कई हिन्दी चिट्ठाकार गूगल विज्ञापन के द्वारा अपना जेबखर्च निकालने की कोशिश करते है. यह एक बहुत प्रशंसनीय श्रम है लेकिन एक दो प्रसिद्ध हिन्दी चिट्ठाकारों के अलावा बहुत कम लोगों को आय मिल पाती है. इसका कारण यह है कि गूगल एड्सेंस पर क्लिक करने वाल 95% से अधिक ग्राहक विदेशी लोग होते है. इसका मतलब यह है कि यदि आपको एडसेंस से आय चाहिये तो विदेशी ग्राहको को आपके चिट्ठे पर लाना होगा.
इस कार्य के लिये एक सोची समझी रणनीति के अंतर्गत सारथी ने हिन्दी चिट्ठों को अंग्रेजी मे सूचीबद्ध करने वाली एक डायरेक्टरी आज चालू कर दी है. चिट्ठालोक अंग्रेजी राज्यों के हिन्दीविद्यार्थीयों के बीच प्रचार एवं प्रसिद्धि पा सके उसके लिये सारथी ने कई अमरीकी एवं यूरोपीय हिन्दीविद्यार्थीयों की मदद ली है जो दिसंबर 2007 के पहले चिट्ठालोक की कडियां लगभग 5000 अमरीकी एवं यूरोपीय चिट्ठो, जालस्थलों, खोज यंत्रों, एवं डायरेक्टरियों में जोड देंगे. अत: चिट्ठालोक से संभावित चिट्ठा-ट्रेफिक का फायदा प्राप्त करने के लिये आज ही चिट्ठालोक पर अपने हिन्दी चिट्ठे को पंजीकृत करवा लें. हमारी चिट्ठा जोडने की नीति पूरी तरह से उदार है एवं यदि आपका चिट्ठा सरकार द्वारा प्रतिबंधित नहीं है एवं भारतीय संविधान के विरुद्ध नहीं है तो चिट्ठालोक पर आपका हार्दिक स्वागत है. अधिक जानकारी के लिये पहले चिट्ठालोक से संबंधित मूल लेख पढ लें:
मूल लेख: आपका हिट बढाने के लिये नई मुफ्त सुविधा !
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September 19th, 2007 at 6:40 pm
शुक्रिया इस जानकारी के लिए पर ना जानें क्यों गूगल एडसेंस मेरे चिट्ठे को रजिस्टर ही नही कर रहा। हर बार उनका मेल आ जाता है कि अनसपोर्टेड लैंगुएज के कारण रजिस्टर नही किया जा रहा। अगर इस बारे में कोई जानकारी दे सकें तो आभारी रहूंगा!
September 19th, 2007 at 7:58 pm
संजीत जी वाली समस्या से मेरा भी सामना हुआ है। वो दो बार आवेदन खारिज कर चुके हैं, ये कहकर कि फिलहाल हिंदी ब्लाग को ये सेवा नहीं दी जा रही है। हालांकि ढेर सारे हिंदी ब्लॉग पर मैंने गुगल एडसेंस की मौजूदगी देखी है। मामला क्या है-आपके मार्गदर्शन की जरूरत है।
September 19th, 2007 at 8:53 pm
संजीत भाई एवं सत्येन्द्र भाई,
पहले मेरे साथ भी यह समस्या आई थी, लेकिन जब मैंने अपने चिठ्ठे के शीर्षक में अंग्रेजी में Suresh Chiplunkar जोड़ दिया तब वह इसे स्वीकृत करने लगा… आप भी करके देखिये अंग्रेजी में Awara Banjara, शायद किस्मत आपका भी साथ दे..
September 19th, 2007 at 10:01 pm
ज्ञानवर्धक लेख के जरिए सबको प्रोत्साहित करने के लिये बहुत-बहुत धन्यावाद
September 20th, 2007 at 1:36 am
कोशिश करने के बाद भी मैं पंजीकरण नहीं करा पा रहा हूं । कृपया सहायता करें ।