अपना चिट्ठा/जालस्थल लुटेरों से बचायें 8

अब आते हैं डोमेन कंट्रोल पेनल पर. जिस तरह आप नाम/कूटशब्द की सहायता से अपने चिट्ठे के या ईपत्र के (जीमेल, हॉटमेल, याहू इत्यादि के) कंट्रोल पेनल या डेशबोर्ड पर जाते हैं उसी तरह डोमेन को नियंत्रित करने के लिये ग्राहक को मिलना चाहिये डोमेन कंट्रोल पेनल. यदि कोई डोमेन पंजीकारक आपको डोमेन कंट्रोल पेनल देने से इन्कार करता है तो उससे पंजीकरण न करवायें. ऐसी “जमीन” से किसी को कोई फायदा नहीं है जिसकी रजिस्ट्री तो आपके नाम कर दी गई है, लेकिन जिस पर मालिकाना हक रजिस्ट्रार के हाथ में है. आपके डोमेन का मालिकाना हक व्यावहारिक रूप से आपके हाथ में आना है तो वह सिर्फ डोमेन कंट्रोल पेनल के द्वारा ही आयगा. नहीं तो कल आप अपने डोमेन को बेचना चाहें, मालिकाना हक अपने बीबीबच्चों को देना चाहें, या और किसी रजिस्ट्रार के नियंत्रण में लाना चाहें (जैसा मै ने किया था), तो वह आप नहीं कर पायेंगे. मेरे एक पुराने डोमेन कंट्रोल पेनल का एक हिस्सा नीचे दिखाया गया है:

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यहां जाकर आप अपने नाम/कूटशब्द की मदद से निम्न डोमेन कंट्रोल पेनल देखेंगे. (हर कम्पनी के डोमेन कंट्रोल पेनल में थोडाबहुत फरक रहता है, अत: इसे सिर्फ मार्गदर्शन के रूप में लें): Read the rest of this entry »

सारथी मुफ्त सॉफ्टवेयर अवलोकन 3

प्रस्तुत है बेहद उपयोगी 4 और सॉफ्टवेयर का परिचय एवं प्राप्तिस्रोत.  उम्मीद करते हैं कि हर हफ्ते चुने हुए नये एवं बेहद उपयोगी सॉफ्टवेयरों का लघुपरिचय, एवं उनको कहां से प्राप्त किया जाये इसकी जानकारी हम उपलब्ध करवा सकेंगे.  यदि यह श्रंखला आपको उपयोगी प्रतीत होती है तो अपनी टिप्पणी द्वारा हमें बाताना न भूलें. यह भी बतायें कि इस परम्परा को हम आपके लिये अधिकतम उपयोगी कैसे बना सकते हैं.

फ़ीडरीडर 3.10 RC1(फ़्रीवेयर, 4.44 MB):  फ़ीडरीडर एक मुफ्त तंत्र है जिस से आप अन्तर्जाल पर उपलब्ध एक्सएमएल पर आधारित आरएसएस या एटम बौछारों को अपने कम्प्यूटर पर पढ सकते हैं। नवीनतम संस्करण डाउनलोड/अपने संगणक पर उतारिये

औपेरा 9.21( फ़्रीवेयर, 6.27 MB): एक जानदार बैहतरीन अन्तर्जाल देखने का औज़ार। आप अन्तर्जाल तेज़ी से, आसानी से और सुरक्षित तरीके से देख सकते हैं। इस में सब मिलेगा, पॉप अप बलौकिंग, टैब ब्राउज़िंग, खोज यंत्र, ई-डाक, आरएसएस, चैट सब। नवीनतम संस्करण डाउनलोड/अपने संगणक पर उतारिये

क्लैमविन 0.90.2.1(ओपन सोर्स, 15.10 MB):  क्लैमविन एक मुफ्त एंटीवायरस है जो मुफ्त भी है और जानदार भी इस के बैहतरीन विकलप आप को चौंका देंगे। नवीनतम संस्करण डाउनलोड/अपने संगणक पर उतारिये

