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	<title>सारथी</title>
	<link>http://sarathi.info</link>
	<description>हिन्दी, हिन्दुस्तान एवं ईसा के चरणसेवक शास्त्री फिलिप का बौद्धिक शास्त्रार्थ चिट्ठा!! (2009 का औसत:  600,000 हिटस प्रति महीने!!)</description>
	<lastBuildDate>Thu, 11 Mar 2010 14:54:39 +0000</lastBuildDate>
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		<title>जनतंत्र: हम कभी न सुधरेंगे!</title>
		<description><![CDATA[पिछले दिनों महिलाओं के लिये आरक्षण के मुद्दे पर जिस तरह हमारे कई राजनीतिज्ञों ने हिंसा का प्रदर्शन किया उसे देख हम सब को समझ लेना चाहिये कि फिलहाल हम सुधरने वाले नहीं हैं। कारण यह है कि जब जनता-की-सरकार बनती है तब यदि आदर्शों से प्रेरित लोग सत्ता की कुर्सी नहीं सभालते तो फिर [...]]]></description>
		<link>http://sarathi.info/archives/2631</link>
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		<title>सारथी नाम बदल लें !!</title>
		<description><![CDATA[आज एक इष्ट मित्र ने चलभाष पर बुला कर उलाहना दिया कि कैसे सारथी हो कि कु्छ लिखतेपढते नहीं हो। आभार उस मित्र का जिन्होंने मुझे सोते से जगा दिया। दर असल एक महीने पहले संगणक और आपरेटिंग सिस्टम बदला और विन्डोज 7 का उपयोग करने लगा तो मेरा इष्ट “केफे हिन्दी” गडबड करने लगा [...]]]></description>
		<link>http://sarathi.info/archives/2624</link>
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		<title>गूगल विज्ञापन और हिंदी चिट्ठे</title>
		<description><![CDATA[आज एक मित्र का ईपत्र आया कि उन्होंने गूगल एडसेंस के लिए अप्लाई किया लेकिन गूगल ने उसे निरस्त कर दिया. गूगल के पत्र में उन्होंने कहा है कि वे हिंदी चिट्ठों के लिए विज्ञापन स्वीकार नहीं करते. मित्र जाना चाहते थे कि ऐसा क्यों हुआ जबकि एक साला पहले गूगल हिंदी चिट्ठों को स्वीकार [...]]]></description>
		<link>http://sarathi.info/archives/2623</link>
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		<title>दुर्घटना: कौन जिम्मेदार है?</title>
		<description><![CDATA[ 
मेरे घर के पास ही है राजमार्ग 47, जिस पर हर महीने मैं 1000 से 3000 किलोमीटर की सफारी करता हूँ. अधिकतर अपनी कार में, लेकिन कई बार गैरों की गाडी में. एक औसत यात्रा 100 से 400 किलोमीटर की होती है. 4-लेन के इस राजमार्ग पर यात्रा सामान्यतया सुखद होती है, लेकिन एक [...]]]></description>
		<link>http://sarathi.info/archives/2621</link>
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		<title>डॉ अरविंद &#8212; बड़े बड़ों की बातें!</title>
		<description><![CDATA[मेरे कल के आलेख मसिजीवी का एक प्रश्न!&#160; पर डॉ अरविंद मिश्रा ने टिपियाया: 
बड़े बड़ों की बातें!

तीन शब्द ही सही, लेकिन इस टिप्पणी को पढ कर बढा अच्छा लगा. अच्छा इसलिये कि डॉ अरविंद बहुत ही सुलझे हुए व्यक्ति हैं एवं सुलझे हुए चिट्ठाकार हैं. वे अधिकतर वैज्ञानिक विषयों पर लिखते हैं, और इस [...]]]></description>
		<link>http://sarathi.info/archives/2610</link>
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		<title>मसिजीवी का एक प्रश्न!</title>
		<description><![CDATA[ मेरे पिछले आलेख पाबला जी से हुआ अपराध बहुत बडा? पर काफी सार्थक टिप्पणियां आई हैं जिनके लिये मैं अपने चिट्ठामित्रों का आभारी हूँ. इन में से एक टिप्पणी पर जरूर कुछ कहना चाहूँगा जो मेरे मित्र मसिजीवी से मिली है. 
(मसिजीवी) चर्चा के लिए अनंत विकल्‍प थे फिर चिट्ठाचर्चा ही क्‍यों ? उत्‍तर [...]]]></description>
		<link>http://sarathi.info/archives/2608</link>
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		<title>पाबला जी से हुआ अपराध बहुत बडा?</title>
		<description><![CDATA[आज एक लंबे अरसे के बाद चिट्ठाजगत में वापस आया तो लगा कि घमासान अभी भी खतम नहीं हुआ है. कल कोई विषय था आज कुछ और है. इन में सब से आखिर में दिखाई दिया पाबला जी के विरुद्ध हो रहा घमासान जिस में उनको “बागी” (साईबर स्क्वेटर) घोषित कर दिया गया है. पाबला-विरोधी [...]]]></description>
		<link>http://sarathi.info/archives/2605</link>
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		<title>निमंत्रण: शास्त्री परिवार!</title>
		<description><![CDATA[ 
मेरे बेटे आनंद का कुमारी अर्पिता के साथ 
शुभ विवाह (23 जनवरी 2010) पर सारथी 
के सारे मित्रों का स्वागत है.

