हिन्दी चिट्ठों परे लेखों की संख्या दिनप्रतिदिन बढती जा रही है. इन में से कुछ लेख/रचनाये जिनको मैं ने आदि से अंत तक पढा एवं जिन्होंने मुझे बहुत प्रभावित किया, या किसी विषय पर सोचने पर मजबूर कर दिया, या जो जानकारी से परिपूर्ण हैं:

इतिहास
फिराक़ ए गुजरात (अंग्रेजी में)
कथा साहित्य
सुहागन
लियो टॉल्‍सटॉय की कहानी- सूरत का कहवाघर
कथा साहित्य (लघु कथा)
क्या वह झगड़ा फिक्स था
काव्य
वेदना
खबर, विदेशी
कट्टरपंथ
गुँडागर्दी का इलाज
वॉशलेट: अमरीकियों के लिये कंप्यूटरी लोटा
खबर, देशी
हमारे रविशंकर माईक्रोसॉफ्ट द्वारा सम्मानित
खबर, प्रादेशिक
और ये चैनल के (नंगे) रिपोर्टर
जनोपयोगी
जब कोई शिकायत न सुने…
नए और फ्लॉप लेखक हिट्स से विचलित न हौं
नमक खाओ तो सेंधा नमक खाओ
जाल-जगत/संगणक
कुछ मजेदार ट्रिक्स
भाषा जगत
गालियों का शिक्षाशास्त्र
गालियों का शिक्षाशास्त्र-2
विश्लेषण
आलोचना है… या स्‍यापा… या रुदालियां…!
रुपये की पांचवी चवन्नी कहां है?
ये प्रलाप क्यों ?
मासूमी सपनों से खिलवाड़

वैज्ञानिक
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (काव्य विधा में)

समीक्षा
River Valley to Silicon Valley: एक समीक्षा
संस्मरण
ग्यारह अगस्त 2003- श्रद्धांजलि
हास्य-व्यंग
“पंगा शास्त्र प्रथम अध्याय”
वाद-संवाद (काव्य विधा में)
मरघट से….राजू भाई

हिन्दुस्तान
अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍यातिप्राप्‍त पंथी नर्तक देवदास बंजारे

हिन्दी एवं हिन्दुस्तान की उन्नति के लिये यह जरूरी है कि हम एक दूसरे को प्रोत्साहित करें, एवं एक दूसरे के ज्ञान, गुण, एवं योगदान जन जन की नजर में लायें.

चिट्ठाजगत पर सम्बन्धित: सारथी-पुनरवलोकन, सारथी, चुने-हुए-लेख, चुनी-कविताये, चुनी-रचनाये


Comments

4 Comments so far

  1. Jagdish Bhatia on July 10, 2007 2:39 am

    आपका इस तरह का संकलन तारीफ के काबिल है।

  2. mamta on July 10, 2007 5:42 am

    बहुत बढिया ,बिल्कुल नया और अनोखा।

  3. दीपकबापू कहिन on July 10, 2007 11:15 am

    saarthi jee,
    aapke blog par mujhe apnee rachnaaen dekhkar prasnntaa hotee hai.
    deepak bharat deep

  4. divyabh on July 10, 2007 1:29 pm

    सर,
    इसप्रकार का लेबल देकर और अच्छा किया है…आपका प्रयास बहुत ही सराहनीय है…Hats Off To You Sir….

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हिन्दी में टंकण के लिये पहले http://quillpad.in/hindi/ पर चले जाईये. टंकण के बाद उसे यहां नकलचिपका लीजिये

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