एक अनोखा तोहफा चिट्ठाकारों के लिये

आज शाम को अपने सर्वर का लॉग जांच रहा था तो एक नया जालस्थल दिखा. जाकर देखा तो पता चला कि “चिट्ठाजगत” चुपके से एक और नया एग्रीगेटर तय्यार कर रहा है. उनका हिन्दी एग्रीगेटर है www.Chitthajagat.in लेकिन नया एवं समांतर एग्रीगेटर है www.Chitthajagat.com

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यह एग्रीगेटर “चिट्ठाजगत” की समग्री को पूरी तरह से एंग्लो हिन्दी में प्रस्तुत करता है. मेरी नजर में यह समांतर एग्रीगेटर हिन्दी जगत के लिये एक वरदान सिद्ध होगा क्योंकि हमारे संभावित पाठकों में से हमको सिर्फ 20% मिल रहे है. बाकी 80% तक पहुंचने के लिये यह जरूरी था.

हिन्दी बोलनेसमझने वालों की संख्या 60 से 70 करोड है लेकिन उनके बीच संगणक/जाल का प्रचार अभी हो ही रहा है. अत: मेरे मूल्यांकन के अनुसार हिन्दी चिट्ठाकारों को अपनी मेहनत के अनुपात में पाठक नहीं मिल रहे हैं. लेकिन जैसा मैं ने कई बार कहा है, पश्चिमी राज्यों में हिन्दीविद्यार्थीयों की संख्या बहुत अधिक है, संगणक/जाल का प्रसार भी बहुत अधिक है, अत: कम से कम चार गुने और पाठक वहां से आकर्षित किये जा सकते है. चिट्ठाजगत का यह एंग्लो-हिन्दी एग्रीगेटर इस दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान है.

दिल थाम कर बैठें. पता नही चिट्ठाजगत के कर्ता इस की घोषणा कब करें, लेकिन इसका असर एक महीने से कम में लगभग हर हिन्दी चिट्ठे पर नये पाठकों के रूप में दिखने लगेगा.

चिट्ठाजगत पर सम्बन्धित: हिन्दी, हिन्दी-जगत, राजभाषा, विश्लेषण, सारथी, शास्त्री-फिलिप, hindi, hindi-world, Hindi-language,

15 Responses to “एक अनोखा तोहफा चिट्ठाकारों के लिये”

  1. arvind mishra Says:

    स्वागतम !!

  2. समीर लाल Says:

    सुस्वागतम. अच्छा प्रयास है. दिल थामे हैं. :)

  3. rachna Says:

    yes to promote hind we have to use english and that is the best option

  4. श्रीश शर्मा Says:

    बहुत ही सार्थक प्रयास। पीयूष जी की भोमियो ट्रांसलिट्रेशन सेवा की बदौलत भी हमें सर्च द्वारा काफी पाठक मिलते हैं। उम्मीद है चिट्ठाजगत का यह कदम निश्चय ही हिन्दीजगत की पाठक-सँख्या बढ़ाएगा।

  5. rachna Says:

    yes to promote hindi we have to use english and that is the best option. and i wish all a sucess tho leave the hypocracy and acccept this fact हिंदी को आगे लाए जाने के लिये इंग्लिश का बहिष्कार ना करके उसका उपयोग करें तो ज़्यादा बेहतर होगा
    . its important that hindi is promoted to non hindi

  6. संजय बेंगाणी Says:

    शुभकामनाएं.

  7. Isht Deo Sankrityaayan Says:

    ज़रा वहाँ भी टहल आऊँ. फिर बताऊंगा.

  8. मीनाक्षी Says:

    शुभकामनाएँ

  9. Yatish Says:

    शुभकामनाए

  10. Sanjeet Tripathi Says:

    यह निश्चित ही एक सराहनीय प्रयास है! इससे चिट्ठों के पाठक बढ़ेंगे!!
    साधुवाद!

  11. Babloo Yadav Says:

    I like to all this. Thanks

  12. रवीन्द्र रंजन Says:

    तहे दिल से स्वागत है।

  13. प्रशान्त प्रियदर्शी Says:

    स्वागत है नये चिट्ठाजगत का..

  14. आप का ब्लोग और आप का नाम "रोमनीकरन" के बाद कैसा लगेगा ? आईये नीचे दीं तस्वीरो मे देखे । Says:

    आप का ब्लोग और आप का नाम “रोमनीकरन” के बाद कैसा लगेगा ? आईये नीचे दीं तस्वीरो मे देखे ।
    http://maeriawaaj.blogspot.com/2007/10/blog-post_07.html

  15. चिट्ठाजगत.कॉम – हिन्दी चिट्ठों का पहला रोमन एग्रीगेटर | ई-पण्डित Says:

    [...] एक अनोखा तोहफा चिट्ठाकारों के लिए [...]

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