सारथी के मित्रों ने नोट किया होगा कि पिछले दिनों मेरी चिट्ठावापसी के समय से मैं हिंदी में लिखते समय काफी संघर्ष कर रहा हूँ. दर असल नियमित रूप लिखने कि बड़ी इच्छा है लेकिन जब से संगणक पर विंडोज ७ का प्रयोग चालू कर दिया है तब से सारे के सारे यूनिकोड हिंदी औजार बेकार हो गए हैं. गूगल का औजार चल रहा है लेकिन वह इतना मनमौजी ही कि अंग्रेजी और हिंदी में किसी तरह का तालमेल नहीं है और अनुमान से टंकण करना पड रहा है.
अब उपर प्रयुक्त “टंकण” शब्द को ही ले लीजिए. कम से कम चार विभिन्न तरह से टंकण करने पर ही टंकण छाप सका. हर बार सिर्फ तमकन या टंकन छप रहा था. चार गुना समय देने पर एकाध आलेख तय्यार हो पा रहा है.
अंग्रेजी में एक धुन्धो, (ढूंढो) तो बिसीयोम (बीसियों) शब्द संसाधक मिल जाते हैं. क्या बात है की (कि) हिंदी में ऐसा नहीं हो पा रहा है. इसका कोई हल नहीं है क्या? क्या कोई प्रोग्रामर इसका हल नहीं निकल सकता क्या?
सारथी चिट्ठा इस कार्य के लिए आर्थिक सहयोग करने के लिए तय्यार है.
इस विभाग के पिछले 10 पोस्ट




April 19th, 2010 at 3:45 pm
शास्त्री जी, मैं प्रोग्रामर तो नहीं हूँ पर इतना बता सकता हूँ कि आप अपनी समस्या माइक्रोसोफ्ट को बताएँ वे हल करेंगे। दूसरा यह कि आप मेरे सुझाव के अनुसार सीधे इन्स्क्रिप्ट टाइपिंग का अभ्यास क्यों न कर लें। केवल 15 मिनट प्रतिदिन का अभ्यास कर के एक माह में हिन्दी गति से औऱ बिलकुल सही टाइप कर पाएँगे और किसी भी एप्लीकेशन में कभी कोई समस्या आएगी ही नहीं।
April 19th, 2010 at 3:46 pm
कोई बेचारा हिन्दी प्रोग्रामर अपने काम और पढ़ाई में से समय निकाल कर कोड लिखे और मुफ्त सोफ्टवेयर बनाये. फिर बाकी हिन्दीप्रेमियों से अपनी भद्द पिटवाये. इससे अच्छा खाली टाइम में पिक्चर देखे और मूंगफली खाये.
April 19th, 2010 at 3:52 pm
माननीय शास्त्री जी आपकी पीड़ा देखकर मन व्यथित हो गया। वैसे मैं कोई हिन्दी प्रोग्रामर नहीं हूं, इससे आप परिचित भी हैं। मैं तो सिर्फ शब्दों और विचारों को ही मिला सकता हूं परन्तु नुक्कड़ पर प्रकाशित इस पोस्ट के स्नैपशॉट आपकी समस्या को दूर कर सकेंगे। मैं भी हिन्दी टूल किट का प्रयोग कर रहा हूं परन्तु मैं रेमिंग्टन टाइपराइटर वाला हिन्दी कीबोर्ड प्रयोग करता रहा हूं इसलिए मैं उसे ही प्रयोग करता हूं। इसी में पहला विकल्प हिन्दी ट्रांसलिटरेशन का है जिसे सक्रिय करने पर आफिस 2007 या 2010 में भी आप बिना किसी असुविधा और परेशानी के अपना कार्य ऑनलाईन और आफलाईन कर सकते हैं। http://nukkadh.blogspot.com/2009/09/blog-post_22.html लिंक यह है। किसी भी तरह की असुविधा होने पर आप मुझे फोन 09868166586/09711537664 भी कर सकते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि इससे आपकी समस्या का शत-प्रतिशत निवारण हो जाएगा।
April 19th, 2010 at 4:22 pm
Friends, NONE of these softwares gives result on Windows 7. They all are breaking down!!
April 19th, 2010 at 4:43 pm
मैं विन्डो़ज़ 7 64 बिट इस्तेमाल कर रहा हूं और कैफे हिन्दी में टाइप कर रहा हूं (जो एकदम ठीक चल रहा है). असल में मैंने इसमें कुछ संशोधन किया था जिसके बाद यह मेरे कम्प्युटर पर तो चल रहा है लेकिन शायद विन्डोज़ 7 वाले दूसरे कम्प्युटरों पर कुछ दिक्कत आ रही है.
कुछ कामों में व्यस्त होने के कारण अब तक इसका इलाज नहीं कर पाया था, लेकिन अब लगता है कि मरीज की हालत नाजुक है. तो कोशिश करूंगा कि जल्द ही इसका इलाज कर सकूं.
