कई पाठकों ने पूछा है कि अन्य व्यक्ति के सर्वर पर स्थित चित्र लिंक द्वारा अपने चिट्ठे पर दिखाने पर उसका बेंडविड्थ कैसे खर्च होता है. सबसे पहले आप यह जान लें कि कोई भी डेटा किसी सर्वर से पाठक के संगणक तक पहुंचने के लिये उसी तरह से बेंडविड्थ लेता है जैसे पानी नल से होकर गुजरने के लिये आयतन घेरता है.

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यदि आपका लेख एवं उससे संबंधित चित्र आपके ही सर्वर पर स्थित हो तो इन दोनों चीजों को पाठक के संगणक तक पहुंचाने के लिये सारी मेहनत आपके सर्वर को करनी पडेगी एवं बेंडविड्थ खर्च होगा आपका. लेकिन यदि चित्र किसी और के सर्वर पर हो तो स्थिति बदल जाती है. इसके लिए नीचे दिये गया चित्र देखें:

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जब चित्र किसी गैर के सर्वर पर स्थित हो तो आपके चिट्ठा-पाठक के संगणक तक लेख जाता है आपके सर्वर से, लेकिन चित्र सीधे जाता है दूसरे के सर्वर से जिस पर चित्र स्थित है. चित्र को पाठक के संगणक तक पहुंचाने में आपके सर्वर का रोल सिर्फ उस चित्र का जालपता देने तक सीमित है, लेकिन भेजने का काम वह सर्वर करता है जिस पर वह चित्र स्थित है. अत: बेंडविड्थ खर्च होता है उसका. बिना अनुमति अपने लिये अन्य के सर्वर से काम करवाना बेंडविड्थ-चोरी है एवं उस सर्वर का मालिक आपके विरुद्ध कार्यवाही कर सकता है.

इस का मतलब यह है कि बिना अनुमति न तो नकल करके दूसरे का चित्र अपने चिट्ठे (सर्वर) पर लाना चाहिये, न ही कडी की मदद से उसके सर्वर पर स्थित चित्र को आपके चिट्ठे पर दिखाना चाहिये. पहला काम चोरी है (दूसरे का चित्र), दूसरा काम सीनाजोरी है (चित्र की चोरी, मालिक के खर्चे पर). यदि शुरू से ही आप इन चीजों का ख्याल रखेंगे तो आपको कानूनी परेशानी कम होगी.


Comments

11 Comments so far

  1. Gyan Dutt Pandey on December 13, 2007 7:08 am

    आपने अच्छा किया, चित्र किसी विचार को समझाने का बेहतर माध्यम है।

  2. Sanjeeva Tiwari on December 13, 2007 7:57 am

    यह तकनीकी जानकारी हमें नहीं थी हम सिर्फ कापीराईट के लफडे ही समझ रहे थे । धन्‍यवाद बेहतर ढंग से जानकारी देने का ।

  3. meari awaaj on December 13, 2007 9:28 am

    गूगल पर पेज क्रीयेटर सुविधा फ्री है आप उसका उपयोग करके अपने काम के पेज / फोटो वहाँ डाल सकते हैं और उन का लिंक अपने ब्लोग पर डाल सकते है ।बेंडविड्थ की प्रॉब्लम आम ब्लॉगर को नहीं आती है क्योकी वह गूगल का सर्वर इस्तमाल करता हैं । http://maeriawaaj.blogspot.com/2007/12/blog-post_11.html

  4. Shastri JC Philip on December 13, 2007 9:47 am

    @meari awaaj

    आप विषय नहीं समझ रहे हैं. कल आपके चिट्ठे पर भी इस बात पर मैं ने टिप्पणी की थी.

    मैं यहां आम चिट्ठाकार के बेंडविड्थ की समस्या की चर्चा नहीं कर रहा. चर्चा हो रही है कि कोई चिट्ठाकार “गैर” व्यक्ति के सर्वर पर स्थित चित्र लिंकिंग द्वारा अपने चिट्ठे पर दिखाये तो बेंडविड्थ की चोरी कैसे होती है.

    विषय का पहला परिचय दिया था उन्मुक्त जी ने. उसी विषय के तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट कर रहा हूं मैं.

  5. अतुल शर्मा on December 13, 2007 10:45 am

    यह बात तो समझ में आ गई।
    एक बात और, यदि मैं आपके चिट्ठे या लेख की हाइपरलिंक अपनी किसी पोस्ट में देता हूँ तो इसमें भी बैंडविड्थ की चोरी है या नहीं?

