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	<title>Comments on: कौन हैं ये अज्ञात टिप्पणीकार!!</title>
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	<link>http://sarathi.info/archives/2342</link>
	<description>हिन्दी, हिन्दुस्तान एवं ईसा के चरणसेवक शास्त्री फिलिप का बौद्धिक शास्त्रार्थ चिट्ठा!! (2010 का औसत:  600,000 हिटस प्रति महीने!!)</description>
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		<title>By: Rajat</title>
		<link>http://sarathi.info/archives/2342/comment-page-1#comment-7300</link>
		<dc:creator>Rajat</dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Jun 2009 10:11:49 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://sarathi.info/archives/2342#comment-7300</guid>
		<description>चलिये... यह हमारी समस्या नही है हमारे ब्लोग पर कोई टिप्पणी करने आता ही नही है....</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>चलिये&#8230; यह हमारी समस्या नही है हमारे ब्लोग पर कोई टिप्पणी करने आता ही नही है&#8230;.</p>
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		<title>By: Shastri JC Philip</title>
		<link>http://sarathi.info/archives/2342/comment-page-1#comment-7286</link>
		<dc:creator>Shastri JC Philip</dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jun 2009 15:58:40 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://sarathi.info/archives/2342#comment-7286</guid>
		<description>टिप्पणी 22, 23, 24

पाठकगण इन तीन टिप्पणियों की ओर ध्यान दें. 

सवाल है कि इस तरह दूसरे के नाम से की गई टिप्पणी के दलदल से कैसे निकला जा सकेगा. इसके कई हल हैं, और इन पर विस्तार से एक आलेख जल्दी ही पेश कर दिया जायगा.

सस्नेह  -- शास्त्री

हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है
http://www.Sarathi.info</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>टिप्पणी 22, 23, 24</p>
<p>पाठकगण इन तीन टिप्पणियों की ओर ध्यान दें. </p>
<p>सवाल है कि इस तरह दूसरे के नाम से की गई टिप्पणी के दलदल से कैसे निकला जा सकेगा. इसके कई हल हैं, और इन पर विस्तार से एक आलेख जल्दी ही पेश कर दिया जायगा.</p>
<p>सस्नेह  &#8212; शास्त्री</p>
<p>हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है<br />
<a href="http://www.Sarathi.info" rel="nofollow">http://www.Sarathi.info</a></p>
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	</item>
	<item>
		<title>By: शास्त्री</title>
		<link>http://sarathi.info/archives/2342/comment-page-1#comment-7284</link>
		<dc:creator>शास्त्री</dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jun 2009 06:24:10 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://sarathi.info/archives/2342#comment-7284</guid>
		<description>आदरणीय शास्त्री जी,

