यूनुस भाई ने हिंदी टूलबार के बारे में लिखा:
कमाल है । इत्ती सारी चीज़ें एक साथ । ये तो जादू का पिटारा है ।
तो हमने सोचा क्यों न इस टूलबार का नाम पिटारा रख दिया जाये। तो टूलबार को पहचान देने के लिये यह नाम हमें बहुत सही लगा। अब से हिंदी टूलबार का नाम हो गया है ’पिटारा’।
अब कुछ नया बता दिया जाये- मनोरंजन मीनू में अब अंग्रेजी समावार चैनल एनडीटीवी 24X7 लाइव जोड़ दिया गया है। इसके साथ ही आपके सप्ताहंत के लिये ’दिलवाले दुलहनिया ले जायेंगे’।
आपने अपने सभी मित्रों को हिंदी टूलबार पिटारा के बारे में तो बता दिया है ना?
इस विभाग के पिछले 10 पोस्ट
- एक बिजली, लाखों का नुक्सान!
- बनारस का बुद्धिजीवी फरिश्ता!
- जालियांवाला बाग हत्याकांड!!
- केरल में धार्मिक संघर्ष !!
- उन्मुक्त, सुरेश चिपलूनकर: अनुमोदन तथा कुछ और बातें!!
- पुलीस स्टेशन का एक और चक्कर!!
- ईसाईयों का “भाईचारा-संप्रदाय”
- अन्तर सोहिल का प्रश्न!!
- एक व्यक्तिगत बात !!
- मार दिया जाये या छोड दिया जाये!!




September 29th, 2007 at 8:11 pm
अच्छा है…
September 29th, 2007 at 10:13 pm
लो जी । जो दिल की बात थी वो लिखी थी ।
उसका कुछ तो उपयोग हो ही गया ।
धन्यवाद ।
September 29th, 2007 at 10:34 pm
यह बढ़िया हो गया-’पिटारा’
September 30th, 2007 at 2:24 am
बढ़िया नामकरण हुआ है युनूस भाई के कारण!!
October 8th, 2008 at 1:31 am
dhanybaad