हिन्दी के प्रयोग की बात चलते ही कई लोग फट से कह देते हैं हिन्दी के आसान उपयोग एवं प्रचार प्रसार के लिये कोई औजार उपलब्ध नहीं है. इस तरह के अंधेपन द्वारा हम खुद अपनी भाषा के प्रसार को रोक रहे हैं.
पिछले एक साल से मैं द्रुत हिन्दीलेखन के लिये दो इलेक्ट्रानिक शब्दकोशों की मदद लेता आया हूं. पहले चित्र में आप एक वृहद हिन्दी-अंग्रेजी एवं अंग्रेजी-हिन्दी कोश देख सकते हैं. इसमें 120,000 शब्द एवं 20,000 मुहावरे हैं. कीमत सिर्फ 500 रुपये से 650. राजभाषा के सफल उपयोग के लिये यह कोई बडी राशि नहीं है. पूरी जानकारी के लिये देखें: पेलागियन कोश
दूसरे चित्र में आप टर्टल अंग्रेजी हिन्दी कोश देख सकते हैं. यह पहले कोश से कुछ सीमित, लेकिन उससे तेज एवं आसान है. पहले कोश के लिये सीडी का संगणक में होना जरूरी है लेकिन इसके लिए यह जरूरी नहीं है.
मै इसका प्रयोग अधिक करता हूँ, लेकिन शब्द न मिलने पर पहला कोश देख लेता हूँ. इसके बारे में जानकारी आप यहां देख सकते हैं: पब्लिक सोफ्ट कीमत है महज 140 से 150 रुपया. मेरे लिये ये 150 हिन्दी-उपयोग के लिये किया गया सबसे बडा निवेश निकला. आप भी कोशिश करे. बस यह बहाना न बनायें कि हिन्दी में औजार नहीं है.
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