अगस्त महीने में हम ने अपना अनुमान बताया था कि यदि सारथी इसी दर से नये पाठक आकर्षित करता रहेगा तो सितम्बर में 120,000 हिट्स एवं 40,000 पेज-पाठ पर पहुंच जायगा. हमारा अनुमान सही निकला. सितम्बर में सारथी के लेख 39,280 बार पढे गये जो हिन्दी जगत के किसी भी व्यक्तिगत या सामूहिक चिट्ठे के लिये एक बहुत बडी संख्या है. हिट्स की संख्या हमारे अनुमान से लगभग दस हजार अधिक मिले, लेकिन आंकडों के सही मूल्यांकन में हिट्स का महत्व पेज-पाठ की तुलना में गौण है अत: हम सिर्फ पेज-पाठ को महत्व देंगे.
मेरी इच्छा है कि हिन्दी में सन 2010 तक कम से कम 5000 ऐसे चिट्ठे हों जिनको कम से कम् 50,000 पेज-पाठ प्रति माह एवं 200,000 हिट्स मिल सकें. इसे नजर में रख कर हम सारथी की सफलता का राज एक बार और आप सबके समक्ष रखना चाहते है. कृपया नीचे दिया गया चित्र देखें:
हिन्दुस्तान से जितने पाठक मिले हैं उससे चार गुना पाठक विदेशों से मिले है, खास कर उन देशों से जहा हिन्दी शालेय एवं महाविद्यालयीन शिक्षा का एक हिस्सा है. ये विदेशी लोग लगातार हिन्दी लेखों की तलाश में रहते है अत: हिन्दी चिट्ठों के खपने लिये यह एक बहुत बडा बाजार है.
इस साल से अमरीकी सरकार ने हिन्दी को अमरीकी शालेय शिक्षा में प्रोत्साहित करने के लिये करोडों रुपये आबंटित किया है. अनुमान है कि देखादेखी यूरोपीय राज्य भी ऐसा ही करेंगे. इस कारण सन 2010 तक एक बहुत बडा हिन्दी बाजार तयार होने जा रहा है एवं चिट्ठाकारों को इसका भरपूर फायदा उठाना चाहिये.
सबसे पहले तो इस बात पर ध्यान दें कि पाठको की संख्या मई से (जब हम ने यह चिट्ठा चालू किया) कितने तेजी से बढी.
फिर इस बात पर ध्यान दें कि पाठकों के बढने के साथ साथ 961MB से लेखों का बहाव (बेंडविड्थ) किस तरह 3.21GB (3200MB) प्रति महीना हो गया है. आजकल हम जो पैसा दे रहे हैं उसमे अधिकतम 5000MB प्रति महीना की अनुमति है जिसके बाद हमें सर्वर पर इसके ऊपर की स्कीम लेनी पडेगी. खर्चा है, लेकिन खुशी की बात है.
इतने पाठक प्राप्त करने के लिये हम ने सारे हिन्दी एग्रीगेटरों की मदद ली, एवं उसके साथ साथ सारे बडे खोज इंजनों का सहारा लिया. गूगल एवं याहू जैसे खोज इंजन उन चिट्ठों को बहुत महत्व देते हैं जो:
1. नियमित रूप से कुछ न कुछ छापते हैं
2. जिन में भरपूर लेख है.
अत: सारथी पर हर दिन कम से कम एक नया लेख दिया गया. फलस्वरूप हर बडे खोज इंजन का "मकडा" हर दिन सारथी पर आता गया.
हम ने दूसर काम यह किया कि लगभग हर लेख के साथ "सक्रिय" कडियां दीं. सक्रिय कडी को खोज इंजन बहुत अधिक वजन देता है. चिट्ठाजगत पर सांकेतिक शब्द कडी बनाएँ मेनु की सहायता से हम अपने हर लेख के लिये सक्रिय कडियां बनाते हैं एवं आप भी कर सकते हैं. इन कडियों को मुख्य खोंज इंजनों ने किस तरह पकडा इसका उदाहरण आप बगल के चित्रों में देख सकते है. अब तो चिट्ठाजगत रोमन लिपि भी आ गया है अत: उसका भी फायदा सक्रिय कडी के लिये लिया जा सकता है जो हम जल्दी ही आपको बतायेंगे.
इस तरह 5 महीने में हम 1000 पेज-पाठ प्रति माह से 40,000 पेज-पाठ पर पहुंच गये है. सन 2008 से पहले 50,000 पेज पाठ को पार कर जायेंगे यह उम्मीद है.
