पिक्सल: यह क्या चक्कर है भईया !!

मैं कुछ दिन से चिट्ठों पर चित्र छोटे करने की जरूरत पर लिख रहा था. इन लेखों में "पिक्सल" शब्द का प्रयोग कई बार हुआ है एवं कई चिट्ठाकारों ने लिखा कि उन्हें समझ में नहीं आया कि यह बला क्या है.

BWPixels आप ने देखा होगा कि अखबारों में चित्र छोटे बिन्दुओं की सहायता से बने होते हैं. ये बिंदु जितने छोटे होंगे, चित्र उतना ही स्पष्ट होगा. सामान्यतया इनको डाट पर इंच (डीपीआई) माप से प्रदर्शित किया जाता है. ये बिन्दु जितने छोटे होंगे, उतने ही अधिक बिन्दु एक इंच में समा सकेंगे, जिसका मतलब यह है कि डीपीआई जितना अधिक होगा चित्र उतना ही स्पष्ट होगा. आजकल इंकजेट एवं लेसर प्रिंटर भी महीन बिन्दुओं की मदद से सब कुछ छापते हैं एवं आफसेट छपाई के लिये 600 से 2400 डीपीआई का प्रयोग होता है.

रंगीन छ्पाई में तीन रंगों के बिन्दुओं का प्रयोग होता है, एवं इन तीनों के प्रतिशत को कम/अधिक करके संपूर्ण सप्तरंग प्राप्त किया जाता है. यहां पर भी डीपीआई का प्रयोग होता है, एवं यह संख्या जितनी बडी होती है चित्र उतना ही स्पष्ट होता है.

Halftoningcolor संगणक के रंगीन पटल पर दिखने वाले चित्र भी इसी तरह तीन रंगों के बिन्दुओं से मिलकर बनते है. चूँकि ये बिन्दु चित्र बनाने के आधारभूत घटक हैं (पिक्चर एलिमेंट) अत: इनको पिक्सल या पिक्सेल कहा जाता है. सामान्यतया आपके संगणक का पटल 800 या 1024 आडे (चौडाई) में दिखा सकता है. इसका मतलब यह हुआ कि यदि स्केन किये गये या डिजिटल केमरा द्वारा लिये गये चित्र की चौडाई 1024 पिक्सल से अधिक हो तो चित्र पटल के बाहर चला जायगा. लेकिन चूंकि आपके चिट्ठे का किनारा, बगलपट्टियां आदि काफी जगह ले लेते हैं अत: सामान्य चिट्ठे 400 से 600 पिक्सल से अधिक जगह आपके लिये नहीं छोडते एवं सीमा के बाहर चले जायेंगे.

इसका मतलब हुआ कि आपका औसत चित्र 300 पिक्सल के आसपास चौडाई का होना चाहिये. इसके लिये दो तरीके हैं. पहला तो है कि आप अधिक पिक्सल का चित्र लेकर उसे 300 या कम पिक्सल साईज में दिखाने के लिये कोडिंग करें. विन्डोज लाईव राईटर इस तरह की कोडिंग आसानी से कर देता है एवं किसी भी पिक्सल साईज के चित्र को किसी भी साईज में दिखा देता है, जबकि चित्र का मूल साईज अनछुआ रहता है. नुक्सान यह है कि आपके एक लेख का कुल फाईल-साईज अनावश्यक रूप से बडा हो जाता है.

दूसरा तरीका यह है कि आप चित्र के अनावश्यक भागों को काट दें एवं बाकी बचे चित्र को किसी ग्राफिक्स तंत्र में खोल कर पिक्सल में उसकी चौडाई कम कर दें. इसके बाद उसी तंत्र की सहायता से चित्र के फाईलसाईज को जितना छोटा किया जा सकता है उतना छोटा कर दें. बस हो गया काम.

नोट: अच्‍छा ज्ञान है जो आपने दिया है । मैं स्‍वयं चूंकि ग्राफिक्‍स डिजायनिंग का कोर्स चलाता हूं इसलिये पता है कि ग्राफिक्‍स में चित्र और पिक्‍सल का क्‍या रिश्‍ता है । वैसे मैं बताना चा‍हता हूं कि जो लोग तस्‍वीरों को प्रकाशन करते हैं उनके लिये जरूरी है कि फोटाशाप जेसे साफ्टवेयर में इमेज को छोटा बड़ा करने और रोशनी को नियंत्रित करने जैसे छोटे काम सीख लें । इमेज साइज तो फोटोशाप के मीनू में इमेज आप्‍शन के अंतर्गत मिलने वाले इमेज आप्‍शन के द्वारा आसानी से हो जाता है । वहां पर आपको दोनों आप्‍शन मिलते हैं आप इमेज का साइज और उसमें पिक्‍सल की मात्रा ( रेसोल्‍यूशन) दोनों ही कंट्रोल कर सकते हैं वहां पर । फोटोशाप को लेकर तकनीकी जानकारी की जरूरत हो तो मुझे याद करें । मैं हाजिर हूं । पंकज सुबीर 