इस तरह आपके नाम से टिप्पणी करने का मेरा प्रयोजन सिर्फ यह जांचना है कि आपका ब्लॉग इस बाबत कितना मुस्तैद है। अगर यह टिप्पणी प्रकाशित हो गई तो आप ही बताइए कि इस दलदल से कैसे बचा जाए।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>आदरणीय शास्त्री जी,</p>
<p>इस तरह आपके नाम से टिप्पणी करने का मेरा प्रयोजन सिर्फ यह जांचना है कि आपका ब्लॉग इस बाबत कितना मुस्तैद है। अगर यह टिप्पणी प्रकाशित हो गई तो आप ही बताइए कि इस दलदल से कैसे बचा जाए।</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>By: ashes</title>
		<link>http://sarathi.info/archives/2342/comment-page-1#comment-7283</link>
		<dc:creator>ashes</dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jun 2009 05:48:58 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://sarathi.info/archives/2342#comment-7283</guid>
		<description>(पिछली टिप्पणी से आगे...)
असल में यह दुविधा तो दोनों वर्डप्रेस और ब्लॉगर में ही है....यदि आप name/url प्रयोग करके टिप्पणी करने की इजाज़त देते हैं तो कोई भी आपके ब्लॉगर/वर्डप्रेस प्रोफाइल पेज का यूआरएल डाल कर आपके नाम से टिप्पणी कर सकता है...किन्तु अगर आप केवल रजिस्टर्ड टिप्पणीकारों को इजाज़त देते हैं तो आप टिप्पणियां ब्लॉगर या वर्डप्रेस पर सीमित कर देते हैं....आपका चिट्ठा ब्लॉगर पर है तो गूगल यूसर्स और वर्डप्रेस पर है तो वर्डप्रेस यूसर्स ही टिप्पणी कर पायेंगे...या ओपन आई डी यूसर्स...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>(पिछली टिप्पणी से आगे&#8230;)<br />
असल में यह दुविधा तो दोनों वर्डप्रेस और ब्लॉगर में ही है&#8230;.यदि आप name/url प्रयोग करके टिप्पणी करने की इजाज़त देते हैं तो कोई भी आपके ब्लॉगर/वर्डप्रेस प्रोफाइल पेज का यूआरएल डाल कर आपके नाम से टिप्पणी कर सकता है&#8230;किन्तु अगर आप केवल रजिस्टर्ड टिप्पणीकारों को इजाज़त देते हैं तो आप टिप्पणियां ब्लॉगर या वर्डप्रेस पर सीमित कर देते हैं&#8230;.आपका चिट्ठा ब्लॉगर पर है तो गूगल यूसर्स और वर्डप्रेस पर है तो वर्डप्रेस यूसर्स ही टिप्पणी कर पायेंगे&#8230;या ओपन आई डी यूसर्स&#8230;</p>
]]></content:encoded>
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	<item>
		<title>By: Shastri JC Philip</title>
		<link>http://sarathi.info/archives/2342/comment-page-1#comment-7282</link>
		<dc:creator>Shastri JC Philip</dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jun 2009 05:48:13 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://sarathi.info/archives/2342#comment-7282</guid>
		<description>क्षमा चाहूंगा सारथी जी, लेकिन आपके चिट्ठे पर भी अज्ञात टिप्पणी की जा सकती है...या कोई आपका नाम प्रयोग करके टिप्पणी कर सकता है ...जिसका उदहारण यह टिप्पणी है...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>क्षमा चाहूंगा सारथी जी, लेकिन आपके चिट्ठे पर भी अज्ञात टिप्पणी की जा सकती है&#8230;या कोई आपका नाम प्रयोग करके टिप्पणी कर सकता है &#8230;जिसका उदहारण यह टिप्पणी है&#8230;</p>
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	<item>
		<title>By: बी एस पाबला</title>
		<link>http://sarathi.info/archives/2342/comment-page-1#comment-7280</link>
		<dc:creator>बी एस पाबला</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2009 16:58:15 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://sarathi.info/archives/2342#comment-7280</guid>
		<description>भाटिया जी ठीक कह रहे। हाल ही की चर्चित अनाम टिप्पणियों को जब ट्रैक किया गया तो बड़ी चौंकाने वाली जानकारियाँ मिलीं। अब इसे ब्लॉग जाहिर इसलिये नहीं किया जा रहा कि बात कुछ हजम न होने जैसी है। 

