स्वकल्याणदास जी

तत्पर हैं सदा
हर बात के लिये,
स्वकल्याणदास जी.

देशप्रेम है ऐसा उनका,
कि अध्ययन करते हैं
देशी समस्याओं का,
हमेशा
विदेशों में जाकर.

साथ हमेशा चलता है,
उनका पूरा कुनबा.
तर्क  है उनका यह कि,
कर भला अपना,
तो हो भला सबका.

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3 Responses to “स्वकल्याणदास जी”

  1. Sanjeet Tripathi Says:

    यई तो दिक्कत है कि ऐसे स्वकल्याणदास ही बहुत ज्यादा है हमारे देश में जबकि कल्याणदास इक्के-दुक्के ही हैं

  2. श्रीश शर्मा Says:

    हमारे सारे नेता और छद्म समाजसेवी इसी स्वकल्याण दास जी के वंशज हैं।

  3. समीर लाल Says:

    ये कौन से वाले मंत्री जी हैं. सभी तो ऐसे ही हैं. :)

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