स्वास्थ्य: मिट्टी के मोल 001

तीव्र शहरीकरण एवं पाश्चात्य शिक्षा व्यवस्था के कारण हम बहुत सारी उपयोगी एवं आम चीजों को तेजी से भूलते जा रहे हैं. इन भूलीबिसरी चीजों में से एक है “मिट्टी” और स्वास्थ्य में संबंध. मिट्टी और स्वास्थ्य का बहुत अधिक संबंध है, लेकिन इस आलेख में सिर्फ एक बात का उल्लेख करूगा.

सबसे पहले तो मुलतानी मिट्टी को ही ले लीजिये. किसी जमाने में जिस चीज से हर कोई परिचित था आज वह नई पीढी के लिये एक अनजान वस्तु हो गई है. मजे की बात यह है कि इस अज्ञान का भरपूर फायदा इस पीढी से ब्यूटी पार्लर वाले वसूल कर रहे हैं, खास कर महानगरों में, जहां मिट्टी के मोल बिकने वाली मुल्तानी मिट्टी के लेपन के लिये सोने के मोल पैसा खर्च करना पडता है.

सौभाग्य से अभी भी उत्तरभारत के बडे पंसारी, अत्तार, या परचूनी की दुकानों में मुलतानी मिट्टी मिल जाती है. कीमत कुछ बढ गई है लेकिन (ईमानदारी से कहा जाये तो अभी भी) सिर्फ मिट्टी का मोल् है. यह बालों के लिये, चेहेरे के लिये और सारे बाह्य शरीर के लिये (विभिन्न तरह लेपन द्वारा) अमृत के समान कार्य करता है. कुदरती चीज है अत: साईड इफेक्ट बिल्कुल नहीं होता.

केरल में मुलतानी मिट्टी सुलभ नहीं है, लेकिन मेरे मित्रगण जब मप्र/उप्र से आते हैं तो मैं एक डेला मंगवा लेता हूँ जिनका उपयोग बालों के लिये करता रहता हूँ. सारे शरीर पर भी लेपन चलता रहता है. कुदरती चीज का प्रयोग समय मांगता है, लेकिन फल स्थाई होता है.

जहां तक इसके उपयोग की बात है, किसी भी बडे बूढे से पूछ लीजिये. नहीं तो किसी भी स्वास्थ्य संबंधित किताब से देख लीजिये. उपयोग कई हैं, लाभ असीमित, कीमत मिट्टी के बराबर!

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Author: Super_Admin

14 thoughts on “स्वास्थ्य: मिट्टी के मोल 001

  1. मुलतानी मिट्टी पहले जमाने मे यह एक मात्र सोन्दर्य प्रसाधन के साथ साथ स्वास्थय कारक भी माना गया। पहले लोग अपने आसपास उत्पन्न प्रकृतिक वस्तुओ का उपयोग जीवन लाभ के लिऐ करते थे, वो भी मुम्फ्त मे। जैसे “एलोविरा” (गवार पाटा) आजकल बडी बडी कम्पनीया एवम जिन्दाल थैरेपी सैट्रर बैगलोर , या केरला स्वास्थय सैट्रर, यह सभी अब हजारो रुपऐ लेकर यह हमे स्वस्थ्य-सुन्दर-टिकाऊ नुस्खे हमे दे रही है जो मिलावटी केमिकल युक्त है । जिसे मै बिल्कुल भी समर्थन नही करता। मेरा सुझाव है जब भी आप पर्यटन के लिऐ जाऐ तो वहॉ कि मिट्टी मे पैदा हुई वस्तु घर लाकर रखे, उसे यूज करे। जैसे आप काश्मीर मे जाए तो एक कली कि लच्छुहन लेकर आऐ वह रोज खाने से reduces cholestrol होता खुन को पतला करने मे मदद करता है इत्यादि, तो हमारे देश कि मिट्टी मे वो सब है जहॉ हमे सुन्दरता, स्वास्थता, प्रसन्न्ता मिल सकती है। किन्तु उसके लिए हमे मन का विदेशी शोला उतर फैकना होगा।

    आभार

    हे प्रभु यह तेरापन्थ

    एवम

    मुम्बई टाईगर

    नमस्कार

  2. मुल्तानी मिटटी के बारे में सुना भर है. क्या वह मुल्तान से आती है. क्या इस मिटटी में पौधे उग सकते हैं. यहाँ एक बेगम की कब्र के आस पास ढेर सारी पड़ी है, उठा लाते हें. नहीं यह गलत होगा, भूत पकडेगा.

  3. सुब्रमनियम जी, यह मुल्तान से नहीं आती. हाँ इतना है की मुल्तान पाकिस्तान के इलाके में बहुतायत से पायी जाती है. यह हलके पीले रंग की एकदम चिकनी होती है और ढेले के रूप में मिलती है. इसमें सिलिका कम और लाइम स्टोन ज्यादा रहता है. उत्तर भारत में तो वाकई में यह २-४ रुपये किलो में आसानी से मिल जाती है. अयूर आदि कंपनिया इसे पैकेट बनाकर बेचती हैं ४० रुपये में २०० ग्राम. अगर इसे कूट कर हल्दी के साथ मिलकर प्रयोग किया जाए तो झाइयां व् मुहांसे दूर होते हैं और त्वचा कांतिमय बन जाती है.

  4. शास्त्री जी, अगले अंक में गंगा के किनारे के क्षेत्रों विशेषकर हरिद्वार में मिलने वाले मिट्टी के चन्दन के बारे में अवश्य बताइयेगा. मैंने इसे गुजरात के तटीय इलाकों में भी बिकता देखा है.

  5. बहुत बढिया लिखा आपने. हमारे घरों मे तो आज भी सप्ताह मे एक बार मुलतानी मिट्टी को दही मे मिलाकर बाल धने का रिवाज है. किसी भी कंडीशनर की ऐसी तैसी करता है ये फ़ार्मुला.

    रामराम.

  6. मुल्तानी मिट्टी सर्वश्रेष्ठ समझी जाती है। आयुर्वेद में अनेक उपचारों में शरीर पर इसके लेप का विधान है।

    बकिया
    हे प्रभु यह तेरा पथ के महावीर जी , पुनीत ओमर सहित आपको आभार!!

  7. मिट्टी और सेहत के सम्बन्ध को मानते हैं…डेड सी की मड तो कई रोगो में लाभकारी सिद्ध होती है… समुद्र के किनारे की काली मिट्टी का कई तरह की बीमारियों में पूरे शरीर पर लेप किया जाता है… मुलतानी मिट्टी तो हमने भी बहुत इस्तेमाल की है… खुशबू इतनी कि कभी कभी खाने का लोभ रोक नही पाते थे…

  8. What a thoght that led me to remember my childhood. Multani Mitti ko Pish Kar Raat ko Mitti Ke Bartan mein bhigo kar rakh Subah uska sevan karte the. It is a nice face wash, to start with in this summer the face after application will become dry, dont worry, Again apply water and after 15 minutes wash your face and see the results and secondly which I have tried the same cream of Multani Mitti is a good shampoo also. Apply on hairs and wash after 10-15 minutes and again see the shining of hairs..If feel good use it and pay regards and thanks to shastriji

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