<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><!-- generator="WordPress/2.5" -->
<rss version="0.92">
<channel>
	<title>सारथी</title>
	<link>http://sarathi.info</link>
	<description>शास्त्री जी  का विश्वकोश, विभिन्न विषयों पर आधिकारिक जानकारी !!</description>
	<lastBuildDate>Tue, 06 May 2008 02:50:58 +0000</lastBuildDate>
	<docs>http://backend.userland.com/rss092</docs>
	<language>en</language>
	
	<item>
		<title>करोडों सिक्के गला दिये गये!</title>
		<description>  सिख कौम हमेशा ही भारत के विदेशी आक्रमणकारियों के लिये सरदर्द का कारण रही है. उनके गुरुओं ने उनको स्वतंत्रता का जो पाठ पढाया था उस कारण उन्होंने हमेशा विदेशी आक्रमणकारियों का विरोध जान देकर किया. अनुमान है कि पंजाब पर नियंत्रण पाने के पहले लगभग 200,000 सिखों ...</description>
		<link>http://sarathi.info/archives/1269</link>
			</item>
	<item>
		<title>चिट्ठाकारी एवं अर्थलाभ</title>
		<description>  मैं ने अपने कई चिट्ठों में अर्थलाभ के बारे में बताया था. कई चिट्ठाकारों का कहना है कि वे तो सिर्फ स्वांत: सुखाय लिखते हैं अत: अर्थलाभ-हानि से उनको कुछ लेनादेना नहीं है. मैं ने चिट्ठाकारी शौकिया शुरू की थी लेकिन आय से मुझे परहेज नहीं है. बल्कि ...</description>
		<link>http://sarathi.info/archives/1266</link>
			</item>
	<item>
		<title>ट्रावन्कोर सिल्वर फणम (फन नहीं)!</title>
		<description>  कुछ दिन पहले मैं ने दुनियां के सबसे छोटे सिक्के! लेख में फानम (फणम, पणम) नामक सिक्के के बारे में बताया था. तमिल और मलयालम में पणम का मतलब होता है धन, एवं यह नाम वहीं से आया है. फणम दुनियां के सबसे छोटे सिक्के हैं. फानम का ...</description>
		<link>http://sarathi.info/archives/1263</link>
			</item>
	<item>
		<title>पैसा नहीं बल्कि देशप्रेम!</title>
		<description>  पिछले कई सालों से मैं भारत के एतिहासिक स्थानों का अध्ययन कर रहा हूँ एवं अगली पीढियों के लिये इन धाराशाई होते एतिहासिक स्थानों के उच्च किस्म के छायाचित्र उतार रहा हूँ. इन यात्राओं के दौरान कई महानुभवों से मुलाकात होती है जिनके आगे मेरा मन नतमस्तक हो ...</description>
		<link>http://sarathi.info/archives/1258</link>
			</item>
	<item>
		<title>दुनियां के सबसे छोटे सिक्के!</title>
		<description>  पिछले दिनों मैं ने अपने नये शौक "सिक्का संग्रह" के बारे में सूचना दी थी. तब सारथी के मित्रों ने इस विषय पर हिन्दी में लिखने का आग्रह किया था. पेश है पहला लेख. अंग्रेजी जाल आप Coins Encyclopedia पर देख सकते हैं. दुनियां का सबसे छोटा सिक्का ...</description>
		<link>http://sarathi.info/archives/1255</link>
			</item>
	<item>
		<title>यह ज्ञान कब तक बचेगा ?</title>
		<description>  कुछ महीने पहले मैं ने लुप्त होते भारतीय ज्ञान एवं कलाओं की ओर इशारा किया था. उस लेख में मैं ने केरल के एक दुर्लभ आईने का नाम लिया था जो श्रेष्ठतम कांच के आईने के तुल्य होता है लेकिन जस्तेसमान किसी धातु का बना होता है. यह ...</description>
		<link>http://sarathi.info/archives/1254</link>
			</item>
	<item>
		<title>कैसी पाश्विकता थी यह!!</title>
		<description>  