या यो कहें कि जैसा हिन्दी प्रोग्रामर ने कहा — पिक्चर देखते हुये मूंगफली खाने की जगह ऐसा करना होगा. भद्द पीटने का काम तो मित्र कर ही देंगे. पिछली बार भी मुझे समझाया गया था कि इस फ्री के टूल में फ्री की वेबसाइट (कैफेहिन्दी) का लिंक डालना उसे ‘एडवेयर, स्पैमवेयर,’ आदी बनाता है. इस बार सोचता हूं ब्लागवाणी का लिंक डालूं और देखूं क्या बनता है.
April 19th, 2010 at 4:46 pm
शास्त्री जी, मैंने विन्डोज़ सेवन पर इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड को सक्षम करके उसपर टायपिंग करके देखा है. यह बहुत अच्छा है बशर्ते आपको इनस्क्रिप्ट टायपिंग आती हो. यदि नहीं भी आती हो तो अक्षरों से पहचान बनाने में कुछ दिन ही लगेंगे. मैं आज भी कीबोर्ड देखकर दो उँगलियों से ही टाइप करता हूँ.
April 19th, 2010 at 4:48 pm
अब Cyril जैसे धुरंधर का ध्यान आकर्षित हो गया है तो मैं निश्चिंत हो कर निकलता हूँ.
April 19th, 2010 at 5:05 pm
मेरे विंडोज़ 7 में बारहा, हिन्दी टूलकिट, हिन्दी आईएमई इत्यादि बढ़िया काम कर रहे हैं. बस उन्हें इंस्टाल / चलाते समय रन एस एडमिन का प्रयोग करें. फिर भी यदि समस्या हो तो एमएस का नया फोनेटिक आईएमई प्रयोग कर सकते हैं. यह ‘टंकण ‘ मैंने हिन्दी टूलकिट के हिन्दी ट्रांसलिट्रेशन कीबोर्ड से टाइप किया है.
वैसे, द्विवेदी जी की बात पर ग़ौर करें – इनस्क्रिप्ट अपनाएँ – यह हर जगह चलता है – एक बार में ही सही सही टाइप करता है, और हर बार सही टाइप करता है. मैं भी वही प्रयोग करता हूं. टच टाइपिंग के लिए यह बेहतरीन है.
April 19th, 2010 at 5:11 pm
शास्त्री जी सरल सा उपाय यही है की आप अपनी पुरानी ऑपरेटिंग सिस्टम को रेलोड़ कर लें.
April 19th, 2010 at 5:17 pm
सर, मैंने तो विंडोज सेवन के बाद पुन: एक्सपी को अपनाया और इस पर बाराह बहुत अच्छा कार्य करता है.. हिन्दी प्रोग्रामर की टिप्पणी हिन्दी की दुर्गति पर क्षोभ उत्पन्न करती है..
April 19th, 2010 at 5:55 pm
मैं तो विंडोज ७ पर जाने की आवश्यकता ही अनुभव नहीं कर पाया हूँ। इसलिये अब भी एक्स-पी पर ही काम कर रहा हूँ। इसलिये आपकी समस्या पर कुछ नहीं कह सकता। हाँ लगता है कि लोगों ने इतना बता दिया है कि आपका काम जरूर बन जायेगा।
मैं इतना कह सकता हूँ कि Hi-Trans आदि कुछ आनलाइन जावास्क्रिप्ट हिन्दी सम्पादित्र हैं जो विन्डोज ७ में भी चलते होंगें।
April 19th, 2010 at 6:22 pm
मूल तौर पर मैं भी विन्डोज़ एक्सपी का ही प्रयोग कर रहा।
लेकिन विन्डोज़ 7 पर भी मुझे हिन्दी राईटर ने कभी परेशान नहीं किया।
अधिकतर साथियों की इस राय से घोर सहमति है कि पुराने OS का ही प्रयोग करें
April 19th, 2010 at 6:34 pm
शास्त्री जी आप इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड का उपयोग करें । मुझे भी 1 माह हुआ है इस पर आये हुये । विन्डो 7 भी लोड किया है । गति सारे पुराने औजारों से अधिक ।
April 19th, 2010 at 7:17 pm
पुराने OS का ही प्रयोग करें. यही सर्वोत्तम विचार है.
April 19th, 2010 at 7:31 pm
मैं अब एक आल-इन-वन संगणक का प्रयोग करता हूँ जिसमें विन्डोज 7, 32 बिट के अलावा कुछ नहीं चलता.
आप लोगों के बताये कई तंत्र आजमा लिये. कोई काम नहीं करते बल्कि संगणक का कानफिगरेशन जम कर गडबडा और गया है. इनस्क्रिप्ट भी काम नहीं कर रहा है.
