मित्रों,
हिन्दी विकिपिडिया को इसी हिन्दी दिवस तक पचास हजार लेखों वाला बनाने का संकल्प लिया गया है। कुछ मुट्ठी भर लोग ही इस समय इसमें लगे हैं जिनके अथक प्रयास से यह ४६,००० (छियालिस हजार) को पार कर गयी है।
आप सभी से निवेदन है कि हिन्दी विकि पर जरूर पधारें: हिन्दी विकि । इस पर किसी विषय के उपर लेख है या नहीं, देखें। आपको जिस विषय की समझ है उस पर चार-पाँच वाक्य लिखें। इस तरह के दो-चार लेखों का योगदान अवश्य करें। नेट पर हिन्दी की उन्नति के लिये किये जा रहे प्रयासों में हिन्दी विकि सर्वाधिक सार्थक प्रयास है। इससे हिन्दी के दूरगामी हित सधेंगे। –अनुनाद सिंह
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इस विभाग के पिछले 10 पोस्ट




September 11th, 2009 at 11:30 am
प्रयत्न करते हैं।
September 11th, 2009 at 2:02 pm
एक बार कोशिश की थी। अकाउंट भी बना लिया। कुछ लिखकर डाला तो, उसे हटा दिया गया। अब तो मैं उस अकाउंट का पासवर्ड भी भूल गया हूं। खैर, फिर से देखता हूं अगर बात बनें क्योंकि, हमें तो लिखाई कहीं भी करनी हो मजा ही आता है। कुछ नहीं तो, जो पहले लिखा है वही ठेल देंगे।
September 11th, 2009 at 2:32 pm
आपका आदेश सर आखो पर जी!
हेपी ब्लोगिग ♥♥♥♥♥♥
भारतीय रिजर्व बैक के सिक्के पर यह किस प्रसिद्ध हिन्दी ब्लोगर का फोटू है।
हे! प्रभु यह तेरापन्थ
September 11th, 2009 at 5:33 pm
हिन्दी विकीपीडिया पर लिखना चाहता हूँ , पर कई बार चलकर रुक जाता हूँ । देखता हूँ, क्या लिख पा रहा हूँ ।
September 12th, 2009 at 3:17 am
Lovely post! Dropping by…
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September 12th, 2009 at 10:13 pm
अजी लिखने के लिये एक लेखक की कलम चाहिये, हम तो इतने ग्याणी नही जो इतना लिख सके कि लोगो को शिक्षा दे, इस लिये हम अपनी इज्जत बचाना चहते है.
September 25th, 2009 at 4:36 pm
Hindi ka jitna mazak hindustan mai udaya gaya shayad duniya mai kisi anya bhasha ka nahi udaya gaya hoga. Desh ki azadi bhrstachar aur raj netao ke naitik patan ke leya huhi hai. Aam janmanas usi chaki mai pista ja raha hai jismai wo 600 sal gulami aur raja maharajao ke kal mai pista tha. Ab na kuch bolne ke liya hai aur na likhne ke leya hai. phir bhi Jai ramji ki.
dhanyabad
Jai Prakash Bisht
ghaziabad