फ्लेश-नोट: हिन्दी सक्षम सहायक 1

सारथी हिन्दी कार्यशाला

हम ने पिछले एक लेख में याद दिलाया था कि हिन्दी एवं हिन्दी भाषी लोग संगणकचिट्ठे आदि पर तभी छा सकेंगे जब इन माध्यमों पर हिन्दी में काम करना इतना आसान हो जाये कि उसे करना एक हिन्दीभाषी के लिये एक स्वाभाविक काम लगे. इसके लिये पहली जरूरत यह है कि अंग्रेजीहावी साफ्ट्वेयर जगत से ऐसे तंत्रांश ढूढे जायें जो हर तरह से हिन्दी सक्षम हो. इनकी सहायता से जाल पर एवं संगणक पर हमारी अंग्रेजी-निर्भरता कम होगी. दूसरी ओर वे लोग जाल पर आ सकेंगे जो अंग्रेजी में दक्ष नहीं है. कुल मिलाकर इसका परिणाम यह होगा कि हिन्दीजगत संगणक पर पूरे जोर शोर एवं शक्ति के साथ जाल/संगणक का उपयोग कर सकेगा.

इस लक्ष्य के साथ सारथी दिन रात विभिन्न तंत्रों की जांचपरख करके हिन्दी सक्षम तंत्रांशों का एक समूह तय्यार कर रहा है जो “सारथी हिन्दी कार्यशाला” नाम से जाना जायगा. बहुत जल्दी ही आप ये सारे तंत्रांश पीडीएफ हिन्दी-निर्देशिका सहित सारथी से अपने संगणक पर उतार सकते हैं. इस लक्ष्य के साथ हमारी पहली प्रस्तुति है, फ्लेश-नोट: हिन्दी सक्षम सहायक.

आवश्यक्ता: संगणक एवं जाल पर जो लोग नियमित रूप से कार्य करते हैं उनको कई बार एक ही जानकारी बार बार टंकित करना पडता है, या भरना पडता है. उदाहरण के लिये, ईपत्रों के अंत में अपना नाम हर बार टंकित करना पडता है. यदि संगणक का उपयोग व्यापार के लिये, आमदनी के लिये, सूचना प्रेषित करने के लिये, या बार बार एक ही प्रकार की जानकारी भेजने के लिये किया जाता है तो भी एक ही प्रकार के जानकारी या पत्र की पुनरावृत्ति होती है. इस तरह की जानकारी को हर बार टंकित करना समय की बर्बादी है. इसका एक हल यह है कि हर चीज को एक या भिन्न फायलों में एक बार टंकित करके रख लें एवं जरूरत पडने पर उसे नकलचिपका लिया जाये.

लेकिन इससे भी अच्छा एक तरीका है इस तरह की जानकारी को संगणक की स्मृति में रखा जाये एवं जरूरत पडने पर एक चालनकुजी कि सहायता से सामने लाकर तुरंत नकलचिपका दिया जाये. जब CTRL-A, CTRL-C, CTRL-V आदेश दिये जाते हैं तो यही होता है. जानकारी की एक नकल संगणक की स्मृति में बना कर उस नकल को फिर निर्दिष्ट स्थान पर चिपका दिया जाता है. इस तात्कालिक स्मृतिस्थान को “क्लिपबोर्ड” कहा जाता है, एवं जब तक वह जानकारी क्लिपबोर्ड में रहती है तब तक CTRL-V चटकाने पर उस जानकारी को निर्दिष्ट स्थान पर चिपका देता है. लेकिन जैसे ही अगली बार CTRL-A, CTRL-C चटकाया जाता है तो पिछली जानकारी क्लिपबोर्ड से मिट जाती है एवं नई जानकारी वहां पर आ जाती है.

क्लिपबोर्ड की इस अवधारणा का काफी उन्नत उपयोग है, क्लिपबोर्ड तंत्रांश जो अपने आप एक से अधिक क्लिपबोर्ड की सृष्टि करके संगणक उपभोक्ता को उन पर पूर्ण नियंत्रण देता है. इस कारण वह आसानी से हर तरह की जानकारी इन क्लिपबोर्डों में संग्रह करके रख सकता है एवं जरूरत पडने फायल आदि खोलने के झंझट के बिना से चुनी हुई जानकारी को मनोवांछित जगह तेजी से एवं फुर्ती से चिपका सकता है. इन क्लिपबोर्ड सहाईयों में सबसे उन्नत किस्म के हिन्दीसक्षम तंत्रांश काफी महंगे मिलते हैं लेकिन उनका एक छोटा भाई फ्लेशनोट मुफ्त है. यह सिर्फ 400 किलोबाईट का एक छोटा तंत्र है जो संगणक की स्मृति से एक छोटा सा हिस्सा ही अपने लिये लेता है.

स्थापित हो जाने के बाद फ्लेशनोट आपके संगणक पर आपकी सेवा के लिये हमेशा तय्यार रहता है. F001 चित्र में संगणक की कार्यपट्टी पर सफेद चोकौर पन्ने के समान जो दिख रहा है वह इसका सदा-तत्पर चिन्ह है. इसे चटकाईये, या चालनकुंजी को चटकाईये, आपका जिन्न-सेवक बोतल से बाहर आकर “पूर्ण रूप” धारण कर लेता है. उस पर विभिन्न कुंजियां चटकाकर आप विभिन्न कार्य कर सकते हैं. इन सारे कार्यों को अगले लेख में सचित्र देखेंगे. (बाईं बगलपट्टी पर इस तंत्र की कडी दी गई है)

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Author: Super_Admin

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