लगता है कि हिन्दीजगत में कुछ लोगों को मुफ्त का माल पसंद नहीं है एवं दूसरों का माल चोरी करने पर ही उनको आनंद आता है. कम से कम निम्न चिट्ठों ने स्पष्ट कहा है कि नाम पते के साथ उनका कोई भी माल किसी भी चिट्ठे पर प्रकाशित किया जा सकता है:
- सारथी
- तरंगें
- इंडियन फोटोस
- हिन्दी ब्लोगोस्फियर
- उन्मुक्त
- visfot.com
- मुन्ने के बापू
- छुट-पुट
- लेख
- Mamta TV
- देवभाषा
इन चिट्ठों पर एक से एक सामग्री छपती है. लेकिन इनका उपयोग लोग न के बराबर करते है. दूसरी ओर जिन चिट्ठों ने नकल करने को वर्जित कर रखा है उनसे थोक में चोरी होती है. आज शाम को निम्न चोरियां मेरी नजर में लाई गईं:
उठाईगिरी (Hindi World पर तथाकथित Payal Shah द्वारा)
उठाईगिरी (Hindi World पर तथाकथित Payal Shah द्वारा)
बिना मूल लेखक की अनुमति के एवं बिना मूल लेखक के नाम के बिना उठाई गई कुछ ओर प्रविष्टियां भी हैं लेकिन आज के लिये इतना रिपोर्टिंग काफी है.
इन कडियों को भी देख लें
चिट्ठाकार भाई बहन लोग जरा जांच लें कि आपकी भी कोई प्रविष्ठि वहां है क्या.
चिट्ठाजगत पर सम्बन्धित: विश्लेषण, आलोचना, सहीगलत, निरीक्षण, परीक्षण, सत्य-असत्य, विमर्श, हिन्दी, हिन्दुस्तान, भारत, शास्त्री, शास्त्री-फिलिप, सारथी, वीडियो, मुफ्त-वीडियो, ऑडियो, मुफ्त-आडियो, हिन्दी-पॉडकास्ट, पाडकास्ट, analysis, critique, assessment, evaluation, morality, right-wrong, ethics, hindi, india, free, hindi-video, hindi-audio, hindi-podcast, podcast, Shastri, Shastri-Philip, JC-Philip,
इस विभाग के पिछले 10 पोस्ट




October 3rd, 2007 at 6:53 am
कहा तो हमने भी था..मगर हमारा वो स्तर कहाँ???
October 3rd, 2007 at 7:55 am
बचपन में जो मजा बगल के घर से अमरूद चोरी कर के खाने में था वह अपने घर के अमरूद खाने में नहीं था।
शायद जो दुर्लभ हो उसे ही चोरी करने में मजा आता है। जिन्होंने अपनी स्वीकृति दे रखी है उसका माल चोरी करने में क्या फायदा।
October 3rd, 2007 at 8:19 am
चोरी पकड़ में आ ही जाती है। वैसे, कुछ लोग कह सकते हैं कि चलने दीजिए, रचना ही हो चुरा रहा है, माल-असबाब तो नहीं। लेकिन यह खतरनाक प्रवृति है, इसे रोका जाना चाहिए। आपने इस चोरी से परिचित कराया, इसके लिए धन्यवाद।
October 3rd, 2007 at 8:38 am
sir thanks again for giving this issue a place on your blog. you surely have made sarathi a platform where we can freely send information and it gets published so that all can benefit
i will keep sending links as when i find more
but ITS MY HUMBEL REQUEST THAT bloggers please go on this bog
http://payal-hindiworld.blogspot.com
and please put some nasty comments there so that the blog is closed . the email address is shah.payal19@gmail.com . if many emails in protext go there the blogger will close the blog. PLEASE join hands to set things right . Your help and support will go a long way
October 3rd, 2007 at 9:13 am
गलत बात का विरोध होना चाहिए.
October 3rd, 2007 at 11:12 am
ये प्रवृत्ति घातक है। रचनात्मकता को बढावा मिलना चाहिये ना कि नकल को।
October 3rd, 2007 at 12:21 pm
चोरी करना तो बहुत गलत है।
October 3rd, 2007 at 12:55 pm
चिट्ठाकारी के जो खतरनाक पक्ष हैं, उनमें एक यह भी है. सोचना पड़ेगा कि इससे निपटने का प्रभावी उपाय क्या हो सकता है.
October 3rd, 2007 at 7:43 pm
कुछ सज्जन तो बीबीसी से सीधे सामग्री उड़ा के अपने मुह मिया मिट्ठू बन रहे हैं.आख़िर उन्हें सोर्स देने मे क्या उज्र है?इस साहित्यिक चोरी को हर हाल रोकना होगा .
October 3rd, 2007 at 7:45 pm
@arvind mishra
sir please be kind enough to give links . its immaterial who the blog belongs to but if we say something we should give links also . once you share your information with mr shashtri he can surely be of help
October 4th, 2007 at 12:43 am
हम खुद परेशान है शास्त्री जी, एक दो सज्जन ने हमारे चिट्ठे से कुछ पोस्ट्स जस की तस उठा कर रख ली है!
क्या किया जाए!
October 4th, 2007 at 8:09 am
@Sanjeet Tripathi
please send details to me thru mr shashtri . your original links and copied links