आज मूंह के और फेंफडे के केन्सर के लिये सबसे अधिक जिम्मेदार है तंबाखू का सेवन. चाहे धूम्रपान द्वारा हो, चबाने के द्वारा हो, या पानपराग द्वारा हो, फल एक ही है. इस सर्वविनाशी को जितना दूर रखा जाये उतनी ही जानमाल की सुरक्षा के लिय अच्छा है. लेकिन यही तंबाखू आपके किचन गार्डन में आपके लिये सोना साबित हो सकता है.
फलसब्जी की खेती के सबसे बडे दुश्मन हैं कीटपंतंगे. आपके पौधे में फल लगा नहीं कि पता नहीं ये कहां से आ टपकते हैं और उसे एकदम चट कर जाते हैं. चट न कर पायें तो बचे सब्जीफलों को ऐसा बना देते हैं कि ना मानव के काम का रहे न जानवरों के. इनके उन्मूलन के लिये रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग बढता जा रहा है. लेकिन जहरीली दवायें छिडके बिना ही इनका इलाज किया जा सकता है. वह रामबाण औषधि है तंबाखू का काढा.
जैसे ही आपके पौध फूल देने लगे वैसे ही तंबाखू का काढा बना कर हर दो हफ्ते में एक बार छिडक दीजिये, सारे कीटपतंगे खतम हो जायेंगे. जो कीडे जान बचा कर भाग सकेंगे वे आपके अडोसपडोस में अभय ले लेंगे, और पडोसी से आपकी जो रंजिश चल रही है उसका “सुरक्षित” हल हो जायगा!!
काढा बनाने के लिये एकदम सस्ते से सस्ता तंबाखू 50 ग्राम खरीद लाईये. इसे एक लिटर पानी में जम कर उबाल दीजिये. साथ में उस दिन की बची खुची चाय की पत्तियां भी उबलने के लिये डाल दीजिये. उबल कर ठंडा होने पर 50 ग्राम के करीब पुराने जमाने का बारसोप (डिटर्जेंट नहीं) उसमें घोल दें. इस तरह का साबून न मिले तो कोई फिकर की बात नहीं है. बस तय्यार है आपका अचूक अस्त्र.
अब इसे स्प्रेयर की सहायता से इस काढे को पौधों पर छिडक दीजिये. लोहे या प्लास्टिक के स्प्रेयर आपके शहर के बीज-भंडार में या खाद-भंडार में मिल जाने चाहिये.
तंबाकू एक प्राकृतिक चीज है अत: यह रासायनिक कीटनाशकों की तुलना में सुरक्षित कीटनाशक है. पिछले 15 साल से मैं अपने सब्जी के पेडों और आम के पेडों पर इसका उपयोग करता आया हूँ. (आम के पेड पर वेक्यूम क्लीनर की सहायता से, या ग्लासों में भर भर के छिडकाव करता हूँ). कीडों का उन्मूल नाश हो जाता है, पेड सुरक्षित रहते हैं, और पक्षियों, तितलियों आदि को कोई हानि नहीं होती है.
तंबाखू से अपने आप का उन्मूलन करने के बदले उन कीडों का उन्मूलन कीजिये जिससे आपको कुछ फायदा हो.
Article Bank | Net Income | About India । Indian Coins | Physics Made Simple | India THE LEAF OF DEATH by who.log.why sprayer by jetheriot
इस विभाग के पिछले 10 पोस्ट




May 9th, 2009 at 5:08 am
बहुत सुंदर ज्ञानवर्द्धक पोस्ट .. धन्यवाद।
May 9th, 2009 at 6:04 am
बहुत आवश्यक जानकारी दी है आपने आभार
May 9th, 2009 at 8:22 am
बहुत उपयोगी जानकारी।
May 9th, 2009 at 9:15 am
achi jankari
May 9th, 2009 at 9:24 am
उपयोगी जानकारी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद। मुझे इस समय इसकी बहुत जरूरत थी।
May 9th, 2009 at 9:26 am
उपयोगी जानकारी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।
May 9th, 2009 at 10:56 am
बहुत ही सुन्दर एवं लाभप्रद जानकारी. चित्र में जिन तम्बाकू की पत्तियों को दर्शाया गया है वे यहाँ तो नहीं मिलते!
May 9th, 2009 at 5:45 pm
तम्बाकू और अफीम – दोनो ही आश्चर्यजनक प्लाण्ट्स हैं!
May 9th, 2009 at 5:59 pm
@PN Subramanian
कोई बात नहीं, किसी भी तंबाखू से काम चल जाता है.
May 9th, 2009 at 6:55 pm
बहुत उम्दा जानकारी.
रामराम.
May 9th, 2009 at 6:59 pm
अरे वाह तम्बाखू की अच्छी जानकारी अब केमिकल कीटनाशकों की छुट्टी .. धन्यवाद ।
May 9th, 2009 at 10:05 pm
ग़ज़ब! इससे तो साबित होता है कि प्रकृति की कोई भी रचना बेकार नहीं है.
May 9th, 2009 at 11:20 pm
आपने तो मेरी चिन्ता हर ली। मेरे किचन गार्डेन में कीद़्ओं के प्रकोप से प्रायः नुकसान होता रहता है। बाजार से कीटनाशक खरीद कर नहीं लाता क्योंकि सोचता हूँ अपने खेत में भी जहरीली सब्जी उगानी पड़े तो बाजार की ही क्या बुरी है।
अब जिन्दगी में पहली बार तम्बाकू की दुकान पर भी खरीदारी करना पड़ेगा।