सारथी (www.Sarathi.Info) शुरू से ही हिन्दी चिट्ठों की एक वृहद सूची अपने चिट्ठे पर देता आया है, एवं सारथी के बहुत से पाठक हिन्दी चिट्ठों पर जाने के लिये इस सूची का प्रयोग करता है. लेकिन कई चिट्ठाकारों के निष्क्रिय हो जाने के कारण इस सूची की कई कडियां पाठकों के लिये धीरे धीरे बेकार होती जा रही हैं. अत: आज हम ने सारी पुरानी कडियों को मिटा दिया है, एवं एक नई सेवा शुरू कर दी है.
आज से "सक्रिय हिन्दी चिट्ठे" नाम से एक सूची सारथी पर दर्शाई जा रही है. इसे आप सारथी चिट्ठे के ऊपर की पट्टी पर देख सकते हैं. इस सूची में जोडे जाने के लिये हम हर विधा के हिन्दी चिट्ठों का स्वागत करते हैं. चिट्ठों के जोडे जाने के लिये आज ही निम्न जानकारी हमें भेज दें:
चिट्ठे का नाम:
जालपता:
एक वाक्य में चिट्ठे का परिचय:
इस सूची में जोडने के लिये यह जानकारी आज ही webmaster@Sarathi.info को भेज दें (जालपते में एक गलती थी जिसे ठीक कर दिया गया है) . जानकारी मिलते ही आपकी कडी जोड दी जायगी. आप को कुछ और नहीं करना होगा. आपका पत्र हमारे लिये इस बात का पर्याप्त प्रमाण होगा कि आप चिट्ठाजगत में सक्रिय हैं. यह हिन्दी चिट्ठाकरों को प्रोत्साहित करने के लिये सारथी का एक अभियान एवं सेवा है. सितंबर में सारथी को 100,000 से ऊपर हिट एवं 40,000 से ऊपर पेज-पाठ की उम्मीद है. इन में से कई लोगी आप के चिट्ठे की कडी की सहायता से आप के जालस्थल पर आ सकते हैं अत: इस सुविधा को नजरअंदाज न करें. (आप सारथी के मित्र या सहयोगी हों तो भी हम पत्र मिलने के बाद ही आप की कडी जोडेंगे क्योंकि हमे आपके सारे चिट्ठों के जालपते एवं "परिचय" चाहिये जो आप ही हम से बेहतर दे सकते हैं).
इस बीच यदि आप ने अपने चिट्ठे को चिट्ठालोक (http://www.ChitthaLok.Com ) पर नहीं जोडा है तो आज ही ऐसा कर दें. यह कुछ और लम्बी प्रक्रिया है एवं कडी जोडने में हम को दोतीन घंटे समय की जरूरत पडती है.












September 24th, 2007 at 4:17 pm
आदरणीय शास्त्री जे सी फिलिप जी,
सादर अभिवादन !
अपने चिट्ठे पर परिकल्पना की एक कडी जोडने के
लिये आभार. आपकी सहृदयता के लिए मैं ऋणी हूँ.
आपका पुन: आभार!
आपका-
रवीन्द्र प्रभात
September 24th, 2007 at 5:55 pm
शुक्रिया!!
September 24th, 2007 at 6:20 pm
आपका ब्लोग बहुत अच्छा लगा.
ऎसेही लिखेते रहिये.
क्यों न आप अपना ब्लोग ब्लोगअड्डा में शामिल कर के अपने विचार ऒंर लोगों तक पहुंचाते.
जो हमे अच्छा लगे.
वो सबको पता चले.
ऎसा छोटासा प्रयास है.
हमारे इस प्रयास में.
आप भी शामिल हो जाइयॆ.
एक बार ब्लोग अड्डा में आके देखिये.
September 24th, 2007 at 6:22 pm
शास्त्री जी, ब्लाग अड्डा यहां भी आ पहुंचा.
September 24th, 2007 at 10:05 pm
आभार जानकारी के लिये.
September 25th, 2007 at 12:49 pm
अच्छा प्रयास. इससे चिट्ठाकारी को प्रोत्साहन मिलेगा.
प्रसार भी होगा.
साधुवाद