चिट्ठा एग्रीगेटर की कमी!

काफी अर्से पापी पेट की जरूरतों के पीछे  भाग, चिट्ठाकारी को हटा कर रखने  के बाद चिट्ठाकारी में लौटा तो एक बात बहुत खल गई कि कोई भी एग्रीगेटर काम नहीं कर रहा है. ऐसा लगा कि मैं अनाथ हो गया हूं.

दर असल कुछ साल से यह नियम बन गया था कि रोज सुबह चिट्ठाजगत पर एक नजर डालने के बाद ही बाकी कुछ किया जाये. संगणक पर काम करने के बीच दिन भर में कम से कम दसबीस बार नजर चली जाती थी. जैसे ही किसी प्रिय चिट्ठाकार का आलेख दिखा, या किसी और का कोई दिलचस्प आलेख नजर आया, या कोई नया-नवेला सशक्त लेखक नजर आया तो उस आलेख को पढना एवं टिप्पणी करना जीवन का एक अंग बन गया था.

कोई भी कार्य कितना भी खुशी दे, कितना भी सहज हो, वह करना और भी सहज हो जाता है जब उसके लिये सही औजार उपलब्ध हो. दीवार में कील ठोकने के लिए पत्थर काफी है, लेकिन वह हथौडे का आनंद या सुविधा नहीं देता है. चिट्ठाजगत में हम अपने मित्रों के चिट्ठों पर जा जाकर देख सकते हैं, लेकिन एग्रीगेटर में सबकुछ (शीर्षक, टिप्पणी, आंकडे आदि) देखने का मजा कुछ और ही है.

इस हफ्ते चिठाजगत के जालसाज से बात हुई तो पहली बार पता चला कि एग्रीगेटर की प्रोग्रमिंग कितनी जटिल है, जिसके चलते उनका यंत्र रुक गया है. उम्मीद है कि जल्दी ही उनका नवीन तंत्र सही हो जायगा जिससे कि हम सब पुन: एक दूसरे को देख सुन सकें.

निमंत्रण: शास्त्री परिवार!

AnJCPA

मेरे बेटे आनंद का कुमारी अर्पिता के साथ

शुभ विवाह (23 जनवरी 2010) पर सारथी

के सारे मित्रों का स्वागत है.

 

विवाह स्थल: भारतमाता

कालेज, त्रिक्ककारा, एर्नाकुलम

समय: 23 जनवरी 2010, प्रात: 11 बजे

सस्नेह — शास्त्री परिवार

ईसा जयंती: शुभ कामनायें!!

JChrist

 

ईसा-जयंती के इस पावन पर्व पर
आप सब को ईश्वर की असीम आशिष प्राप्त हो!

 

राजमहलों में जन्म लेने के बदले जिस तरह से
प्रभु ईसा ने
एक गरीब के घर में
और वह भी अपने मांबाप की यात्रा के

दौरान एक गौशाले में जन्म लिया,  उस घटना
के द्वारा प्रभु हम सब को
यह समझने की
बुद्धि प्रदान करें कि ईश्वर आम आदमी

के दिलों में वास करना चाहते हैं.

 

प्रभु करे कि नया साल आप सब के जीवन

और मनों में ईश-निवास का एक साल हो!

सस्नेह — शास्त्री

शुभ दीपावली !!

deepavali

 

सारथी के परिवार एवं सारे मित्रों को दीपावली की शुभ कामनाये!!!

Pic by antkriz