत्नी ने कसम खा ली थी की हमेशा के लिए उसका साथ छोड़ देगी -लेकिन इसके बाद भी सम्बन्ध जारी है और इनके टूर पर जाने के समय वे वे पूर्व प्रेमी से मिलती हैं /गृहस्थी की गाडी परस्पर विश्वास पर टिकी होती है =उत्तर देते वक्त आपने ये नहीं सोचा की यदि इसी प्रकार युवक शंका से भरा रह कर जीवन [[आपके कहने से ]]जीता रहा तो क्या चैन से रह सकेगा -क्या एकाध बच्चा होने पर यदि इसको शंका हुई कि किसका ? तो जीवन नर्क नहीं हो जायेगा /वेहतर है दोनो स्वेच्छा से प्रथक हो जाएँ -यदि वह पूर्व प्रेमी के साथ सुखद जीवन व्यतीत कर सकती है तो वह भी सुखी रहेगी और ये भी /जबरन थोपना ठीक नहीं/
October 12th, 2008 at 4:58 am
ऐसे में बच्चा हो जाता है तो जीवन भयावह हो जाएगा, और फ़िर तलाक़ भी मुश्किल हो जाएगा
October 12th, 2008 at 3:03 pm
सही कहा आपने “हो सकता है कि कोई भूलचूक आप से भी हुई हो. जी हां, हो सकता है कि पत्नी का गलत व्यवहार आप की भूलचूक के कारण हुई हो “
February 9th, 2011 at 9:38 pm
sidhi si bat hai aapke ek bar samzhane ke bavjood usne apne purane premi se sambandh banaye hue hai aise me aap ko sidhe talak le leni chahiye varna aage aapki jindgi nark ban jayegi kyoki aapke dimag me hamesa yahi sab ghumega fir bachche hone par bhi samsya aur badegi fir sabse badi presani aaj ka ye dour hai bhai mere jisme nari ek bar dahlij landh li fir vapas aana muskil hai isliye isi mudde ko talak ka aadhar banao jisse talak jaldi mil jayega nahi to ek vakil se consult karo aur kuchch mat socho.
March 7th, 2011 at 10:30 pm
app KO payer SE appni gar wali se baat kar ke ose brose me lekar talak de dena cahia jissa oska be nuksan na ho aur app ka be. dono apni ko jendgi ki suebat dabara karni cahia