  6. Shastri JC Philip on December 13, 2007 10:55 am

    @अतुल शर्मा,

    लिंक या कडी देना अलग बात है, लिंक द्वारा चित्र को अपने चिट्ठे पर लाना अलग बात है.

    लिंक देने से किसी का कोई बेंडविड्थ खर्च नहीं होता है. मैं इस पर एक लेख प्रस्तुत करके मामल स्पष्ट कर दूंगा

  7. meari awaaj on December 13, 2007 11:19 am

    thank you its clear now .

  8. rachna on December 13, 2007 11:39 am

    क्या वेब साईट के मालिक को भी हम चिट्ठाकार ही कहेगे ? या चिट्ठाकार शब्द का उपयोग केवल ब्लॉगर के लिये होता है ? बेंडविड्थ की चोरी का मामला क्या ब्लॉगर से जुडा है या web owner से जुडा है ? web owner के लिये हम Hindi के क्या तकनिकी टर्म लगे ? आप ने एक बार मेरे कमेन्ट पर भी एक पोस्ट दी थी चिट्ठा/जालस्थल: कुछ गलतफहमियां http://sarathi.info/archives/947 तब भी सारी ग़लतफ़हमी की वज़ह वेबसाईट मालिक को ब्लॉगर बताने की वज़ह से हुई। मै गलत हो सकती हूँ , पर आप बडे है तो आप से clarification का पुनेह आग्रह कर रही हूँ . अगर आम चिट्ठाकार के लिये बेंडविड्थ की चोरी का कोई महत्व ही नहीं है तो क्या इस लेख से “आम चिट्ठाकार” उसके संशय बढ़ नहीं जायेगे । जो ब्लॉगर गूगल या किसी और सर्वर पर हैं उन को अगर चित्र डालना है तो केवल कॉपी राइट का ही ध्यान रखना होगा , और ये भी ध्यान रखना होगा की जहाँ से वह चित्र उठा रहें है वह फ्री सर्वर है या पैड { Paid } सर्वर है । आप १०० % सही हो सकते पर मै जाना चाहती हूँ मै कितन गलत हूँ और क्यो । अगर संभव हो और आप सही समझे तो बता दे

  9. rachna on December 13, 2007 11:40 am

    क्या वेब साईट के मालिक को भी हम चिट्ठाकार ही कहेगे ? या चिट्ठाकार शब्द का उपयोग केवल ब्लॉगर के लिये होता है ? बेंडविड्थ की चोरी का मामला क्या ब्लॉगर से जुडा है या web owner से जुडा है ? web owner के लिये हम Hindi के क्या तकनिकी टर्म लगे ? आप ने एक बार मेरे कमेन्ट पर भी एक पोस्ट दी थी चिट्ठा/जालस्थल: कुछ गलतफहमियां
    http://sarathi.info/archives/947
    तब भी सारी ग़लतफ़हमी की वज़ह वेबसाईट मालिक को ब्लॉगर बताने की वज़ह से हुई। मै गलत हो सकती हूँ , पर आप बडे है तो आप से clarification का पुनेह आग्रह कर रही हूँ . अगर आम चिट्ठाकार के लिये बेंडविड्थ की चोरी का कोई महत्व ही नहीं है तो क्या इस लेख से “आम चिट्ठाकार” उसके संशय बढ़ नहीं जायेगे । जो ब्लॉगर गूगल या किसी और सर्वर पर हैं उन को अगर चित्र डालना है तो केवल कॉपी राइट का ही ध्यान रखना होगा , और ये भी ध्यान रखना होगा की जहाँ से वह चित्र उठा रहें है वह फ्री सर्वर है या पैड { Paid } सर्वर है । आप १०० % सही हो सकते पर मै जाना चाहती हूँ मै कितन गलत हूँ और क्यो । अगर संभव हो और आप सही समझे तो बता दे

  10. Shastri JC Philip on December 13, 2007 11:57 am

    @rachna,

    इन दिनों हम एकदम से नये विषयों पर चर्चा कर रहे हैं अत: कई प्रकार के संशय स्वाभाविक हैं मैं जल्दी ही इन बातों को स्पष्ट करने की कोशिश करूंगा

  11. ravindra.prabhat on December 13, 2007 10:22 pm

    आपने तो विल्कुल शिक्षक की मानिंद चित्रमय प्रस्तुति के माध्यम से ऐसा समझा दिया कि पूरीतरह मन-मस्तिस्क में स्थान बनाती चली गयी , कोटिश: बधाईयाँ !

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