नोट 2: आपकी पिछले पोस्ट पर दिए गए लिंक से मैने photoFiltre डाउनलोड कर आज़माया और मुझे अब लग रहा है कि मैं फोटोशॉप जैसे भारी भरकम औजार को अपने कंप्यूटर से हटा दूं। फोटोशॉप पर जितने काम मुझे करने होते है  वह सब तो photoFiltre में भी संभव है। कहां करीब 300 एम बी का फोटोशॉप तो  कहां बमुश्किल पांच एम बी का photoFiltre. Sanjeet Tripathi

आपने चिट्ठे पर विदेशी हिन्दी पाठकों के अनवरत प्रवाह प्राप्त करने के लिये उसे आज ही हिन्दी चिट्ठों की अंग्रेजी दिग्दर्शिका चिट्ठालोक पर पंजीकृत करें. मेरे मुख्य चिट्टा सारथी एवं अन्य चिट्ठे तरंगें एवं इंडियन फोटोस पर भी पधारें. चिट्ठाजगत पर सम्बन्धित: विश्लेषण, आलोचना, सहीगलत, निरीक्षण, परीक्षण, सत्य-असत्य, विमर्श, हिन्दी, हिन्दुस्तान, भारत, शास्त्री, शास्त्री-फिलिप, सारथी, वीडियो, मुफ्त-वीडियो, ऑडियो, मुफ्त-आडियो, हिन्दी-पॉडकास्ट, पाडकास्ट, analysis, critique, assessment, evaluation, morality, right-wrong, ethics, hindi, india, free, hindi-video, hindi-audio, hindi-podcast, podcast, Shastri, Shastri-Philip, JC-Philip

Illustrations Courtesy of HalfTone

Share:

Author: Super_Admin

12 thoughts on “पिक्सल: यह क्या चक्कर है भईया !!

  1. शास्त्री जी,आप बहुत ही काम की बाते बता रहे है…जो हम जैसे लोगो के लिये जिन्होगे कम्प्यूटर पढ़ा ही नही है फ़ायदे की बात है…

  2. पिक्सल कम या ज्यादा करने के लिये मैं GIMP का प्रयोग करता हूं। यह ओपेन सोर्स प्रोग्राम है और सारे ऑपरेटिंग सिस्टम, जिसमें विन्डोज़ भी शामिल है, पर चलता है। यह करने के लिये चित्र को पहले GIMP में खोलें। फिर Image में जाकर Scale Image का विकल्प चुने।

  3. अच्‍छा ज्ञान है जो आपने दिया है । मैं स्‍वयं चूंकि ग्राफिक्‍स डिजायनिंग का कोर्स चलाता हूं इसलिये पता है कि ग्राफिक्‍स में चित्र और पिक्‍सल का क्‍या रिश्‍ता है । वैसे मैं बताना चा‍हता हूं कि जो लोग तस्‍वीरों को प्रकाशन करते हैं उनके लिये जरूरी है कि फोटाशाप जेसे साफ्टवेयर में इमेज को छोटा बड़ा करने और रोशनी को नियंत्रित करने जैसे छोटे काम सीख लें । इमेज साइज तो फोटोशाप के मीनू में इमेज आप्‍शन के अंतर्गत मिलने वाले इमेज आप्‍शन के द्वारा आसानी से हो जाता है । वहां पर आपको दोनों आप्‍शन मिलते हैं आप इमेज का साइज और उसमें पिक्‍सल की मात्रा ( रेसोल्‍यूशन) दोनों ही कंट्रोल कर सकते हैं वहां पर । फोटोशाप को लेकर तकनीकी जानकारी की जरूरत हो तो मुझे याद करें । मैं हाजिर हूं ।

  4. बहुत ही सुंदर तरीके से आपने इस सीरीज को स्पष्ट किया है. मुझे उम्मीद है कि पाठकों को सारी चीजें अप पूरी तरह से स्पष्ट हो गई होंगी.

  5. बहुत अच्छा ज्ञान बांट रहें हैं.. मेरे पास भी कुछ अच्छे कांटेंट हैं इससे संबंधित पर वो इतना अधिक टेक्निकल है कि मैं जानता हूं कि आम लोगों के समझ के बाहर का होगा..

  6. ज्ञानवर्धक!!
    शुक्रिया!!
    आपकी पिछले पोस्ट पर दिए गए लिंक से मैने photoFiltre डाउनलोड कर आज़माया और मुझे अब लग रहा है कि मैं फोटोशॉप जैसे भारी भरकम औजार को अपने कंप्यूटर से हटा दूं। फोटोशॉप पर जितने काम मुझे करने होते है वह सब तो photoFiltre में भी संभव है। कहां करीब 300 एम बी का फोटोशॉप तो कहां बमुश्किल पांच एम बी का photoFiltre

  7. बहुत ही सरल तरीके से आपने अच्छी जानकारी दी है। मैं इसका लिंक विकिपीडिया पर देने जा रहा हूँ।

  8. बहुत ही सुंदर और सरल तरीके से आपने इस “पिक्सल” शब्द को स्पष्ट किया है.

Leave a Reply to रवि Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *