कई बार अंतर्दृष्टि सच्चाई से भी अधिक विचित्र होती है.

आज शाम को मैं सोच रहा था कि सारथी के लिये अगला लेख क्या हो, तभी अचानक अंदर से आवाज आई कि आज हिन्दीजगत चिट्ठाजगत का एक महत्वपूर्ण दिन है. दौड के संगणक पर आया, सारे एग्रीगेटर लोड किये, अचानक नोट किया कि “चिट्ठाजगत” पर 1000 चिट्ठे पंजीकृत हो गये हैं.

बधाई हो. सबको बधाई हो. चिट्ठाजगत को भी, हिन्दी चिट्ठाजगत को एवं 1000 वें पंजीकृत चिट्ठे को भी !!

इस चिट्ठे का मुख देखिये ऊपर, एवं मुख्य खबर नीचे के चित्र में:

चिट्ठा है: रेडियोनामा
सारथी की बधाईंयां रेडियोनमा, एवं इसके बहुपरिचित सूत्राधारों को !
चिट्ठाजगत, विपुल जैन, आलोक, एवं कुलप्रीत को भी बधाई कि हिन्दी चिट्ठाजगत/एग्रीगेटरजगत में दूसरी पीढी का कार्य वे लोग सफलता से कर रहे हैं.
चिट्ठाजगत पर सम्बन्धित: विश्लेषण, आलोचना, सहीगलत, निरीक्षण, परीक्षण, सत्य-असत्य, विमर्श, हिन्दी, हिन्दुस्तान, भारत, शास्त्री, शास्त्री-फिलिप, सारथी, वीडियो, मुफ्त-वीडियो, ऑडियो, मुफ्त-आडियो, हिन्दी-पॉडकास्ट, पाडकास्ट, analysis, critique, assessment, evaluation, morality, right-wrong, ethics, hindi, india, free, hindi-video, hindi-audio, hindi-podcast, podcast, Shastri, Shastri-Philip, JC-Philip,
इस विभाग के पिछले 10 पोस्ट




September 12th, 2007 at 6:58 am
बहुत खुशी की बात है…मिठाई तैयार रखिये…जल्द आयेंगे आप तक खाने.
September 12th, 2007 at 7:25 am
मेरे ख्याल से ये विश्व का पहला हिन्दी का हजारवां ब्लॉग है
हीहीही…मज़ाक कर रहा था, देखिये कहीं रजनीश और आलोक डंडे लेकर मेरे पीछे ना आ रहे हों
September 12th, 2007 at 9:04 am
वाह! इस प्रकार की पत्रकारिता से जुड़े लोगों को बधाई।
अब प्रतीक्षा है कि इनके कथ्य पर निगरानी की कोई संस्था भी सत्ता में आनी चाहिए। वरना प्रचार-लिप्सा के शिखरस्तम्भों की दृश्य मीडिया जैसी निरंकुशता वा सनसनीखेज चटखारों की रेल-पेल भी सारा गुड़ गोबर करने से पीछे भला कहाँ रहती रही है?
September 12th, 2007 at 9:55 am
खुशी होती है देख कर.
September 12th, 2007 at 11:14 am
हिन्दी के एक हजारवें चिठ्ठे को पंजीकरण करवाने का काम मेरे हाथॊं हुआ जान कर मैं बहुत रोमांचित हूँ।

कल यूनूस भाई को मैने कहा था पंजीकरण करने के लिये पर बाद में लगा कि उन पर काम का बोझ बहुत ज्यादा हो जायेगा, सो मैने उनसे कहा आप रहने दीजिये पंजीकरण का काम मैं ही कर लेता हूँ । मुझे नहीं पता था कि अन्जाने में मेरे हाथों से एक रिकॉर्ड बनने जा रहा है।
इस जानकारी को बताने के लिये आपका बहुत बहुत धन्यवाद।
September 12th, 2007 at 3:00 pm
i think we should call it 1000th registered hindi blog on chittahjagat and not take it as an count fro number of hindi blogs many more are writing in hindi than you or we know
http://anniexpressions.blogspot.com/2007/09/blog-post.html
check this link and see where i will you put this as
September 12th, 2007 at 5:47 pm
badhaaI ho!
September 12th, 2007 at 7:52 pm
यह् जानकारी देने के लिये धन्यवाद।
September 12th, 2007 at 10:01 pm
हो सकता है हिन्दी में इससे भी ज्यादा चिट्ठे हों पर फिर भी हजार चिट्ठे होने का पुख्ता प्रमाण इससे ही मिलता है।
सभी साथियों को बधाई, अब 1000 से 2000 होने में अधिक देर नहीं।
September 15th, 2007 at 10:04 am
बहुत ही शुभ संकेत है