टिप्पणी: एक सेमीफायनल चर्चा 002

टिप्पणी एक छोटी सी चीज है, लेकिन टिप्पणी का महत्व छोटा नहीं है. इस कारण हिन्दीजगत के वरिष्ट चिट्ठाकरों नें इस विषय पर बीसियों महत्वपूर्ण लेख लिखे है. इन में से जितने लेख मैं अन्य चिट्ठाकारों के लेख से बटोर सका था, उन सब को  टिप्पणी एवं टिप्पणीशास्त्र में जोड दिया है. (यदि कोई और लेख आपकी नजर में हो तो उसे यहां टिप्पणी में जोड दें तो बडा आभार होगा).

टिप्पणी पर मुझे एक सेमीफायनल चर्चा के रूप में निम्न बातें और कहनी हैं:

7. सकारात्मक टिप्पणियां मुख्यतया दो तरह की होती हैं: एक  जो प्रोत्साहन के लिये दी जाती है, एवं दो  जो विषय को आगे बढाने के लिये की जाती है.

8. प्रोत्साहन के लिये दी जाने वाली टिप्पणियों में दोतीन से लेकर पांचदस शब्द पर्याप्त होते हैं. उदाहरण के लिये:

बहुत अच्छा है
अच्छा लगा
लिखने की प्रतिभा है
सशक्त कलम है
सशक्त अभिव्यक्ति है
लिखते रहें
नियमित लिखें

9. आप के चार शब्द एक हिन्दी चिट्ठाकार में उत्साह फूक सकते है, परंतु यदि आप ऐसा नहीं करते तो मेरी नजर में आप भी किसी भी तरह का प्रोत्साहन प्राप्त करने  की अर्हता नहीं रखते. दूसरों की मदद करना, उनको प्रोत्साहित करना, अदि एकराहा नही दुराहा है. यहा सिर्फ आवक नहीं बल्कि जावक भी जरूरी है.

10. खोज यंत्र टिप्पणियों की संख्या को बहुत महत्व देते हैं. अत: हिन्दी चिट्ठों पर टिप्पणी कर के आप गूगल जैसे खोंज यंत्रों को हिन्दी चिट्ठों का महत्व बता रहे है. ऐसा करना हर हिन्दी प्रेमी के लिये जरूरी है.

पुनश्च:  हिन्दी चिट्ठों को प्रोत्साहित करने के लिये सारथी हिन्दी के सक्रिय चिट्ठों की एक सूची प्रदान करता है.  इसी तरह  आप भी कम से कम अपने मित्रों के चिट्ठों की कडी अपने चिट्ठे पर देकर उनको प्रोत्साहित कर सकते हैं

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9 Responses to “टिप्पणी: एक सेमीफायनल चर्चा 002”

  1. समीर लाल Says:

    आपके कहे अनुसार मैं यह अलख जलाये हूँ लाख विरोध के बावजूद भी. मन नहीं होता इस मिशन से हटने का. आपका आभार कि आप अपना समर्थन देते हैं. :)

  2. Neeraj Rohilla Says:

    शास्त्रीजी,
    अभी पिछले कुछ दिनों से हमारी सक्रियता कम हो गयी थी लेकिन आपके कहे अनुसार छोटी ही सही टिप्पणी देना जारी रखेंगें |

    साभार,

  3. संजय बेंगाणी Says:

    कभी हमें टिप्प्णीपीर कहा जाता था. अब सक्रियता कुछ कम हुई है, क्योंकि अब चिट्ठाकार मैदान छोड़ने के लिए नहीं आते तो टिप्पणीयों के भ्रमजाल में फाँसे रखने की जरूरत उतनी नहीं रही.

  4. Prashant Priyadarshi Says:

    आपका प्रयास सच में बहुत ही सराहनीय है..

  5. kakesh Says:

    एक चिट्ठाकार के लिये टिप्पणी का बहुत महत्व है.इस बात को हम भी मानते हैं और जितना हो सके टिपियाते हैं.

  6. संजय तिवारी Says:

    बहुत अच्छा है …… अच्छा लगा ……लिखने की प्रतिभा है…..सशक्त कलम है …….सशक्त अभिव्यक्ति है ……लिखते रहें ……

    नियमित लिखें
    धन्यवाद

  7. रवीन्द्र प्रभात Says:

    आपका प्रयास बहुत ही सराहनीय है..

  8. अन्नपूर्णा Says:

    आशा है इस तरह की सलाहें मिलती रहेगी।

  9. Amit Says:

    वेब पर हिन्दी देख कर अच्छा लगता है
    हिन्दी वेबसाइट की संख्या भी बढती जा रही है
    आज कल काफी कम्पनियाँ भी हिन्दी टूल्स लॉन्च कर रही है
    गूगल के समाचार तो हम सबको पता ही होगा | गूगल इंडिक
    गोस्ताट्स नमक कंपनी ने भी एक ट्राफिक परिसंख्यान टूल हिन्दी मे लॉन्च किया है http://gostats.in
    इससे जाना जा सकता है की हिन्दी का भविष्य इन्टरनेट पे बहुत अच्छा है

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