घडी क्यों 5 मिनिट आगे रखें??

आज लगभग हर सफल व्यक्ति समय की पाबंदी का रोना रोता है. उनका सोचना है कि शायद  समय की कमी के कारण वे पाबंद नहीं रह पाते है. लेकिन यह सोचना गलत है.

Rush असल में  समय का पाबंद न रहना आदत की बात है, अवसर की नहीं. लेकिन इस कारण सारे विश्व में हिन्दुस्तान का अपमान होता है. मैं ने कई देशों में लोगों को यह कहते सुना है कि भारतीय लोग समय के पाबंद नहीं होते.

जीवन में समय की पाबंदी विकसित करने के लिये कई तरीके है, जिन में से एक है अपनी घडी को पांच मिनिट आगे रखना. लाखों लोगों ने इसे अजमाया है एवं इससे उनको बहुत फायदा हुआ है. 1970 से, जब मुझे मेरी पहली घडी मिली थी, यह मेरी आदत है. अपनी घडी हमेशा पांच मिनिट आगे रखता हूं.  इस पांच मिनिट ने हजारों बार मेरी मदद की है. आप भी आज से इसे अजमा कर देखें. इससे कोई फायदा न हुआ तो आप कुछ नहीं खोते. लेकिन यदि फायदा हुआ तो जीवन में आप  एक अच्छी बात और प्राप्त कर लेंगे.

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11 Responses to “घडी क्यों 5 मिनिट आगे रखें??”

  1. subodh rai Says:

    जी कह तो आप बिल्कुल दुरुस्त रहे हैं…

  2. समीर लाल Says:

    जी सर, मेरी घड़ी भी ५ मिनट आगे ही रहती है पिछले कई वर्षों से और इसके फायदे तो सुनिश्चित हैं.

  3. श्रीश शर्मा Says:

    जी बहुत बार यह तरीका सुना है, आजमाया भी और सफल भी रहा। लेकिन कुछ दिनों बाद फिर वहीं आ जाती है घड़ी।

    आपने कहा तो फिर से करके देखते हैं।

  4. sajeev Says:

    ise to sabhi aajmate hain sir koi aur bhi tarika sujhayeye, aap to is kaam me expert hain

  5. Sanjeet Tripathi Says:

    बचपन से ही पिता जी को देखा था रोजाना रेडियो और फ़िर बाद में टी वी से सुन-देखकर घड़ी मिलाते हुए। वही आदत अपनी भी पड़ी हुई है। सो पांच मिनट आगे कर भी लें तो दो चार दिन के बाद फ़िर से टी वी देखकर सही समय मिला ही डालेंगे!

  6. Yatish Says:

    घर की घडी तो मै 10 मिनट आगे रखता हू

  7. Anunad Singh Says:

    शास्त्री जी, सचमुच यह तरीका बेजोड़ है। इससे हमेशा ही मदद मिलती है।

    पूर्व निर्दारित समय पर कोई काम न कर पाने का कुसंस्कार भारत के लिये कलंक है; यह समय की बर्बादी का बहुत बड़ा कारण है। इससे मुक्त होने की हम सबको हमेशा कोशिस करनी चाहिये। इसके लिये सबसे सही तरीका है कि इसे माना ही न जाय, यानि जानबूझकर समय पर काम करने की जिद पाली जाय।

  8. amit sharma Says:

    सर मैं तो १० मिनट आगे रखता था, मगर शायद मेरा आलस इस आदत से मज़बूत था :(

  9. प्रशान्त प्रियदर्शी Says:

    मेरा विचार कुछ अलग है, और मैं समय का बहुत ज्यादा पाबंद भी हूं..
    मेरा विचार है की अपनी घड़ी को सही समय पर ही रहने दिया जाये और हमेशा समय के सथ ही चलने का प्रयास करना चाहिये.. ना आगे, ना पीछे..

  10. salem Says:

    sir,
    hamaari ghari hamesha 5-10 minut hamesha aage rehti hai,lekin is dimegh ka kya kerai jo hamesha yeh yaad rakhta hai ki hamaari ghari 5-10 minut aage hai. to abhi samai hai.

  11. salem Says:

    sir,
    hamaari ghari hamesha 5-10 minut aage rehti hai,lekin is dimegh ka kya kerai jo hamesha yeh yaad rakhta hai ki hamaari ghari 5-10 minut aage hai. to abhi samai hai.

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