मेरे लेख बेंडविड्थ चोरी न करें!! में मैं ने उन्मुक्त जी के लेख चित्र जोड़ना – यह ठीक नहीं के विषय को आगे बढाने की कोशिश की है. लेकिन विषय एकदम से नया होने के कारण पाठकों के मन में बहुत से संशय बचे हैं, जिनको एक एक करके हम देखेंगे.
Illustration: Jeff
प्रश्न: कल भी इस विषय पर पढ़ा था और आज आपको भी पढ़ा है काफ़ी संदेह मन मे उठ रहे है क्या किया जाय? (balkishan)
उत्तर: आपके मन में जो प्रश्न आते हैं वे या तो सारथी पर रेखांकित कर दें या उन्मुक्त जी के चिट्ठे पर टिपिया दें. हम में सो कोई न कोई अगले लेखों में आपके प्रश्न का समाधान कर देगा. यदि इन दोनों जगह समाधान नहीं होता तो “चिट्ठाकर” या “पाणिनी” ईसमूह में प्रश्न उठायें, कोई न कोई आपका शंका समाधन कर देगा.
प्रश्न: हम अगर पहले किसी चित्र को (इंटरनेट पर कंही से भी) अपने कंप्युटर पर कोपी करे फ़िर उसे अपनी पोस्ट पर चिपका दे तो क्या ये भी चोरी की श्रेणी मे आता है? कृपया स्पष्ट करें. (balkishan)
उत्तर: ऐसा करने पर बेंडविड्थ आपका खर्च होता है अत: बेंडविड्थ-चोरी नहीं होगी. लेकिन यदि चित्र के पुन: उपयोग की अनुमति नहीं ली तो यह प्रतिलिपि अधिकार का उल्लंघन होगा. उदाहरण के लिये, बिना लिखित अनुमति सारथी के एतिहासिक चित्रों का पुन: प्रकाशन वर्जित है. उल्लंघन न करें. लेकिन यदि एक ईपत्र भेज दें तो उपयोग की लिखित अनुमति दे दी जाती है. लगभग हर जालराज आप से यही उम्मीद करता है.
प्रश्न: दूसरे के चिट्ठे का चित्र अपने चिट्ठे पर कड़ी के साथ और बैंडविड्थ की चोरी! दूसरे के बैंडविड्थ की चोरी कैसे हुई? इस बात को कुछ और आसानी से समझाया जा सकता है क्या? (अतुल शर्मा)
उत्तर: चित्र को आपके चिट्ठे पर दिखाने के लिये जो डाटा उनके सर्वर से आपके सर्वर पर आता है उसके लिये उनका बेंडविड्थ खर्च होता है. उदाहरण के लिये, छुप कर अपने पडोसी की टंकी से नल जोड कर यदि टोंटी आपके घर लगा दें तो पानी मिलेगा आपको अपनी टोंटी से, लेकिन खाली होगी पडोसी की टंकी.












December 12th, 2007 at 11:51 am
बहुत बढ़िया. धन्यवाद.
कई शंकाओं का समाधान मिला और बाकी जो बची है उनके लिए आपको ही तंग करूँगा.
December 12th, 2007 at 12:11 pm
इसका मतलब यह कि अगर आप अपनी वेबसाईट चलाते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि आपको कोई लिंक न कर सके नहीं तो आपको पता भी नहीं चलेगा और टंकी खाली हो जाएगी?
December 12th, 2007 at 12:31 pm
@balkishan,
स्वागत है. अभी दोतीन दिन इसी विषय पर लेख
आयेंगे जिन में शंका समाधान की कोशिश होगी
December 12th, 2007 at 12:32 pm
@sanjay tiwari
फिलहाल ऐसी कोई आसान तरकीब नहीं है जिससे आप कडी द्वारा होने वाली चित्रचोरी रोक सकें. लेकिन कोई ऐसा करता दिख जाये तो आप उसे फौरन चेतावनी दे सकते हैं
December 12th, 2007 at 4:58 pm
अच्छी जानकारी.. पोस्ट से भी और टिप्पणी के उत्तरों से भी..
December 12th, 2007 at 5:00 pm
एक प्रश्न विषय से थोड़ा अलग हट कर..
आपके पूराने पत्रों को पढने के लिये क्या करना होगा?
December 12th, 2007 at 6:31 pm
बहुत अच्छी जानकारी
December 12th, 2007 at 6:46 pm
तो ठीक है साहब हम टोंटी अपनी ही टैंकी में लगाएंगे। और अगर अपनी टैंकी खाली हुई तो पडोसी से एक जग माँग लाएंगे कि हमें भी पानी की जरूरत है!
मार्गदर्शन करते रहें!