हां सिरिल से उम्मीद है कि केफे को शायद ठोकपीट कर सही कर दे. मैं शुरू से ही केफे का प्रयोग करता आया हूँ.
सस्नेह — शास्त्री
हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है
http://www.IndianCoins.Org
April 19th, 2010 at 8:35 pm
मैं तो हिन्दी कैफे़ के भाई लोगों का एहसानमंद हूं. मुझे इसने जो आज़ादी दी, उसका कोई प्रत्योत्तर नहीं.
विन्डो-7 की अभी कोई अभिलाषा नहीं, एक्सपी पर दाना-पानी ठीक ही है.
April 19th, 2010 at 9:01 pm
नमस्कार शास्त्री जी, अगर कैफेहिन्दी पहले से आपके कम्प्युटर में हो तो उसे हटा दें, फिर इस लिंक से दोबारा डाउनलोड करिये. मैंने कुछ बदलाव किये हैं, शायद अब चल जायेगा नहीं तो कल अपने आफिस में दूसरे विन 7 कमप्युटर पर चला कर ठीक करने की कोशिश करूंगा
http://itbix.com/download/utt.zip
April 19th, 2010 at 9:05 pm
हमें तो बराह की इतनी आदत लग गयी है कि इनस्क्रिप्ट की याद ही नहीं आती, पहले वैसे हम इनस्क्रिप्ट में ही टाईप करते थे, और कम ऊँगलियाँ भी चलानी पड़ती है इनस्क्रिप्ट में।
April 20th, 2010 at 4:23 am
मैं विंडोज़ ७ इस्तेमाल कर रहा हूं और इसमें बरह बढ़िया तरीके से चल रहा है।
April 20th, 2010 at 7:28 am
मदन पुरस्कार पुस्तकालय का यूनिकोड प्रोग्राम भी प्रयोग कर सकते हैं।
http://madanpuraskar.org/index.php?option=com_content&task=view&id=18&Itemid=33
April 22nd, 2010 at 7:39 am
एकदम नहीं आती इन्स्क्रिप्ट टाइपिंग !
बराहा से तो कभी दिक्कत ही नहीं हुई ! जहाँ पहुँचा, बरहा साथ लेकर…अब विण्डोज सेवन पर भी !
और विशेषज्ञों ने तो अपना काम कर दिया है ! सिरिल जी का डाउनलोड लिंक उपलब्ध है !
April 22nd, 2010 at 9:39 pm
विण्डोज सेवन पर बिना प्रोग्रामर्स के बरहा ठीक चल रहा है।
April 23rd, 2010 at 3:00 pm
Try this one http://service.vishalon.net/pramukhtypepad.htm
April 28th, 2010 at 10:34 pm
आदरणीय शास्त्री जी,
आप गूगल की ऑनलाइन ट्रांस्लिटरेशन सुविधा का उपयोग क्यूँ नहीं कर लेते !!!
बाकी टूल्स से ज़्यादा कारगर है. बस कॉपी एंड पेस्ट का झंझट है.
http://www.google.com/transliterate/
May 15th, 2010 at 4:16 pm
आप वर्डप्रेस पर लिख रहे हैं । आप चाहें तो गूगल की transliteration सेवा पर आधारित प्लग इन इस्तेमाल कर सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर जाएँ – http://www.vishalon.net/IndicResources/IndicIME.aspx
इसके माध्यम से आप वर्डप्रेस के किसी भी टाइपिंग एरिया में हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं का उपयोग कर सकते हैं।
July 14th, 2010 at 2:27 pm
बारहा पर कोई दिक्कत नहीं आती है। लेकिन आजकल वर्धा वि.वि. मेँ इंडिक आइएमई के साथ कम्प्यूटर मिला है जो बारहा के साथ छेड़छाड़ कर रहा है।
August 20th, 2010 at 9:55 pm
शाष्त्रीजी, bhashaindia.com पर आपकी समस्या का हल है। Indic IME से विंडोज7 में आराम से लिख सकते हैं।
April 25th, 2011 at 9:22 pm
शास्त्री जी barahPad का प्रयोग करिये, विन्डोज ७ में भी बहुत अच्छी तरह से कार्य का निष्पादन हो जात है।
November 8th, 2011 at 3:13 pm
man to bhout karta ha ki kuch lekhu par asa lagata ha ma likh nehai pauga hath se lekhtajana aur phirphad dena acha lagta ha par lekhnasur kese ka saith share karna lagta ha ya jroor mugha bewakuf samjha ga ab 60 sal ka ho gay dekjai aur sunai bhe kam data ha par DIL HA KI MANATA NEHAI
November 30th, 2011 at 2:47 pm
simple hai
google converter use karo. krutidev me type karo fir convert karo krutidev to unicode
google search me tamam translater mojud hai