&#160;
विवाह स्थल: भारतमाता 
कालेज, त्रिक्ककारा, एर्नाकुलम
समय: 23 जनवरी 2010, प्रात: 11 बजे

सस्नेह &#8212; शास्त्री परिवार
]]></description>
		<link>http://sarathi.info/archives/2601</link>
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		<title>ईसा जयंती: शुभ कामनायें!!</title>
		<description><![CDATA[&#160;
ईसा-जयंती के इस पावन पर्व पर    आप सब को ईश्वर की असीम आशिष प्राप्त हो!
&#160;
राजमहलों में जन्म लेने के बदले जिस तरह से      प्रभु ईसा ने एक गरीब के घर में      और वह भी अपने मांबाप की यात्रा के 
दौरान एक गौशाले [...]]]></description>
		<link>http://sarathi.info/archives/2596</link>
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		<title>ज्ञान जी का प्रस्ताव और धन!</title>
		<description><![CDATA[मेरे कल के आलेख प्राचीन भारत में आर्थिक विषमता नहीं थी! पर टिपियाते समय ज्ञानदत्त जी ने एक आश्चर्यजनक बात कह दी जो इस प्रकार है:
मनुष्य समान बन नहीं सकता। पूंजी को आप समान बांट भी दें तो वह कालान्तर में पुन: वही असमान बंट जायेगी।&#160; [ज्ञानदत्त पाण्डेय]

इसे पढते ही मुझे एक गणना/परीक्षण याद आया [...]]]></description>
		<link>http://sarathi.info/archives/2593</link>
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		<title>प्राचीन भारत में आर्थिक विषमता नहीं थी!</title>
		<description><![CDATA[मेरे कल के आलेख&#160; एक झूठ जिसे हर कोई सच मानता है!! पर दिनेश जी ने टिपियाया:
यह कह कर नहीं टाला जा सकता कि विषमता इतनी अधिक नहीं थी। समाज में जब से संपत्ति का संचय आरंभ हुआ है तब से विषमता है। एक समय वह था जब दास हुआ करते थे। यह विषमता का [...]]]></description>
		<link>http://sarathi.info/archives/2592</link>
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		<title>एक झूठ जिसे हर कोई सच मानता है!!</title>
		<description><![CDATA[ 
चित्र: केरल के राजाओं का सोने का एक सिक्का
मेरे पिछले आलेख सोने की चिडिया भारत: सच या गप? में मैं ने प्राचीन भारतीय सिक्कों के आधार पर यह प्रस्ताव रखा था कि&#160; भारत एक समृद्ध देश था जिस कारण लगभग 3000 साल तक यह विदेशी व्यापारियों को आकर्षित करता रहा. मैं ने यह भी [...]]]></description>
		<link>http://sarathi.info/archives/2589</link>
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		<title>सोने की चिडिया भारत: सच या गप?</title>
		<description><![CDATA[ बचपन में बडे उत्साह से हम लोग गाते थे “मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती”. हमारे अध्यापक लोग बताते थे कि किसी जमाने में हिन्दुस्तान को&#160; “सोने की चिडिया” कहा जाता था. 
अंग्रेजों के राज (और सफल ब्रेनवाशिंग) के साथ साथ राष्ट्र के प्रति&#160; हमारा गर्व ऐसा गायब हुआ कि भारत [...]]]></description>
		<link>http://sarathi.info/archives/2583</link>
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		<title>100 रुपये में मुफ्त खाना??</title>
		<description><![CDATA[ कल दोपहर को एक भिखारी आया जिसे मैं ने दो रुपये दिये. उसने झुक कर ऐसा प्रणाम किया जैसे मैं ने सारी दुनियां उसकी झोली में डाल दी हो. भीख को अपना हक मानने के बदले उसे एक एहसान मानने वाले भिखारियों को मैं काफी उत्सुकता से देखा करता हूँ. कल भी ऐसा ही [...]]]></description>
		<link>http://sarathi.info/archives/2580</link>
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		<title>लव जिहाद: क्या बला है यह?</title>
		<description><![CDATA[पिछले दिनोँ सुरेश चिपलूनकर ने इशारा किया था कि केरल मेँ एक नये प्रकार का जिहाद चल रहा है. समयाभाव के कारण अभी तक इस विषय पर लिख नहीँ पाया था. 
जैसा मैँ ने अपने आलेखोँ (केरल में धार्मिक संघर्ष !!, केरल में मुस्लिम-ईसाई संघर्ष??) में कहा था, धार्मिक मामलों में केरल हिन्दुस्तान का सबसे [...]]]></description>
		<link>http://sarathi.info/archives/2576</link>
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