मेरे पिछले लेख में मैं ने मनुष्य की स्वाभाविक बर्बरता पर लिखना शुरू किया था. मैं ने यह कहने की कोशिश की थी कि यदि स्त्रियां स्त्रियों के विरुद्ध अपराध करना बंद कर दे तो समाज में क्रातिकारी परिवर्तन आ जायगा. लेकिन जब तक स्त्रियां अपनों के ही ...</description>
		<link>http://sarathi.info/archives/1251</link>
			</item>
	<item>
		<title>हिंसा पर उतारू समाज</title>
		<description>  जैसा मैं ने अपने पिछले लेख में कहा था, मेरे पेशाई सफलता से त्रस्त एक आदमी पिछले दो महीनों से मुझे परेशान किये जा रहा था. चाहे शारीरिक हो या मानसिक, दर्द कभी भी एक सामान्य व्यक्ति को आनंद नहीं देता है. इसके बावजूद जीवन में कभी कभी ...</description>
		<link>http://sarathi.info/archives/1248</link>
			</item>
	<item>
		<title>मीडिया डाक्टर ??</title>
		<description>  

कुछ हफ्तों की गैरहाजिरी के बाद आजकल सारे चिट्ठों को बडी तेजी से पढने की कोशिश में हूं. इस बीच कुछ कारणों से मीडिया डाक्टर चिट्ठे के पुनरवलोकन का अवसर मिला तो मैं दंग रह गया. 

 

यह मैं ने बहुत पहले ही नोट किया था कि डा. ...</description>
		<link>http://sarathi.info/archives/1245</link>
			</item>
	<item>
		<title>हार की जीत !!</title>
		<description>  

आज मन एकदम तरोताजा है अत:  एकदम व्यक्तिगत विषय पर लिखना चाहता हूँ. मेरे पेशाई सफलता के कारण कुछ लोग पिछले दो महीने से मुझे बहुत अधिक परेशान कर रहे थे. इनके वारों से बचने के लिये मुझे काफी समय बर्बाद करना पडा एवं सारा लेखन बंद ...</description>
		<link>http://sarathi.info/archives/1243</link>
			</item>
	<item>
		<title>यह क्या हो सकता है?</title>
		<description>      दिखने में तो यह रेलगाडी की पटरी लगती है, लेकिन यह है क्या. खिलौना रेल तो नहीं? इस बार ग्वालियर के आसपास एतिहासिक छायाचित्र खीचते समय मेरे सहायक उपाचार्य जिजो को तो यकीन नहीं हुआ कि यह सच है.  जी हां किसी जमाने ...</description>
		<link>http://sarathi.info/archives/1236</link>
			</item>
	<item>
		<title>चिट्ठाकारी एवं ककनमठ</title>
		<description>  

 

भुवनेश, शास्त्री, डा. महेश प्रकाश. भुवनेश के घर के सामने

जैसे ही मैं ने पुरातत्व संबंधी बहुत ही महत्वपूर्ण "ककनमठ" जाने की इच्छा के बारे में सारथी में लिखा, उसी समय हिन्दी पन्ना के भुवनेश ने मुझे ईपत्र लिख कर एवं दूरभाष द्वारा ककनमठ एवं उसके लगभग 60 ...</description>
		<link>http://sarathi.info/archives/1233</link>
			</item>
	<item>
		<title>आज भी ऐसे लोग हैं!</title>
		<description>  

 

ग्वालियर यात्रा के दौरान मैं एक डाकटिकट/सिक्का प्रदर्शनी में गया जहां हजारों साल पुराने भारतीय सिक्के प्रदर्शन के लिये रखे गये थे.

संयोग से, कुछ समय पहले पुरातत्व अध्ययन के कारण  इस विषय में भी मेरी रुचि जागृत हो चुकी है एवं http://www.CoinsEncyclopedia.Com  पर मेरे सहयोग ...</description>
		<link>http://sarathi.info/archives/1228</link>
			</item>
	<item>
		<title>ईपुस्तक छापें, हजारों मन जीतें!</title>
		<description>  

जैसा मैं ने अपने पिछले लेख में कहा था, अर्थलाभ की इच्छा त्याग दें तो आप की पुस्तक असानी से हजारों या लाखों लोगों तक पहुँच सकती है. इसके लिये सबसे अच्छा तरीका है ईपुस्तक के रूप में अपनी पुस्तक को प्रकाशित करना.

ईपुस्तक का मतलब है पुस्तकें जो ...</description>
		<link>http://sarathi.info/archives/1225</link>
			</item>
	<item>
		<title>आपकी किताब छापेगा कौन??</title>
		<description>  

बहुत से लोग हैं जो किताबें लिख सकते हैं, एवं जो लिखना भी चाहते है. लेकिन वे एक बात पर आकर अटक जाते हैं. सवाल यह है कि उनकी किताब कौन छापेगा. हिन्दीजगत में तो यह समस्या बहुत विकराल है क्योंकि लेखकों के अनुपात में प्रकाशक नहीं हैं, ...</description>
		<link>http://sarathi.info/archives/1224</link>
			</item>
</channel>
</rss>
