यह गीत अपने बच्चों को सिखायें !

आज से 60 साल पहले हम फिरंगियों की दासता से आजाद हुए थे. आज जब हम अपनी आजादी की 60वीं वर्षगांठ मना रहे हैं तब प्रस्तुत है वन्दे मातरम अनुवाद सहित. संस्कृत के बाद अंग्रेजी में अरबिन्दो का व्याख्यात्मक अनुवाद, एवं उसके बाद हिन्दी में मेरा व्याख्यात्मक अनुवाद है. अपने बच्चों के यह सिखाईये. फिल्मी गाने सीख कर वे कभी महान नहीं बनेंगे. “गोरी तेरा गांव बडा प्यारा” का असर हमारे व्यक्तित्व पर वैसा नहीं होता जैसा “वन्दे मातरम” का होता है.

आजाद होने के 60 साल बाद भी यदि हम आजादी का मतलब नहीं समझते, या मानसिक गुलामी में जीते हैं तो फिर आजादी के लिये क्यों लडे ?

वन्दे मातरम्
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्
शस्यश्यामलां मातरम् |

Mother, I bow to thee!
Rich with thy hurrying streams,
bright with orchard gleams,
Cool with thy winds of delight,
Dark fields waving Mother of might,
Mother free.

हे मां, मैं तुझे नमन करता हूं
जल, फल, शीतल वायू,
घने पेडपौधों से भरपूर
आनंददायिनी, हे मां

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शुभ्र ज्योत्स्ना पुलकित यामिनीम्
फुल्ल कुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्,
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्
सुखदां वरदां मातरम् ||

Glory of moonlight dreams,
Over thy branches and lordly streams,
Clad in thy blossoming trees,
Mother, giver of ease
Laughing low and sweet!
Mother I kiss thy feet,
Speaker sweet and low!
Mother, to thee I bow.

चंद्रमा की शीतल रोशनी में आनंद मनाती रात्रियां,
फूलों से लदे ये पेड,
हे मीठी वाणी से भरपूर मेरी मां,
मुझे हर तरह के सुखों से भरपूर करने वाली मां,
मै तुझे नमन करता हूं

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5 Responses to “यह गीत अपने बच्चों को सिखायें !”

  1. Anunad Singh Says:

    वन्दे मातरम गीत सभी भारतीयों को याद होनी चाहिये। नि:सन्देह इसमें मुर्दों में भी जान फूंकने की शक्ति है।

  2. rachna Says:

    http://myoenspacemyfreedomhindi.blogspot.com/2007/08/blog-post_15.html
    i have located and posted the translation also

  3. rachna Says:

    myoenspacemyfreedomhindi.blogspot.com
    you can see translation by shree arbindo

  4. संजय पटेल Says:

    वंदेमातरम हमारी आस्था का गीत है.इसे बेवजह किसी विचार धारा विशेष का गीत करार दिया जा रहा है.ऐसा करने से ही ऐसा करने वालों को बल मिलता है.हाँ मै इसे विचारधारा विशेष का गान तब मानता जब ये वैसे कवि या व्यक्ति द्वारा लिखा जाता.ये गीत तो हमारी सांसों में गूंजता है…इसे कभी भी याद करने की ज़रूरत महसूस नहीं हुई..क्योंकि क्या अपने शहर….माँ-बाप… मोहल्ले….रिश्तेदार या मित्रों का नाम डायरी में देख के याद किया जाता है…बस वैसे ही स्पंदित होता है वंदेमातरम हमारे ज़हन में…और होता रहेगा..ताज़िंदगी

  5. श्रीश शर्मा Says:

    धन्यवाद इस अमर गीत को व्याख्या सहित प्रस्तुत करने के लिए।

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