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’धड़ाधड़ महाराज’ तक पहुंचें धड़ाधड़
September 10, 2007 |
चिट्ठाजगत के धड़ाधड़ महाराज हमें कई तरह की सुविधायें देते हैं। चिट्ठाजगत हमें कई प्रारूपों में तो मिलता ही है, यहां हम अपनी व्यक्तिगत रुचि के अनुसार भी अपना वैयक्तिक पृष्ठ बना सकते हैं। और भी कई प्रकार की सुविधायें हैं चिट्ठाजगत पर और उम्मीद है कि आगे चल कर धड़ाधड़ महाराज हमें और भी ज्यादा सुविधायें प्रदान करेंगे।

चिट्ठाजगत पर हमें ‘हाल में छपे चिट्ठे’, ‘पारम्परिक प्रारूप’, ‘लघु प्रारूप’, ‘वैयक्तिक पृष्ट’ और ‘मेरे चिट्ठे’ के प्रारूपों के विकल्प मिलते हैं। हमने यह सारे प्रारूपों के लिंक एक साथ हिंदी टूलबार में रख दिये हैं जिससे आप अपनी रुचि के अनुसार जिस प्रारूप पर भी जाना चाहें सीधे उसी प्रारूप पर जा सकते है।
धड़ाधड़ महाराज तक धड़ाधड़ कैसे पहुंचें:
यह है चिट्ठाकारों के लिये बहुत काम की बात। हमने हिंदी टूलबार पर एक बटन लगाया है ‘सारे अधिकृत चिट्ठे अभी चिट्ठाजगत पर खींचे’ । आप जब भी अपने चिट्ठे पर कोई पोस्ट करते हैं तो बस इस बटन पर क्लिक कर दें। एक छोटी सी खिड़की खुलेगी। आपको लॉग इन करना होगा और आपके सभी अधिकृत चिट्ठों की नयी पोस्ट उसी समय चिट्ठाजगत पर नजर आने लगेगी। यदि आप पहले से चिट्ठाजगत पर लॉग इन किये हुए हैं तो आपको फिर से लॉग इन करने की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ क्लिक कर देना ही काफी होगा। मजे की बात यह है कि इस प्रक्रिया के लिये कोई जरूरी नहीं है कि आप अपने चिट्ठे पर हों या चिट्ठाजगत पर हों, आप अपने ब्राउजर पर किसी भी पेज से यह कर सकते हैं।

इसके अलावा चिट्ठों की फीड में अब नारद के साथ साथ चिट्ठाजगत की ताजा फीड भी आपको टूलबार में लगातार मिलेगी। चिट्ठाजगत की फीड में चिट्ठे का नाम भी पोस्ट के शीर्षक के साथ नजर आता है।

आपको हिंदी टूलबार और चिट्ठाजगत का यह संयुक्त प्रयास कैसा लगा हमें जरूर बतायें|
हिंदी टूलबार यहां से डाउनलोड करें।
चिट्ठाजगत पर चिट्ठा अधिकृत करने की प्रक्रिया जानने के लिये यहां क्लिक करें। [प्रस्तोता: हिन्दी टूलबार]
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कृपया मेरे ब्लॉग ‘सांझ सवेरे’ को चिट्ठाजगत में शामिल कर मुझे भी इस समूह की सदस्यता प्रदान करें, आभारी रहूंगा।
मेरा ब्लॉग यूआरएल है…
http://sanjhsavere.blogspot.com/
धन्यवाद,
संदीप सिंह