श्रीमती टारा डेवी

हिन्दी के चरणदास हैं,
श्रीमान समाजमित्र.
कॉन्वेन्ट पढी बीबी को है घिन,
हर चीज, हिन्दुस्तानी से.

नयनतारा देवी है नाम,
पर हरेक को बताती है नाम,
नयन टारा डेवी.
कुत्तर, नौकर, समाजमित्र को वे,
आज्ञा दे सिर्फ अंग्रेजी में.

मेम साहब को घर छोड,
श्रीमान समाजमित्र करते थे हिन्दी की,
दिल से सेवा.

आज था हिन्दी सेवा समाज में उनका,
अध्यक्षीय भाषण!
हतभाग्य! हो गया गजब!!
उनके मूह से आज फूटें सिर्फ
शब्द अंग्रेजी के, चाहे कितनी कोशिश कर लें.

पांच मिनिट का भाषण
वे रोक पाये सिर्फ पच्चीस मिनिट में.
जनता भी हैरान, समाजमित्र भी हैरान.

अंत में दांतों का सेट बाहर निकाल,
बोले चरणदास,
दयनीय सुर में:
"क्षमा करना दोस्तों,
गलती से आज
मेम साहब के दांतों का सैट
लगा कर आ गया था" !!

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20 Responses to “श्रीमती टारा डेवी”

  1. श्रीश शर्मा Says:

    हा हा, इंटरैस्टिंग वैरी गुड। (अरे मेरे दांत तो नहीं बदले गए?) :)

  2. Laxmi N. Gupta Says:

    बहुत बढ़िया, शास्त्री जी। उत्तम व्यंग्य है।

  3. Yatish Says:

    पता नही इस बात का सम्बन्ध यहा है के नही पर यह सच है फिल्म और विग्यापन की दुनिया मे. हिन्दी की खाते है अन्ग्रेजी की बजाते है

  4. anil pusadkar Says:

    करारा जवाब है हरी से हैरी होने वालो को।सटीक व्यगं है अंग्रेजी की राजभाषा हिंदी पर बढती सत्ता पर्।

  5. दिनेशराय द्विवेदी Says:

    आज यह नया रंग दिखा आप के चिट्ठे पर।

  6. E-Guru Rajeev Says:

    हा हा हा , इस श्रेणी की मैंने आप की सभी कवितायें पढीं हैं. सबसे अच्छी थी शुन्नी वाय वाली :) .

  7. Dr.Arvind Mishra Says:

    जोरदार कटाक्ष ! मजा आ गया !

  8. sangita puri Says:

    बहुत बढिया।

  9. सिद्धार्थ शंकरत्रिपाठी Says:

    अरे सर जी, ये तो आपने ‘गुगली’ मार दी। आपका यह फन तो हमें मालूम ही नहीं था। मजा आ गया। अधकचरे अंग्रेजी-दाँ ऐसा ही “ब्लण्डर-मिस्टेक” करते हैं। :)

  10. सागर नाहर Says:

    मजो आग्यौ भाई जी..
    अरे ये क्या हो रहा है हिन्दी की जगह मारवाड़ी…दाँत चैक कर लूं, कहीं श्रीमती की बत्तीसी का सैट तो नहीं लग गया। :)

    एक बार फिर मजेदार कविता।

  11. हिमांशु Says:

    “हास्य का रचनात्मक ढंग है
    कितना प्रासंगिक व्यंग है ?”

    बहुत कुछ सीख रहा हूँ आपसे. धन्यवाद.

  12. ताऊ रामपुरिया Says:

    बहुत बढिया व्यंग ! आनंद आया पढ़ कर ! बहुत शुभकामनाएं !

  13. ज्ञानदत्त पाण्डेय Says:

    हिन्दी वाले दांत बहुत कटखने होते हैं! :-)

  14. gautam rajrishi Says:

    हो! हो!! हो!!!

    खूब कही भई खूब कही…

  15. प्रवीण त्रिवेदी-प्राइमरी का मास्टर Says:

    शास्त्री जी। उत्तम व्यंग्य है।

  16. प्रवीण त्रिवेदी-प्राइमरी का मास्टर Says:

    “क्षमा करना दोस्तों,
    गलती से आज
    मेम साहब के दांतों का सैट
    लगा कर आ गया था” !!

  17. नरेश सिंह Says:

    भाषा पर उत्तम व्यंग्य है।आनंद आया पढ़ कर आप के चिट्ठे पर इन्द्रधनुषी रंग देखने को मिल रहे है ।

  18. अशोक पाण्‍डेय Says:

    बहुत खूब। करारा व्‍यंग्‍य है।

  19. G Vishwanath Says:

    अरे! आप यह BPO और Call center व्यवसाय के बारे सुना नहीं?
    अम्रीकी लहजे में बोलने का प्रशिक्षन दिया जाता है और उन लोगों की सेवा करने में लोगों को अपना नाम तक बदलना पढ़ता है।
    यह लीजिए, कुछ नमूने पेश हैं जिनके बारे में मैं सुन चुका हूँ।
    मज़े लीजिए।

    चक्रवर्ति — Chuck
    हरि/हरीश – Harry
    स्वामी / समीर – Sammy
    विश्वनाथ- Vish
    मणि – Money
    कृष्णा – Chris
    जनन्नाथ Jug/Jack
    विजय – Veejay
    विक्रम – Vicky
    लक्ष्मण – Lucky
    रिछपाल – Ricky
    निखिल – Nick
    रंधावा – Randy
    नटराजन – Nat
    भोलाराम- Rambo
    अभिषेक – Abby
    तिम्मय्या – Timmy
    भरत- Brett
    सुनील/संजय – Sunny
    पाल – Paul
    सरस्वति – Sara
    रेवति – Reva/ Rave
    संदीप – Sandy
    अन्नपूर्णा – Annie
    रोजा – Rose
    ज्ञान अखिलेशन – Gleeson
    साइरा – Sarah
    प्रियंका – Pinky
    कात्यायिनी – Katie
    जाह्नवी – Janet

    समय की कमी है और कुछ जलदी में हूँ नहीं तो और भी नाम दे सकता हूँ।

  20. G Vishwanath Says:

    और यह रहा मेरा favourite, (कैसे भूल गया इसे?)
    जयकिशन – Jackson

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