एक बात पर और ध्यान दें कि सिर्फ एक महीने में कम से कम 434 लोगों ने सारथी को अपनी "फेवरेट" सूची में जोड दिया है. इसका मतलब है कि सितंबर में कम से कम 434 स्थाई पाठकों की गारंटी हो गई. यदि एक महीने में इतने सारे लोगों ने सारथी को अपनी अपने "फेवरेट" सूची में जोड दिया है तो साल भर में हमें कितने स्थाई पाठक मिल जायेंगे इसका अनुमान आप लगा सकते है.
इसके अलावा एक छोटा सा राज और भी है. सारथी के हर लेख के अंत में आपको एक छोटा सा प्रतीक Share This दिखेगा. उसे चटकाने पर आपको निम्न सुविधा दिखेगी. इन की सहायता से "सामुहिक पुस्त-चिन्ह या पाठ-चिन्ह" लगाया जा सकता है, या मित्रों को अपने प्रिय लेख के बारें में सूचना दी जा सकती है:
कई पाठक अच्छे लेखों पर इस तरह निशान लगा देते हैं एवं तुरंत ही वह बहुत सारे लोगों की नजर में आ जाता है.
सितंबर में कम से कम 1400 बार लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया. इससे सारथी के लेख हजारों नये पाठकों के समक्ष पहुंचे. [इस चिन्ह को आपके चिट्ठे पर कैसे लगायें इसके बारें में मेरे लेख का इंतजार करें]
कुल मिलाकर सारथी को इतने अधिक पाठक मिलने के पीछे राज है:
1. सारे हिन्दी एग्रीगेटरों मे उपस्थिति
2. सारे खोज यंत्रों में "सक्रिय" साकेतिक शब्दों द्वारा उपस्थिति
3. नियमित लेखन जिस कारण खोज यंत्रों का नियमित आगमन एवं खोज यंत्रों पर वरिष्ट स्थान
4. विषयों की विविधता जिस कारण खोज यंत्रों का नियमित आगमन एवं खोज यंत्रों पर वरिष्ट स्थान
5. विषयों की विविधता जिस कारण पाठकों द्वारा सारथी को अपनी "फेवरेट" सूची में जोड दिया जाना एवं नियमित आगमन
6. विषयों की विविधता जिस कारण पाठकों द्वारा सारथी को अपने सामूहिक पुस्तचिन्ह में जोड दिया जाना एवं उसके द्वारा नये पाठको का नियमित आगमन
दोस्तों, यह है सारथी का रहस्य आपके समक्ष. आप भी यह सब कुछ कर सकते है. 2008 आप के चिट्ठे के लिये एक शुभ वर्ष हो!
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October 2nd, 2007 at 6:17 am
अच्छी जानकारी.धन्यवाद.
October 2nd, 2007 at 7:25 am
धीरे-धीरे आजमा के देखेंगे।
October 2nd, 2007 at 11:25 am
सारथी की यह सफलता हिंदी जगत के लिए गर्व का विषय है। बधाई स्वीकार करें।
October 2nd, 2007 at 11:34 am
यह उपलब्धि बहुत बड़ी है, और बड़ी बात ये है कि इसके तरीके को सबके साथ साझा करना.
आपके स्वप्न पूरे हों इस हेतु शुभकामनाएँ.
October 2nd, 2007 at 11:41 am
इतना बड़ा आंकड़ा पार करने की बधाई और जानकारी देने और बांटने का शुक्रिया।
October 2nd, 2007 at 12:58 pm
बहुत-२ बधाई !!
October 2nd, 2007 at 1:38 pm
नो कमेन्ट्स.
October 2nd, 2007 at 1:57 pm
बहुत बहुत बधाई हो आपको.
October 2nd, 2007 at 2:43 pm
आपकी सफलता की कामना है।
October 2nd, 2007 at 7:24 pm
all the bset to you , sarthi and all associated sites
October 2nd, 2007 at 8:06 pm
बहुत बहुत बधाई. आप यूँ ही तरक्की करें, अनेकों शुभकामनायें.
October 2nd, 2007 at 11:31 pm
बधाई, बहुत बढ़िया जानकारी दी आपने उसके लिए धन्यवाद!!
लेकिन आपने लिखा है कि
“अक्टूबर में सारथी के लेख 39,280 बार पढे गये जो हिन्दी जगत के किसी भी व्यक्तिगत या सामूहिक चिट्ठे के लिये एक बहुत बडी संख्या है. ”
मुआफ़ी चाहता हूं, शायद आप सितंबर लिखना चाहते थे पर गलती से अक्टूबर लिखा गया!!
October 3rd, 2007 at 10:57 pm
बहुत बधाई शास्त्री जी, खुशी की बात है कि एक हिन्दी चिट्ठे ने इन ऊंचाइयों को छुआ।
सक्रिय कड़ियों से आपका क्या मतलब है, क्या टैग्स?
October 5th, 2007 at 2:33 pm
बहुत-बहुत बधाई. आप यूं ही सफलता के पथ पर अग्रसर रहें.