लेकिन है तो यह एक सच्चाई कि &#039;वह&#039; तमाम टिप्पणियाँ उत्तर भारत के दो खास, आपस में सटे स्थानों के कार्यालय व निवास से की गईं।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>भाटिया जी ठीक कह रहे। हाल ही की चर्चित अनाम टिप्पणियों को जब ट्रैक किया गया तो बड़ी चौंकाने वाली जानकारियाँ मिलीं। अब इसे ब्लॉग जाहिर इसलिये नहीं किया जा रहा कि बात कुछ हजम न होने जैसी है। </p>
<p>लेकिन है तो यह एक सच्चाई कि &#8216;वह&#8217; तमाम टिप्पणियाँ उत्तर भारत के दो खास, आपस में सटे स्थानों के कार्यालय व निवास से की गईं।</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>By: राज भाटिया</title>
		<link>http://sarathi.info/archives/2342/comment-page-1#comment-7278</link>
		<dc:creator>राज भाटिया</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2009 10:51:08 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://sarathi.info/archives/2342#comment-7278</guid>
		<description>शास्त्री जी बात तो आप ने उचित कही है, बाकी हमे पता भी होता है कि हम ने किस से पंगा लिया, या किस ने हम से पिछली बार पंगा लिया था, या फ़िर हमारे लेख से किसे बुरा लग, यानि हम ९०% तो जानते है कि यह बेहुदा टिपण्णी किस ने की है, वो चाहे आप के ब्लांग पर हो या फ़िर किसी दुसरे के ब्लांग पर, लेकिन हमारे पास सवूत नही होता, 
ओर सबूत लेना थोडा महंगा है, लेकिन पता लग सकता है, आप ने देखा होगा कि जब किसी भी नेता को फ़ोन मेल या फ़िर ऎसी कोई टिपण्णी दी जाती है तो वो पकडा जाता है, लेकिन ऎसी कोई सुबिधा मुफ़्त मै मिले ? बस यही खोज बीन चल रही है, लेकिन फ़िर भी आप Live Traffic Feed  मै जा कर ओर टिपण्णी कर समय देख कर इतना तो पता लगा सकते है कि यह टिपण्णी किस शहर से हुयी, अगर थोडी ज्यादा महनत करे तो आप को उस का IP पता भी मिल सकता है Live Traffic Feed  से ही, यह Live Traffic Feed  बहुत काम  की चीज है, बस एक बार समय निकाल कर इसे ध्यान से देखे.</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>शास्त्री जी बात तो आप ने उचित कही है, बाकी हमे पता भी होता है कि हम ने किस से पंगा लिया, या किस ने हम से पिछली बार पंगा लिया था, या फ़िर हमारे लेख से किसे बुरा लग, यानि हम ९०% तो जानते है कि यह बेहुदा टिपण्णी किस ने की है, वो चाहे आप के ब्लांग पर हो या फ़िर किसी दुसरे के ब्लांग पर, लेकिन हमारे पास सवूत नही होता,<br />
ओर सबूत लेना थोडा महंगा है, लेकिन पता लग सकता है, आप ने देखा होगा कि जब किसी भी नेता को फ़ोन मेल या फ़िर ऎसी कोई टिपण्णी दी जाती है तो वो पकडा जाता है, लेकिन ऎसी कोई सुबिधा मुफ़्त मै मिले ? बस यही खोज बीन चल रही है, लेकिन फ़िर भी आप Live Traffic Feed  मै जा कर ओर टिपण्णी कर समय देख कर इतना तो पता लगा सकते है कि यह टिपण्णी किस शहर से हुयी, अगर थोडी ज्यादा महनत करे तो आप को उस का IP पता भी मिल सकता है Live Traffic Feed  से ही, यह Live Traffic Feed  बहुत काम  की चीज है, बस एक बार समय निकाल कर इसे ध्यान से देखे.</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>By: ज्ञानदत्त पाण्डेय</title>
		<link>http://sarathi.info/archives/2342/comment-page-1#comment-7277</link>
		<dc:creator>ज्ञानदत्त पाण्डेय</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2009 10:10:56 +0000</pubDate>
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		<description>जब मुद्दे विवादास्पद होते हैं तो यह बहुत देखने में मिलता है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>जब मुद्दे विवादास्पद होते हैं तो यह बहुत देखने में मिलता है।</p>
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	</item>
	<item>
		<title>By: indian citizen</title>
		<link>http://sarathi.info/archives/2342/comment-page-1#comment-7276</link>
		<dc:creator>indian citizen</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2009 10:04:14 +0000</pubDate>
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		<description>anonymous tatha naam se tippani ki suvidha hata leni chahiye.</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>anonymous tatha naam se tippani ki suvidha hata leni chahiye.</p>
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	<item>
		<title>By: परमजीत बाली</title>
		<link>http://sarathi.info/archives/2342/comment-page-1#comment-7275</link>
		<dc:creator>परमजीत बाली</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2009 07:08:00 +0000</pubDate>
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		<description>सावधानी तो स्वयं ही रहना होगा तभी इस से बचा जा सकता है। रंजन जी बाअत से भी सहमत।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>सावधानी तो स्वयं ही रहना होगा तभी इस से बचा जा सकता है। रंजन जी बाअत से भी सहमत।</p>
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	</item>
	<item>
		<title>By: अविनाश वाचस्‍पति</title>
		<link>http://sarathi.info/archives/2342/comment-page-1#comment-7273</link>