पिडगिन 2.0.2(ओपन सोर्स, 11.00 MB):  पिडगिन एक संदेश वाहक है जो विंडोज़ एवं लिनक्स दोनो में बैहतरीन काम कता है। आप इस से अपने किसी भी खाते यानी AIM, ICQ, Jabber, MSN, Yahoo, आदि-आदि का उपयोग कर जिन्दगी का मज़ा लें। नवीनतम संस्करण डाउनलोड/अपने संगणक पर उतारिये

प्रस्तुति: विपुल जैन (http://www.hi.mustdownloads.com)
सम्पादन: शास्त्री जे सी फिलिप (
http://www.Sarathi.info)

इस श्रंखला के पिछले लेख
सारथी मुफ्त सॉफ्टवेयर अवलोकन 1
सारथी मुफ्त-सॉफ्टवेयर अवलोकन 2

 

हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है. सारथी के हिन्दी अभियान का साथ दीजिये!!

सारथी अर्थ अनर्थ 1

1960 आदि में हमारे हिन्दी अध्यापक हमें डंडा (स्केल) मार मार कर सिखाते थे. हिन्दी उनका प्रेम था, सखि थी, साधना थी. वे हमको स्टूल पर खडा करते थे, हाथ ऊपर करके खडा करते थे, विकट परिस्थितियों में मुर्गा भी बना देते थे. उनसे हमारा सम्बन्ध स्नेह-नफरत का था. कौन अपने मुर्गा-चालक से स्नेह ही स्नेह कर सकता है. लेकिन इन अध्यापकों ने हमारी जिंदगी बना दी, हमें जीवनदान दिया. यदि हिम्मत के साथ हिन्दी के चार वाक्य बोल पाते हैं तो यह उनकी देन है, वरदान है.

शब्दों के सही प्रयोग पर वे लोग बहुत जोर देते थे. शब्द में जीवन है, यदि वे आपके नियंत्रण में है तो. नहीं तो अनजाने ही वे कातिल बन जाते हैं. इस शृंखला में प्रस्तुत है कुछ आम शब्द एव उनके सहीगलत प्रयोग के बारे में जानकारी. इनमें से अधिकतर को मैं ने हिन्दी चिट्ठों से लिया है.

गलत उच्चारण/रचना सही शब्द
अधीन आधीन
अजमाइश आजमाइश
अवश्यक्ता आवश्यक्ता
अहार आहार
तत्कालिक तात्कालिक
नदान नादान
बजार बाजार
सप्ताहिक साप्ताहिक

पद्य विधा में लेखकों को काफी आजादी रहती है, एवं यह जानकारी सिर्फ गद्य से सम्बन्ध रखती है. यदि इन लेखों में कोई गलती हो जाती है (संगणक पर मात्रायें अकसर गडबडा जाती हैं) तो स्नेही पाठकगण टिप्पणी द्वारा उसे सुधार दें. मैं आभारी हूंगा – शास्त्री जे सी फिलिप

अपना चिट्ठा/जालस्थल लुटेरों से बचायें 7

जब से अंतर्जाल हिन्दुस्तान में आया है तब से मैं उस पर सक्रिय हूं, एवं मेरे कडुवे अनुभवों (एवं दुनियां भर के सैकडों अन्य लोगों के भी कडुवे अनुभवों) के आधार पर मेरा सुझाव है कि हर व्यक्ति को अपना व्यक्तिगत डोमेन खरीद लेना चाहिये. इसका खर्चा बहुत कम हो गया है, एवं सुरक्षा करना भी अधिक आसान है.

हिन्दुस्तान के लगभग हर बडे शहर में अब डोमेन के पंजीकारक मिल जाते हैं. ये 350 से 450 रुपया प्रति नाम, प्रति वर्ष के लिये लेते हैं. इनके द्वारा पंजीकरण करने से पहले निम्न बाते स्पष्ट होनी चाहिये, क्योंकि लूट की शुरुआत यहां पर होती है.

1. वे आपको अपना खुद का कूट-शब्द द्वारा सुरक्षित “डोमेन कंट्रोल पेनल” देंगे क्या. जरूरत पडने पर इसका कूट-शब्द आप बदल सकते हैं क्या.

2. जरूरत पडने पर आप सीधे पंजीकारक के दफ्तर जाकर उससे मिल सकते हैं क्या.

3. जरूरत पडने पर आप उसका अता-पता जान सकते हैं क्या. Read the rest of this entry »