		<dc:creator>अविनाश वाचस्‍पति</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2009 05:50:33 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://sarathi.info/archives/2342#comment-7273</guid>
		<description>अगर टिप्‍पणियों का मोह त्‍याग दिया जाए तो ........
तो .......
तो ........
तो .........</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अगर टिप्‍पणियों का मोह त्‍याग दिया जाए तो &#8230;&#8230;..<br />
तो &#8230;&#8230;.<br />
तो &#8230;&#8230;..<br />
तो &#8230;&#8230;&#8230;</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>By: रंजन</title>
		<link>http://sarathi.info/archives/2342/comment-page-1#comment-7272</link>
		<dc:creator>रंजन</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2009 05:03:32 +0000</pubDate>
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		<description>&quot;...... उससे अधिक अपराध उस चिट्ठामालिक का है जो अपने चिट्ठे पर हर ऐरे गैरे नत्थू गैरे को टिप्पणी करने की इजाजत देता है.........&quot;  शास्त्री जी ये अपराध नहीं है सुविधा है genuine पाठकों के लिये.. केवल रजिस्ट्रड पाठकों को टिप्पनी सुविधा देना भी पूर्ण समाधान नहीं हो सकता.. कोई भी फेक id बना कर टिप्पणी करेगा.. आखिर तो ip से ही ट्रेक करेगें न? एक तरीका है कि मॉडरेशन ऑन रखो और गैर जरुरी टिप्पणी तो हटा दो.. और उसका जिक्र भी नहीं करो..बिल्कुल महत्तव न दो.. और दुसरा अगर छद्म या मिलते हुए नाम से टिप्पणी आये तो थोडा maturity से काम लें हंगामा मचा कर पोस्ट लिखने से बेहतर है.. उसे हटा कर उचित व्यक्ति से व्यक्तिगत तौर पर बार करें जैसा राज जी ने सुरेश जी से किया...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>&#8220;&#8230;&#8230; उससे अधिक अपराध उस चिट्ठामालिक का है जो अपने चिट्ठे पर हर ऐरे गैरे नत्थू गैरे को टिप्पणी करने की इजाजत देता है&#8230;&#8230;&#8230;&#8221;  शास्त्री जी ये अपराध नहीं है सुविधा है genuine पाठकों के लिये.. केवल रजिस्ट्रड पाठकों को टिप्पनी सुविधा देना भी पूर्ण समाधान नहीं हो सकता.. कोई भी फेक id बना कर टिप्पणी करेगा.. आखिर तो ip से ही ट्रेक करेगें न? एक तरीका है कि मॉडरेशन ऑन रखो और गैर जरुरी टिप्पणी तो हटा दो.. और उसका जिक्र भी नहीं करो..बिल्कुल महत्तव न दो.. और दुसरा अगर छद्म या मिलते हुए नाम से टिप्पणी आये तो थोडा maturity से काम लें हंगामा मचा कर पोस्ट लिखने से बेहतर है.. उसे हटा कर उचित व्यक्ति से व्यक्तिगत तौर पर बार करें जैसा राज जी ने सुरेश जी से किया&#8230;</p>
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	</item>
	<item>
		<title>By: हिमांशु</title>
		<link>http://sarathi.info/archives/2342/comment-page-1#comment-7271</link>
		<dc:creator>हिमांशु</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2009 04:54:26 +0000</pubDate>
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		<description>मुझे तो अभी सारे दरवाजे बन्द कर देना अपने ब्लॉग के लिये ठीक नहीं लगता । वैसे सतर्क तो मैं भी रहना चाहता हूँ ।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>मुझे तो अभी सारे दरवाजे बन्द कर देना अपने ब्लॉग के लिये ठीक नहीं लगता । वैसे सतर्क तो मैं भी रहना चाहता हूँ ।</p>
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	</item>
	<item>
		<title>By: ताऊ रामपुरिया</title>
		<link>http://sarathi.info/archives/2342/comment-page-1#comment-7270</link>
		<dc:creator>ताऊ रामपुरिया</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2009 04:17:21 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://sarathi.info/archives/2342#comment-7270</guid>
		<description>शाश्त्रीजी, ये तकनीक है, अच्छाई बुराई दोनो ही हैं. वैसे घर पर ताला लगाकर एहतियात तो बर्तना ही चाहिये. 

पर वो कहावत भी है ना कि &quot;तू डाल डाल मैं पात पात&quot;:)

रामराम.</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>शाश्त्रीजी, ये तकनीक है, अच्छाई बुराई दोनो ही हैं. वैसे घर पर ताला लगाकर एहतियात तो बर्तना ही चाहिये. </p>
<p>पर वो कहावत भी है ना कि &#8220;तू डाल डाल मैं पात पात&#8221;:)</p>
<p>रामराम.</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>By: यायावर</title>
		<link>http://sarathi.info/archives/2342/comment-page-1#comment-7269</link>
		<dc:creator>यायावर</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2009 04:16:47 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://sarathi.info/archives/2342#comment-7269</guid>
		<description>u cannot remove the veil of anonymity from the blogspace..it will be there but its really cheap and cowrdice for fake commentators..</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>u cannot remove the veil of anonymity from the blogspace..it will be there but its really cheap and cowrdice for fake commentators..</p>
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